फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Smuggling or disorientation: Leopard caught, left questions, department does not have answer

तस्करी या भटकाव: पकड़ में आया तेंदुआ छोड़ गया बड़े सवाल, विभाग के पास नहीं ठोस जवाब 

Mon, 07 Mar 2022 02:59 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 07 Mar 2022 02:59 PM IST
सार

तेंदुआ शुक्रवार को पल्लवपुरम फेज के दो क्यू पाकेट में आभा शर्मा के घर में घुसा था। तेंदुए को वन विभाग ने पकड़ने के बाद भले ही शिवालिक के जंगलों में छोड़ दिया हो पर पूरे सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जिनका जवाब वन विभाग के पास भी नहीं है। 
 

विज्ञापन
Smuggling or disorientation: Leopard caught, left questions, department does not have answer
Leopard in meerut - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर की पॉश कॉलोनी पल्लवपुरम फेज-2 में शुक्रवार की सुबह घुसा तेंदुआ पकड़ने के बाद भले ही शिवालिक के जंगलों में छोड़ दिया गया हो पर पूरे सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। तेंदुआ कहां से आया इस सवाल का भी कोई ठोस जवाब विभाग के नहीं है। मेरठ में एक बार अंतरराष्ट्रीय शूटर प्रशांत विश्नोई के यहां बड़े पैमाने पर वन्य जीवों की खाल मिली थी। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि तेंदुओं की आमद से तस्करों का भी लिंक हो सकता है। 

विज्ञापन


शहर में पहले भी कई तेंदुए आए पर वन विभाग के पास स्थानीय स्तर पर न बेहतर ट्रैंकुलाइजर गन है और न ही विशेषज्ञ पहले मेरठ में 2014 में सदर क्षेत्र में लकडी की टाल में तेंदुआ मिला था उस समय भी यह माना जा रहा था की लकडी के ट्रक पर भी आ सकता है। 2016 में मेरठ कैंट इलाके में फिर से तेंदुआ आया पर कैसे आया इसका ठीक से पता नहीं लगाया गया।
विज्ञापन

  
तेंदुए का नाम आते ही लगता है डर : तेंदुआ शुक्रवार को पल्लवपुरम फेज के दो क्यू पाकेट में आभा शर्मा के घर में घुसा था। आभा कहती हैं कि भगवान करे अब कभी तेंदुआ यहां न आए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बढ़ रही तेंदुओं की संख्या, देश में 14 हजार तेंदुए
दिसंबर 2021 में जारी हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में 2018 में देश में 12852 तेंदुए मौजूद थे। मध्य प्रदेश तेंदुए की आबादी में देश में पहले स्थान पर है। यहां 3421 तेंदुए हैं। कर्नाटक में 1783, महाराष्ट्र में 1690 तेंदुए हैं। हिमालय स्थित शिवालिक की पहाड़ियों और गंगा के मैदानी इलाकों में साढ़े 12 सौ से ज्यादा तेंदुए हैं। 

यह भी पढ़ें: ईवीएम की निगरानी: दूरबीन लेकर पहुंचे सपा प्रत्याशी योगेश वर्मा, बोले- भाजपा नेता कुछ भी कर सकते हैं, इसलिए रख रहे पैनी नजर

बेवजह इंसान पर हमला नहीं करता तेंदुआ
वन्य जीव विशेषज्ञ जीएस खुशालिया बताते हैं कि तेंदुए किसी भी तरह के माहौल में खुद को ढालने में सक्षम होते हैं इसलिए इनकी आबादी देश के कमोबेश सभी इलाके में पाई जाती है। ये अपनी इस खूबी की वजह से इंसानी आबादी वाले इलाकों में भी रह लेते हैं। तेंदुए की संख्या बढ़ना बेहद अच्छी बात है। इस वजह से उसका मूवमेंट भी बढ़ रहा है। अगर वह कहीं दिखता है तो वहां से हट जाएं। वन विभाग के अफसरों को जानकारी दें। तेंदुआ बेवजह इंसानों पर हमला नहीं करता है।

शहर की पॉश कॉलोनी पल्लवपुरम फेज-2 में शुक्रवार की सुबह घुसा तेंदुआ पकड़ने के बाद भले ही शिवालिक के जंगलों में छोड़ दिया गया हो पर पूरे सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। तेंदुआ कहां से आया इस सवाल का भी कोई ठोस जवाब विभाग के नहीं है। मेरठ में एक बार अंतरराष्ट्रीय शूटर प्रशांत विश्नोई के यहां बड़े पैमाने पर वन्य जीवों की खाल मिली थी। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि तेंदुओं की आमद से तस्करों का भी लिंक हो सकता है। 

शहर में पहले भी कई तेंदुए आए पर वन विभाग के पास स्थानीय स्तर पर न बेहतर ट्रैंकुलाइजर गन है और न ही विशेषज्ञ पहले मेरठ में 2014 में सदर क्षेत्र में लकडी की टाल में तेंदुआ मिला था उस समय भी यह माना जा रहा था की लकडी के ट्रक पर भी आ सकता है। 2016 में मेरठ कैंट इलाके में फिर से तेंदुआ आया पर कैसे आया इसका ठीक से पता नहीं लगाया गया।

तेंदुए का नाम आते ही लगता है डर : तेंदुआ शुक्रवार को पल्लवपुरम फेज के दो क्यू पाकेट में आभा शर्मा के घर में घुसा था। आभा कहती हैं कि भगवान करे अब कभी तेंदुआ यहां न आए। 

बढ़ रही तेंदुओं की संख्या, देश में 14 हजार तेंदुए
दिसंबर 2021 में जारी हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में 2018 में देश में 12852 तेंदुए मौजूद थे। मध्य प्रदेश तेंदुए की आबादी में देश में पहले स्थान पर है। यहां 3421 तेंदुए हैं। कर्नाटक में 1783, महाराष्ट्र में 1690 तेंदुए हैं। हिमालय स्थित शिवालिक की पहाड़ियों और गंगा के मैदानी इलाकों में साढ़े 12 सौ से ज्यादा तेंदुए हैं। 

बेवजह इंसान पर हमला नहीं करता तेंदुआ
वन्य जीव विशेषज्ञ जीएस खुशालिया बताते हैं कि तेंदुए किसी भी तरह के माहौल में खुद को ढालने में सक्षम होते हैं इसलिए इनकी आबादी देश के कमोबेश सभी इलाके में पाई जाती है। ये अपनी इस खूबी की वजह से इंसानी आबादी वाले इलाकों में भी रह लेते हैं। तेंदुए की संख्या बढ़ना बेहद अच्छी बात है। इस वजह से उसका मूवमेंट भी बढ़ रहा है। अगर वह कहीं दिखता है तो वहां से हट जाएं। वन विभाग के अफसरों को जानकारी दें। तेंदुआ बेवजह इंसानों पर हमला नहीं करता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed