{"_id":"675b4d415475c5da610910a4","slug":"to-learn-english-start-thinking-in-english-dr-rafat-meerut-news-c-72-1-mrt1063-125917-2024-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंग्रेजी सीखने के लिए अंग्रेजी में सोचना शुरू करें : डॉ. रफत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंग्रेजी सीखने के लिए अंग्रेजी में सोचना शुरू करें : डॉ. रफत
विज्ञापन
मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर और अंग्रेजी एवं विदेशी भाषाओं की प्रभारी डॉ. रफत खानम ने कहा कि अंग्रेजी के इच्छुक लोगों को अंग्रेजी में ही सोचना शुरू करना चाहिए। इससे वे बेहतर ढंग से अंग्रेजी सीख सकेंगे।
डॉ. खानम ने बृहस्पतिवार को विवि में इंगलिश स्किल डेवलपमेंट विषय पर आयोजित ऑनलाइन कार्यशाला में यह बात कही। उन्होंने कहा कि दिन-प्रतिदिन की बातचीत, सही उच्चारण, आत्म परिचय युक्तियां और संवादी इशारों पर ध्यान केंद्रित करके अभ्यास करना चाहिए। इस दौरान कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों को अंग्रेजी में काफी कुछ सीखने को मिला।
उन्होंने व्याख्यान की शुरुआत त्रुटिरहित अंग्रेजी कौशल विकसित करने पर जोर दिया। यह व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने 35 सामान्य शब्दों के उच्चारण साझा किए। इनका आमतौर पर गलत उच्चारण किया जाता है। उन्होंने अंग्रेजी में 75 सबसे आम दैनिक अभिव्यक्तियां भी साझा की, जिनका उपयोग प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक बातचीत में करना चाहिए।
विज्ञापन
प्रतिभागियों ने चैट बॉक्स संदेशों के माध्यम से ऐसे और सत्रों के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हमारी कमजोरी नहीं होनी चाहिए, अंग्रेजी न जानने के कारण हमें बेरोजगारी का सामना नहीं करना चाहिए। अंग्रेजी सिर्फ एक भाषा है और बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए हर किसी को इसे सीखना चाहिए। डीन फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड सोशल साइंसेज डॉ. सुधीर त्यागी ने कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यशाला से विद्यार्थियों को काफी मार्गदर्शन मिला है।
विज्ञापन
डॉ. खानम ने बृहस्पतिवार को विवि में इंगलिश स्किल डेवलपमेंट विषय पर आयोजित ऑनलाइन कार्यशाला में यह बात कही। उन्होंने कहा कि दिन-प्रतिदिन की बातचीत, सही उच्चारण, आत्म परिचय युक्तियां और संवादी इशारों पर ध्यान केंद्रित करके अभ्यास करना चाहिए। इस दौरान कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों को अंग्रेजी में काफी कुछ सीखने को मिला।
विज्ञापन
उन्होंने व्याख्यान की शुरुआत त्रुटिरहित अंग्रेजी कौशल विकसित करने पर जोर दिया। यह व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने 35 सामान्य शब्दों के उच्चारण साझा किए। इनका आमतौर पर गलत उच्चारण किया जाता है। उन्होंने अंग्रेजी में 75 सबसे आम दैनिक अभिव्यक्तियां भी साझा की, जिनका उपयोग प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक बातचीत में करना चाहिए।
विज्ञापन
प्रतिभागियों ने चैट बॉक्स संदेशों के माध्यम से ऐसे और सत्रों के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हमारी कमजोरी नहीं होनी चाहिए, अंग्रेजी न जानने के कारण हमें बेरोजगारी का सामना नहीं करना चाहिए। अंग्रेजी सिर्फ एक भाषा है और बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए हर किसी को इसे सीखना चाहिए। डीन फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड सोशल साइंसेज डॉ. सुधीर त्यागी ने कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यशाला से विद्यार्थियों को काफी मार्गदर्शन मिला है।