सर्दी का कहर जारी: सामान्य से 11 डिग्री कम रहा पारा, शीतलहर से कांपा शहर, पश्चिमी विक्षोभ बनने से बदलेगा मौसम
रविवार को भी दिन भर ऐसी ही ठंड रही। कई स्थानों पर दिन भर सूरज नहीं दिखाई दिया, जबकि कई जगह कुछ घंटे के लिए धूप खिली।
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कड़ाके की ठंड से अभी राहत मिलती नहीं दिख रही है। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 11 डिग्री ही कम है। पारा गिरने और शीतलहर चलने से शहर के लोग ठंड से कांपते रहे। सुबह के समय कोहरा छाया रहा तो दिनभर सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। ऐसे में सर्दी का सितम आने वाले दिनों में और बढ़ने वाला है। सुबह लोग घर से निकले तो बादल और कुछ जगहों पर हल्की बारिश रही। इसके बाद कोहरा छाया और दिनभर बादल रहे। धूप न निकलने से ठिठुरन बढ़ गई।
पाले का असर भी दिखाई देने लगा है। इसके चलते शरीर में गलन का अहसास हो रहा है। मौसम कार्यालय पर शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस ही रहा। न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह भी सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस कम था।
रविवार को भी दिन भर ऐसी ही ठंड रही। कई स्थानों पर दिन भर सूरज नहीं दिखाई दिया, जबकि कई जगह कुछ घंटे के लिए धूप खिली। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि अभी 48 घंटे तक ठंड से राहत के आसार नहीं है।
पश्चिमी विक्षोभ बनने से बदलेगा मौसम
कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि कहना है कि 16 और 18 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और मैदानी इलाकों में भी कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी की संभावना है। इस समय पहाड़ों में बर्फ गिर रही है। इसलिए सर्द हवाओं का असर बना हुआ है।
पाले से फसलों को नुकसान
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम आलू और सब्जी के लिए प्रतिकूल है। धूप न निकलने से आलू की फसल में ब्लाइट रोग आने की संभावना है। इसलिए किसानों को वैज्ञानिक सलाह के साथ फसलों का समय रहते उपचार कर लेना चाहिए।
पशुओं को ठंड से बचना जरूरी
कृषि विवि के वेटिनरी कॉलेज के डीन डॉ. राजबीर सिंह का कहना है कि ठंड से पशुओं को बचाना भी जरूरी है। पशु चिकित्सकों की सलाह से पौष्टिक आहार दिया जाए। उनके पीने के पानी का भी ध्यान रखना चाहिए। ठंडा पानी उन्हें नुकसान पहुंचा सकता हैए इसलिए नार्मल पानी ही पीने को देना चाहिए।