Study: कम उम्र में ही ‘बूढ़े’ हो रहे दांत, मेरठ मेडिकल में 10 हजार मरीजों पर हुए अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा
दांत के मरीजों का अवलोकन करने वाले टीम के प्रभारी दंत रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. रियाज अहमद ने बताया कि मेडिकल में अवलोकन में पता चला कि देहात के मरीजों में पायरिया ज्यादा निकल रहा है। शहर के मरीजों में कैविटी की समस्या है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दांत अगर स्वस्थ और सुंदर हैं तो इससे न सिर्फ मुस्कुराते हुए चेहरे की चमक बढ़ जाती है बल्कि यह सेहतमंद होने का भी संकेत देते हैं। दांतों की सफाई पर ध्यान न देने और अधिक फास्ट फूड खाने से कम उम्र में ही लोगों के दांत खराब हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में 10 हजार दंत रोगियों के अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। इनमें करीब 47 प्रतिशत युवा, किशोर और बच्चे थे।
सबसे ज्यादा मरीज दांतों में कैविटी (कीड़े लगना) और पायरिया के निकले। सही से सफाई न करने के कारण कैविटी बन रही है। पायरिया में दांत ढीले होकर हिलने लगते हैं। मसूड़ों से मवाद और रक्त निकलने लगता है। दांतों पर कड़ी पपड़ियां जम जाती हैं और मुंह से दुर्गंध आने लगती हैं।
करीब 15 प्रतिशत युवा पायरिया की चपेट में निकले। रात में मुंह में लार कम बनती है करीब आठ घंटे मुंह बंद रहता है। रात में ब्रश न करने से खाने के कण दांतों में बीच में फंसे रहते हैं, जिससे सड़न के साथ बैक्टीरिया पनपते हैं। यह बैक्टीरिया एसिड छोड़ते हैं, जिससे मसूड़े कमजोर हो जाते हैं। इसका कारण यह है कि दिन में व्यक्ति खाता है और पानी पीता है, बात करता है, जिससे बैक्टीरिया पनपने का खतरा कम रहता है।
यह भी पढ़ें: बड़ा खेल: सवालों के घेरे में लाइट एंड साउंड शो, 3.18 करोड़ खर्च हुए, 25 में से 21 लाइटें ठप, अफसर बोले-पहले हो ऑडिट
यह बीमारियां निकलीं
- दांतों में गंदगी जमा होना
- पायरिया
- मसूडों में बदबू आना
- पस पड़ जाना
- मसूड़ों में खून आना
- मुंह में दुर्गंध
- बच्चों में टॉफी-चॉकलेट ज्यादा खाने के कारण दांत खराब हो जाना
देहात वाले पायरिया, शहर वाले कैविटी से परेशान
अवलोकन करने वाले टीम के प्रभारी दंत रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. रियाज अहमद ने बताया कि मेडिकल में अवलोकन में पता चला कि देहात के मरीजों में पायरिया ज्यादा निकल रहा है। शहर के मरीजों में कैविटी की समस्या है। गांव में ब्रश करने का चलन कम है, जिससे वह पायरिया से पीड़ित हैं जबकि शहर में फास्ट फूड का अधिक चलन है।
सोते समय दांतों की सफाई ज्यादा जरूरी
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ प्रीति तोमर ने बताया कि जो पदार्थ खाने के दौरान दातों पर चिपकते हैं वह सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। एक साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के दांत भी सॉफ्ट ब्रश से जरूर साफ करने चाहिए।
दूध पिलाने के बाद भी मुंह की ठीक से सफाई करनी चाहिए, जिससे दांतों में बैक्टीरिया पनपने का खतरा करीब 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। सुबह और रात दोनों समय दांतों में ब्रश करना चाहिए। सुबह से ज्यादा शाम को ब्रश करना ज्यादा फायदेमंद है। इससे दांत मजबूत होते हैं। इससे पायरिया और दांतों में कीड़े लगने से निजात मिलती है।