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अब अंडरग्राउंड होगा घंटाघर नाला, ऊपर दौड़ेंगे वाहन, योजना तैयार
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Tue, 17 Jan 2017 12:21 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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घंटाघर और आसपास के इलाके को जाम से मुक्त करने की तैयारी है। इसके लिए घंटाघर से किशनपुरी तक नाले को अंडरग्राउंड किया जाएगा। जिसके बाद सड़क को चौड़ा कर उस पर वाहन दौड़ेंगे। यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी। जिसमें छतरी वाला पीर से ओडियन नाले तक का एरिया भी शामिल होगा। उसके बाद शहर के अन्य नालों को भी इसी तर्ज पर पाटा जाएगा।
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23.63 करोड़ का प्रोजेक्ट
छतरी वाले पीर से घंटाघर होते हुए ओडियन नाले से जोड़ने वाले नाले को अंडर ग्राउंड करने और उसके ऊपर डिवाइडर व सड़क बनाने का बजट 23.63 करोड़ रखा गया है। इसमें नालों को अंडरग्राउंड करने की जिम्मेदारी जल निगम को तो उसे पाटकर सड़क बनाने की जिम्मेदारी पीडब्लूडी को दी गई है। हालांकि चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद यानी अगली सरकार में ही यह कार्य शुरू हो पाएगा।
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अवैध निर्माण गिराए जाएंगे
छतरी वाला पीर से जिला अस्पताल, घंटाघर, किशनपुरी से गुजरने वाले नाले पर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाए जाएंगे। घंटाघर के पास तो नाले पर लोगों ने दुकान और मकान बना लिए हैं। ये सभी हटेंगे।
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यह होगा फायदा
अंडरग्राउंड नाला और सड़क चौड़ी होने पर डिवाइडर बनेगा। जिससे ट्रैफिक व्यवस्थित होने का असर पूरे शहर में असर दिखाई देगा। खासकर घंटाघर के आसपास के खैरनगर, लाला का बाजार, वैली बाजार, कोटला, सराफा बाजार, कागजी बाजार, कबाड़ी बाजार आदि में ट्रैफिक का लोड कम होगा।
पूरा बजट 459 करोड़ का
यह पूरा प्रोजेक्ट पूर्व में करीब 459 करोड़ रुपये का था। धन अधिक खर्च होने के चलते शहर विधायक के प्रस्ताव पर शासन ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में छतरीवाला पीर से ओडियन नाले को जोड़ने वाले नाले के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी।
एनओसी दे चुके
नगर निगम से एनओसी पिछले माह दे दी गई थी। नाले को अंडरग्राउंड करने और सड़क व डिवाइडर बनाने का काम जल निगम, पीडब्लूडी को करना है। -कुलभूषण वार्ष्णेय, चीफ इंजीनियर नगर निगम
चुनाव के बाद कराएंगे
चुनाव आचार संहिता से पहले ही दो माह पहले भेजे पायलट प्रोजेक्ट को सरकार ने स्वीकृत कर दिया था। आचार संहित लगने के कारण धन जारी नहीं हो सका। चुनाव के बाद शासन से बजट जारी कराकर काम शुरू कराया जाएगा। - डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, विधायक
जाम से मिलेगी निजात
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद जाम से छुटकारा मिलेगा, तो व्यापार में भी फायदा होगा। लेकिन अंडरग्राउंड नाले का निर्माण नई तकनीक से होना चाहिए। - विजय आनंद अग्रवाल, व्यापारी नेता