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यूपी: साल्वर गैंग के फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला 'मास्टरमाइंड' गिरफ्तार, संदिग्ध सामग्री बरामद

Mon, 23 Jul 2018 10:29 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Updated Mon, 23 Jul 2018 10:29 AM IST
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UP: Cafe Director arrested for making fake basis card, revealing Salwar gang
मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। साल्वर गैंग के फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला 'मास्टरमाइंड' धरा गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। जानिए पूरा मामला।

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सहारनपुर कोतवाली पुलिस ने बागपत के अमीनगर सराय से साइबर कैफे संचालक को साल्वर गैंग के लिए फर्जी आधार कार्ड, पहचान पत्र बनाने के आरोप में गिरफ्तारी दर्शा दी है। पुलिस ने कैफे से संदिग्ध सामग्री बरामद कर कैफे को सील कर दिया है।
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गुरुवार रात नगर कोतवाली पुलिस की टीम ने बागपत के अमीनगर सराय में पाठक डॉट नेट नाम से चल रहे साइबर कैफे पर छापा मारा। पुलिस कैफे संचालक भवेंद्र पाठक को पकड़कर सहारनपुर ले आई। जहां पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। 
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एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि फर्जी आधार कार्ड एवं पहचान पत्र बनाने में भवेंद्र ही मास्टर माइंड था। इसने ही सफाई से प्रवेशपत्र पर फोटो बदल दिए थे। इसी के आधार पर 18 एवं 19 जून को हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में साल्वर गैंग ने सहारनपुर में लगभग 30 परीक्षार्थियों के बदले परीक्षा दी। भवेंद्र से पूछताछ करने के बाद पुलिस उससे कंप्यूटर एवं अन्य सामग्री बरामद करने के लिए उसे साथ लेकर अमीनगर सराय पहुंची। लेकिन वहां पुलिस के हाथ अधिक संदिग्ध सामान बरामद नहीं हो सका। पुलिस ने अमीनगर सराय में कैफे को सील कर दिया है।

कितने लोगों को दिए हैं फर्जी पहचान पत्र

UP: Cafe Director arrested for making fake basis card, revealing Salwar gang
फाइल फोटो

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साइबर कैफे से कितने लोगों को फर्जी पहचान पत्र और आधार कार्ड दिए गए हैं। इसकी जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि आसपास के गांव के लोगों की भी फर्जी आईडी बनाई गई है। 

यह था मामला       
सहारनपुर में 18 एवं 19 जून को पुलिस भर्ती परीक्षा हुई थी। जिसमें परीक्षार्थियों के स्थान पर साल्वर गैंग ने फर्जी आधार कार्ड, पहचान पत्र और प्रवेश पत्र में गड़बड़ी कर परीक्षा दी थी। पुलिस ने रेलवे रोड स्थित एक होटल पर छापा मारकर साल्वर गैंग के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 97 हजार रुपये की नगदी, 200  फर्जी आधार कार्ड, 233 परिचय पत्र, 13 मोबाइल फोन, बरामद किए थे।   

इन लोगों को पहले किया गया था गिरफ्तार 
शंकरपाल निवासी नंगला राठी थाना दौराला मेरठ, सिपाही बिजेंद्र कुमार निवासी अलीपुर मोरना, थाना हस्तिनापुर मेरठ, मनीष निवासी ग्राम कमाला थाना सिंघावली अहीर, बागपत, कपिल नागर निवासी गंगा नगर मेरठ, सचिन निवासी भिंडवारा, थाना मवाना मेरठ, सुबोध, रणधीर निवासी अलीपुर मोरना, थाना हस्तिनापुर मेरठ, राहुल निवासी अंचीकला थाना परीक्षितगढ़, पंकज निवासी ग्राम सिलोर, थाना किठोर मेरठ, सोहनपाल तथा सिपाही दीपक निवासी ग्राम पिनाई, थाना फलावदा, मेरठ।

सहायक अध्यापिका पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप

कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुराली के प्रधानाचार्य ने विभागीय अधिकारियों पर साठगांठ कर फर्जी अदेय प्रमाणपत्र के आधार पर अंतर्जनपदीय स्थानांतरित अध्यापिका को रिलीव करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह ने सीएम को भेजे शिकायती पत्र में अवगत कराया है कि उक्त विद्यालय में सहायक अध्यापिका कंचन का स्थानांतरण कुराली से गांव मल्हामाजरा के विद्यालय में हो गया था। इसके बाद उक्त अध्यापिका गत 19 मई को रिलीव होने के लिए अदेय प्रमाण पत्र लेने उनके पास आई थी। बताया कि उन्होंने अदेय प्रमाण पत्र में अपने विद्यालय में अध्यापिका द्वारा लिए गये 55 चिकित्सीय अवकाशों के अलावा मल्हामाजरा में लिए गये नौ मेडिकल अवकाशों सहित दो आकस्मिक अवकाशों की भी एंट्री कर दी।

आरोप है कि चिकित्सीय अवकाशों की एंट्री होने के बाद उक्त अध्यापिका भड़क गई तथा अदेय प्रमाणपत्र बिना हस्ताक्षर ही लेकर चली गई।  प्रधानाचार्य ने आरोप लगाया अध्यापिका ने उनकी फर्जी मुहर और हस्ताक्षर कर अदेय प्रमाण पत्र जमा करा दिया और रिलीव हो कर चली गई। उन्होंने इस संबंध में अफसरों को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बीईओ बृजमोहन का कहना था कि यदि प्रधानाध्यापक को लगता है, उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं तो वह पुलिस कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं।

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