नलकूप ऑपरेटर के आउट पेपर के साथ 11 दबोचे, मेरठ एसटीएफ ने किया भंडाफोड़, परीक्षा स्थगित
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नलकूप ऑपरेटर का आउट हुआ पेपर मेरठ एसटीएफ ने बरामद कर 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से 14 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। परीक्षा के एक दिन पहले पेपर सोशल साइट पर वायरल होने पर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने चयन परीक्षा को स्थगित कर दिया। पकड़े गए आरोपियों से एसटीएफ पूछताछ करने में जुटी है। चर्चा है कि कहीं यह खेल राणा गैंग ने तो नहीं खेला। जानें कैसे चल रहा था ये खेल:-
सोशल मीडिया पर छाया रहा पेपर, आयोग बेखबर
आयोग की रविवार को प्रस्तावित नलकूप चालक चयन परीक्षा का पेपर लीक हो गया। आयोग ने राजधानी लखनऊ सहित आठ केंद्रों पर होने वाली प्रतियोगी परीक्षा स्थगित कर दी है। प्रकरण की जांच एसटीएफ को सौंपी है। आयोग जल्द परीक्षा की नई तिथि पर निर्णय करेगा। नलकूप चालक चयन परीक्षा के लिए आवेदन पिछली सरकार में लिए गए थे। 3,210 पदों के लिए दो लाख से अधिक आवेदन आए थे। नई सरकार में आयोग के पुनर्गठन के बाद इसकी चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला हुआ था। आयोग ने लखनऊ के साथ कानपुर, इलाहाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ, बरेली और आगरा में लिखित परीक्षा कराने का फैसला किया था। परीक्षा के लिए करीब 400 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और ट्रेजरी को प्रश्नपत्र भेज गए थे।
आयोग तैयारी में जुटा रहा, पेपर सोशल मीडिया पर छा गया
आयोग शनिवार को नलकूप चालक की रविवार की परीक्षा की तैयारी में जुटा था कि इसी बीच सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल हो गया। आयोग के अध्यक्ष सीबी पालीवाल ने बताया कि वायरल प्रश्नपत्र का मिलान कराया गया है। इसमें पेपर लीक होने की पुष्टि हुई है।
प्रिंटिंग प्रेस व ट्रेजरी पर निगाहें
आयोग ने रविवार को आने वाले प्रश्नपत्रों को परीक्षा वाले जिलों की ट्रेजरी में रखवाए थे। सूत्रों ने बताया कि अभी पेपर परीक्षा केंद्र पर नहीं भेजे गए थे। ऐसे में किसी जिले की ट्रेजरी या पेपर की छपाई करने वाले प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा पेपर लीक होने के अन्य माध्यमों को भी ध्यान में रखकर जांच कराई जा रही है।
पेपर बरामद, 11 दबोचे
एसटीएफ मेरठ ने नलकूप ऑपरेटर का आउट हुआ पेपर बरामद कर लिया। पुलिस ने 11 लोगाें को गिरफ्तार कर लिया। जिसमें आठ मेरठ के निवासी है, जबकि तीन बागपत व मुजफ्फरनगर के बताए है। एसटीएफ आठ लोगों से पूछताछ करने में जुटी है कि आखिर पेपर कहां से आया और किसको जाना था। आरोपियों में एक सरकारी शिक्षक बताया गया है जिसने पेपर सॉल्व किया। एसटीएफ के अनुसार यह शिक्षक मेरठ कॉलेज का छात्र रह चुका है।
राणा गैंग से तो नहीं जुड़े तार
एसटीएफ के मुताबिक परीक्षा आउट कराने वाले माफिया राणा गैंग का हाथ इस मामले में लग रहा है। पुलिस ने उसका पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला है। सवाल उठते हैं कि आखिर पेपर आउट कैसे हो गया। एक दिन पहले यह पेपर सोशल साइट पर वायरल किया गया। एसटीएफ इसकी जांच करने में जुटी है। सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह का कहना है कि जांच पड़ताल के बाद सही बातें सामने आएंगी।
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