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स्मार्ट सिटी से पहले स्मार्ट कैंट

Fri, 10 Jun 2016 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 10 Jun 2016 01:57 AM IST
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smart city se phele
कैंट बोर्ड सीईओ - फोटो : अमर उजाला
शहर से पहले मेरठ छावनी स्मार्ट बन जाएगी। इसकी कवायद शुरू हो गई है। मध्य कमान के अंतर्गत आने वाली 25 छावनियों में से मेरठ छावनी को ही स्मार्ट कैंट बनाया जाएगा। रक्षा मंत्रालय से मेरठ स्मार्ट छावनी के डेवलपमेंट प्लान पर मोहर लगने के बाद सीईओ ने इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। इसमें मुख्य रूप से वाटर सप्लाई, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पेयजल, सफाई, सड़कों का विकास, सोलर यूनिट, लाइटें, बायोगैस प्लांट, इकोफ्रेंडली पब्लिक टॉयलेट, सीवरेज लाइन, वाटर एटीएम, स्कूल, हॉस्पिटल, ओल्ड एज होम, वूमेन हॉस्टल, चौराहे आदि का काम होगा। सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को कैंट बोर्ड कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर छावनी को स्मार्ट कैंट बनाने संबंधी जानकारी दी। इस दौरान सीईई अनुज सिंह भी मौजूद रहे।
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अंतरराष्ट्रीय मानकों का क्रिकेट मैदान
सीईओ ने बताया कि बीसीसीआई की तरफ से गांधी बाग के क्रिकेट मैदान को लीज पर लेने का प्रस्ताव आया था। जिसे मंजूरी नहीं दी गई। कैंट बोर्ड खुद इस मैदान को अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर विकसित करेगा। उसके बाद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच आयोजित कराए जाएंगे।
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गांधी बाग बना मॉडल
गांधी बाग मॉडल बन गया है। सेंट्रल कमांड इन जीओसी ने सभी छावनियों को गांधी बाग की तर्ज पर अपने यहां के पार्कों को विकसित करने का निर्देश दिया है। गांधी बाग से अभी तक 10 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। यहां चिड़ियाघर, विंटेज कार, बोट आदि की भी व्यवस्था है।
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देश का पहला सोलर ट्री चौराहा
भारत में अभी तक किसी भी चौराहे पर सोलर ट्री नहीं लगाया गया है। यह मेरठ छावनी के सीएसडी कैंटीन  चौराहे पर ही लगाया गया है। कैंट के अन्य चौराहों को भी सोलर लाइट से लैस किया जाएगा। जिससे आंधी के समय बिजली जाने पर यह चौराहे रोशनी से जगमगाएं।

स्वच्छ भारत अभियान पर फोकस
स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत वाटर सप्लाई, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पीने के पानी, सफाई, सड़कों का विकास, बायोगैस प्लांट, इकोफ्रेंडली पब्लिक टॉयलेट, सीवरेज लाइन का विकास किया जाएगा। यह कार्य तीन माह के अंदर पूरा किया जाएगा।

घर-घर तक पाइप वाटर
स्मार्ट कैंट के अंतर्गत घर-घर तक पानी की सप्लाई के लिए लाइन डाली जाएंगी। इस काम को तीन साल में पूरा किया जाएगा। हैंडपंप भी ठीक कराए जाएंगे।

नक्शे के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जरूरी
उन्हीं आवेदनकर्ताओं का नक्शा कैंट बोर्ड पास करेगा, जो अपने घर की छत पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएंगे। इसके लिए बायलॉज में चेंज किया जाएगा।

पांच जगह लगेंगे एटीएम
कैंट में माल रोड, पीपीपी कांफ्रेंस हॉल, शिव चौक, सदर चौक, सदर बाजार में वाटर एटीएम लगाने का कार्य 30 जून तक शुरू कर दिया जाएगा। इन वाटर एटीएम से एक रुपये प्रति लीटर के हिसाब से पानी मिलेगा। जबकि मार्केट में एक लीटर पानी 15 से 20 रुपये में मिलता है।
आठ ट्रक खरीदेंगे
सेनेटरी विभाग के लिए कूड़ा उठाने के लिए आठ ट्रक खरीदे जाएंगे। बायो गैस प्लांट भी लगाया जाएगा, जिससे कचरे की रि साइकिलिंग की जाएगी।
लगेंगी एलइडी
जल्द ही चौराहों पर एलईडी लाइट लगाई जाएंगी। पहले फेज में एक करोड़ की लागत से टैंक चौराहा, सप्लाई डिपो क्रासिंग, जीरो माइल, सोफिया क्रासिंग, माल रोड, फव्वारा चौक, आबूलेन, फव्वारा चौक लालकुर्ती, बाउंड्री रोड पर काम होगा।

