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स्वाइन फ्लू ने सबसे ज्यादा मासूमों पर किया ‘हमला’

Thu, 04 Jan 2018 11:31 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 04 Jan 2018 11:31 AM IST
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swine flew ne sabse jyaada maasoomo par humla
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

स्वाइन फ्लू ने इस बार सबसे ज्यादा ‘हमला’ पांच साल तक केबच्चों पर बोला। इसकी वजह यह रही कि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिस कारण स्वाइन फ्लू ने इन्हें चपेट में लिया। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की अवलोकन रिपोर्ट में हुआ है, जो शासन को भेज दी गई है।

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यह अवलोकन (ओवरव्यू) रिपोर्ट मेरठ में मिले स्वाइन फ्लू के396 मरीजों पर की गई है। इनमें बच्चों समेत 224 पुरुष और बच्चियों समेत 172 महिलाएं स्वाइन फ्लूू की चपेट में आए। पुरुष वर्ग का प्रतिशत 56.7 प्रतिशत रहा और महिला वर्ग का 43.3 प्रतिशत। स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा हमला बच्चों पर हुआ। दस साल तक के 102 बच्चे स्वाइन फ्लू की चपेट में आये। इनका प्रतिशत करीब 26 रहा। इनमें 78 बच्चे तो ऐसे थे, जिनकी उम्र पांच साल से कम की थी। 
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इसके बाद 75 वे हैं, जिनकी उम्र 21 से 30 साल के बीच है, इन्हें स्वाइन फ्लू होने की वजह यह मानी गई कि इन्होंने स्वाइन फ्लू केसीजन में सावधानी नहीं बरती और स्वाइन फ्लू मरीज केसंपर्क में आकर बीमार हो गए। इनका प्रतिशत करीब 19 रहा। स्वाइन फ्लू से 21 लोगों की मौत हुई, जिनमें 13 महिलाएं थीं। रिपोर्ट केमुताबिक, जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें अधिकांश हाई रिस्क जोन में थे। मसलन, या तो वे गर्भवती महिलाएं थीं, या फिर प्रसूताएं जो बच्चों को दूध पिला रही थीं। ऐसी महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिस कारण वे जल्दी इसकी चपेट में आती हैं और उबर नहीं पाती हैं। इनकेअलावा ज्यादातर पुरुष हेपेटाइटिस, टायफाइड या अन्य किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित थे, वे स्वाइन फ्लू से उबर नहीं पाए। अमूमन स्वाइन फ्लू का सीजन दिसंबर से फरवरी तक माना जाता है, मगर इस बार यह जुलाई से सितंबर तक सबसे ज्यादा रहा। इन तीन महीनों में एक-दो दिन को अपवाद स्वरूप छोड़ दिया जाए तो लगभग हर रोज स्वाइन फ्लूू के मरीज मिले हैं।
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इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार का कहना है कि स्वाइन फ्लू का प्रकोप ज्यादा जुलाई से सितंबर तक रहा। इसकी पड़ताल कराकर यह रिपोर्ट तैयार कराई गई है, ताकि बीमारी के बारे में सारी जानकारी स्वास्थ्य विभाग और शासन केपास रहे।

क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू इन्फलुएंजा टाइप-ए वायरस से फैलने वाली बीमारी है, जो मूलत: शूकरों से मनुष्य जाति में फैलती है। सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द, रक्तचाप में गिरावट, थूक और बलगम में खून और नाखून नीले पड़ने लगें तो तुरंत स्वाइन फ्लू की जांच कराएं। ऐसी स्थिति में तुरंत स्वाइन फ्लू की दवाई ऑसल्टामिविर की आवश्यकता है।


स्वाइन फ्लू : किस उम्र के कितने रोगी
उम्र         पुरुष     महिला    कुल   

0-5         48        30       78     
6-10        17        07       24     
11-20      18         12       30     
21-30      34         41       75     
31-40      35         22       57     
41-50      30         27       57     
51-60      26         20       46    
61-70      12         13       25    
71-80      04         00       04     

बाहर से लेकर आए थे 46 मरीज
रिपोर्ट में बताया गया है कि 46 मरीज ऐसे थे, जो स्वाइन फ्लू बाहर से लेकर आए थे, यानि वे जिले से बाहर किसी ठंडी जगह पर गए, जहां उन्हें स्वाइन फ्लू हो गया। इनके अलावा 340 ऐसे थे, जो बाहर नहीं गए थे, इनमें पांच महिलाएं ऐसी थीं जो गर्भवती थीं।

शहरी आए ज्यादा चपेट में
स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वाले सबसे ज्यादा शहरी लोग रहे। 70.89 प्रतिशत शहरी और 29.11 देहात के लोगों को स्वाइन फ्लू हुआ।

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