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यूपी: ऑनलाइन होंगे टीबी के मरीज, देशभर में कहीं भी करा सकेंगे इलाज

Sun, 14 Jul 2019 01:00 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 14 Jul 2019 01:00 PM IST
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TB patients will be available online, can take treatment anywhere in the country
प्रतीकात्मक तस्वीर
टीबी यानी ट्यूबरक्लोसिस के मरीज अब देश भर में कहीं भी इलाज करा सकेंगे। दरअसल ऐसे मरीजों की अब डिजिटल आईडी बनाई जा रही है। इसके लिए निक्षय पोर्टल वर्जन-2 शुरू किया गया है। इसमें जहां मरीजों का ब्योरा अपडेट रहेगा, तो उनकी बैंक डिटेल भी रहेगी। डिजिटल आईडी होने की वजह से वह देश में कहीं भी (जहां टीबी के इलाज की सुविधा है) इलाज करा सकते हैं। यही नहीं सरकार भी हर मरीज पर नजर रखेगी।
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निक्षय पोर्टल वर्जन-2 में मरीजों की पहचान का तरीका बिल्कुल अलग रखा गया है। इसके तहत मरीज को सात अंकों वाली डिजिटल आईडी दी गई है। इस आईडी के जरिए देश के किसी भी कोने में बैठकर मरीजों के बारे में जानकारी की जा सकती है। सेंट्रल टीबी डिवीजन से जुड़े होने के कारण टीबी मरीज की 11 सूचनाएं ऑनलाइन होंगी। वहीं, मरीजों के इलाज की स्थिति को भी आसानी से पता किया जा सकता है।
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24 सेंटरों पर जांच केंद्रa
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि टीबी विभाग ने रिवाइज्ड नेशनल ट्यूबरक्लोसिस कंट्रोल प्रोग्राम (आरएनटीसीपी) के तहत सभी 24 अर्बन हेल्थ सेंटरों पर नए टीबी जांच केंद्र खोलने की कवायद शुरू की है, जिनमें से सात केंद्रों पर जांच शुरू हो गई है। यहां पहले से ही सेटअप है इसलिए इन स्थानों पर रिनोवेशन कराया जा रहा है। 

छह साल में 40822 मरीज 
वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य है। लेकिन टीबी को तब तक खत्म नहीं किया जा सकता है, जब तक कि टीबी के सभी मरीज इसकी जांच कराकर पूरा इलाज न कराएं। दरअसल टीबी का एक मरीज अगर साल भर इलाज नहीं कराता है तो वह 10 से 12 लोगों को टीबी का मरीज बना सकता है। पिछले छह साल में 40822 मरीज मिले हैं।

ये सूचनाएं होंगी ऑनलाइन
टीबी के मरीजों के बारे में उनका नाम, पता, उम्र, कब से बीमारी है, लक्षण क्या हैं, कहां से (किसी अस्पताल से) किस तरह का उपचार चल रहा है, मरीज को पोषण भत्ता मिल रहा है या नहीं आदि 11 तरह की सूचनाएं अब ऑनलाइन होंगी। यानी अगर मेरठ का टीबी मरीज किसी दूसरे शहर या राज्य में इलाज कराता है तो उसके बारे में पूरी जानकारी होगी।

छह जिलों से जुड़ेगी लैब
मेडिकल कॉलेज में खुली टीबी जांच लैब को जल्द ही छह जिलों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए विभाग ने शासन को पत्र भी लिखा है। इन जिलों में मेरठ के अलावा सहारनपुर, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और हापुड़ शामिल हैं। लैब में अभी सैंपलों की जांच की जा रही हैं, जिनकी रिपोर्ट आगरा लैब भेजी जाती है। दोनों ही लैब की रिपोर्ट का मिलान कराया जाएगा, जब एक जैसी रिपोर्ट आएंगी तो यहां जांच शुरू हो जाएगी। 

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