यहां लगेगा सोलर सिस्टम
आरए बाजार जूनियर हाईस्कूल, बीसी बाजार प्राइमरी स्कूल, बीआई बाजार प्राइमरी स्कूल, आधारशिला पब्लिक स्कूल, सीएबी इंटर कॉलेज, कैंट अस्पताल, आशियाना गेस्ट हाउस, गांधी बाग, कैंट बोर्ड दफ्तर में यह सिस्टम लगाया जाएगा।

विज्ञापन पर चार्ज
दीवार पर विज्ञापन लगाने वालों से चार्ज वसूला जाएगा। अश्लील चित्र दीवारों पर नहीं लगाने दिए जाएंगे। होर्डिंग का जल्द ठेका छोड़ा जाएगा।

कैंट दफ्तर बनेगा कंट्रोल रूम
स्मार्ट कैंट के अंदर ई गवर्नेंस सिस्टम लागू किया जाएगा। कैंट दफ्तर को कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यहां से सभी जगह नजर रखी जाएगी। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्रों को आनलाइन किया जाएगा।

चौराहों पर लगेंगे कैमरे
कैंट बोर्ड सभी चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाएगा। कालोनियों के मुख्य मार्गों पर भी कैमरे लगेंगे। जिनका कंट्रोल रूम कैंट दफ्तर में होगा।

ड्रोन खरीदेंगे
अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ 20 लोगों की टीम गठित की है, जो तुरंत एक्शन लेगी। कैंट बोर्ड अपना ड्रोन खरीदेगा। सेंट्रल कमांड इन जीओसी ने भी इसे सराहा है।

पोर्टेबल मोबाइल टावर
रक्षा मंत्रालय ने निदेश दिए हैं कि छावनी में पोर्टेबल मोबाइल टावर लगाए जा सकते हैं। कंपनी अपने वाहन पर टावर लगाकर छावनी में कभी भी खड़ा कर सकती है। इसके लिए कंपनी को कैंट बोर्ड से लाइसेंस लेना होगा।

पाइप लाइन से मिलेगी कुकिंग गैस
हर घर तक कुकिंग गैस पहुंचेगी। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री मेरठ कैंट का सर्वे कर रही है। उसकी रिपोर्ट के बाद कैंट बोर्ड उसे एनओसी देने पर विचार करेगा। एनओसी के बाद छावनी में रहने वालों के घर पर पाइप लाइन से गैस पहुंचेगी।

बांबे बाजार पार्किंग की बारी
अब आबूलेन पार्किंग की तरह बांबे बाजार पार्किंग को कैंट बोर्ड अपने हाथों में लेगा और सुचारु रूप से चलाएगा।

210बी पर कार्रवाई जल्द
बंगला नंबर 210बी पर कैंट बोर्ड सर्वे कार्य पूरा होने के बाद जल्द कार्रवाई करेगा। अतिथि गृह में वर्किंग वूमन हास्टल और बुजुर्गों के लिए आशियाना बनाया जाएगा।


बढ़वाया बजट
सीईओ ने बताया कि जब वह जबलपुर से ट्रांसफर होकर आए थे, तब मेरठ छावनी का बजट 61,47,97,765 रुपये था। उनके और कैंट बोर्ड कर्मचारियों के प्रयासों से बजट में करीब 60 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। इस बार का बजट 98,21,06,250 रुपये हो गया है। कर वसूली पहले नौ फीसदी थी। उसे बढ़ाकर 54.45 प्रतिशत किया गया है। पानी के टैक्स से भी लगभग सवा करोड़ रुपये की वसूली की गई है।
 
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