ट्रिपल मर्डर का वांटेड 10 साल बाद गिरफ्तार, लोग आज तक नहीं भूले वो मंजर
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मेरठ के गुदड़ी बाजार में चर्चित ट्रिपल मर्डर के वांटेड शम्मी पुत्र जैनुल आबिदीन को दस साल बाद कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस पर 2011 में पांच हजार का इनाम घोषित हुआ था और वह महाराष्ट्र में छिपा हुआ था। शुक्रवार को परिजनों से मिलने आया तो पुलिस ने उसे दबोच लिया।
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला ने बताया कि 23 मई 2008 को सुनील ढाका निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि निवासी परीक्षितगढ़ और सुधीर उज्जवल निवासी सिरसली बागपत की हत्या हुई थी। इसमें शम्मी नामजद आरोपी था। मुख्य आरोपी हाजी इजलाल सहित 14 लोगों ने इस हत्याकांड को मिलकर अंजाम दिया था। शम्मी और माजिद वांछित चल रहे थे। दोनों पर 2011 में डीआईजी ने पांच-पांच हजार का इनाम रखा था।
इंस्पेक्टर कोतवाली यशवीर सिंह के मुताबिक पूछताछ में शम्मी ने बताया कि हत्या के बाद वह महाराष्ट्र भाग गया था और कई सालों से वहीं पर था। पुलिस ने उसके मकान की कुर्की भी कर दी थी। माजिद भी महाराष्ट्र में रहता है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
आज तक लोग नहीं भूले हत्याकांड
शहर में हुए इस ट्रिपल मर्डर को लोग आज तक नहीं भूले हैं। इसे लेकर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई थी। हालात को देखते कोतवाली इलाके में पीएसी, आरएएफ तैनात करनी पड़ी थी। हत्या का मुख्य आरोपी हाजी इजलाल, अफजाल, अब्दुलरहमान उर्फ कलुआ, इजहार, इसरार व मुन्नू तभी से जेल में बंद हैं। छह आरोपी जमानत पर बाहर हैं।
दस साल से चल रही कानूनी लड़ाई
हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिए मृतकों के परिजन दस साल से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। तीनों युवकों के शव बागपत में गंगनहर में फेंके गए थे। आरोपी जमानत पर छूटने के लिए सुप्रीमकोर्ट तक अर्जी लगा चुके हैं। लेकिन कोर्ट ने जमानत नहीं दी। हर तारीख पर पीड़ित परिवार व आरोपी कोर्ट में पेश होते हैं। करीब सभी की गवाही हो चुकी है। पुलिस वालों की गवाही चल रही है। मामले में जल्द फैसला आने की उम्मीद है।
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