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500 पेज में स्मार्ट सिटी का खाका तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jun 2016 02:18 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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स्मार्ट सिटी का फाइनल प्रपोजल 500 पेज में तैयार किया गया है। बुधवार को प्रपोजल को अंतिम रूप दिया गया। नगर निगम बोर्ड ने भी सर्वसम्मति से प्रपोजल पर मुहर लगा दी। बृहस्पतिवार को नगरायुक्त और कंसल्टेंट दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में प्रपोजल को सबमिट करेंगे। जुलाई में होने वाली प्रजेंटेशन परीक्षा में मेरठ भी शामिल होगा।
मेरठ की जनता का स्मार्ट सिटी का सपना लगभग पूरा होने वाला है।
जहां स्मार्ट सिटी की सूची से रायबरेली पूरी तरह बाहर हो गया, वहीं अब उप्र के मेरठ सहित 13 शहर स्मार्ट सिटी बनने की राह पर हैं। बुधवार को राज्य सरकार की तरफ से निगम प्रशासन को पत्र भेजा गया। अधिकारियों ने मेरठ के प्रपोजल को अन्य शहरों से अच्छा बताया। साथ ही राज्य सरकार ने निगम प्रशासन को सीधे ही केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में प्रपोजल पेश करने के निर्देश दिए हैं।
पूरे दिन नगर निगम प्रशासन, कंसल्टेंट प्रपोजल को अपडेट करने में जुटे रहे। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने प्रपोजल का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा और कंसल्टेंट बीके पटेल दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में प्रपोजल पेश करेंगे। बीके पटेल का कहना है कि प्रपोजल 500 पेज का तैयार किया गया है, जो बेहद मजबूत है। उप्र सरकार ने प्रपोजल की सराहना की है। मेरठ का स्मार्ट सिटी बनना तय है।
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चार बिंदुओं पर हुआ प्रपोजल
स्मार्ट सिटी का प्रपोजल चार बिंदुओं पर तैयार किया गया है। मेरठ की समृद्धि, गौरव, पारदर्शिता, और वाइब्रेंट को शामिल गया है, जिसके आधार पर पूरा प्रपोजल तैयार है। स्मार्ट सिटी प्रपोजल के अनुरूप 1536 करोड़ का बजट प्रस्ताव तैयार किया है।
इतिहास से स्मार्ट सिटी मेरठ
प्रपोजल में 1857 की क्रांति और अन्य ऐतिहासिक पहलुओं को शामिल किया गया है। अंग्रेजी और मुगलकालीन इमारतों का भी जिक्र किया गया है। कैंची, बैंडबाजे, ज्वैलरी, फल और सब्जियों का निर्यात, हवाई पट्टी, फ्रंट कारिडोर, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट, मेरठ की खादी और हस्तिनापुर कौरव पांडवों का इतिहास और सरधना चर्च का इतिहास भी शामिल किया गया है।
छह लाख पहुंची स्मार्ट सिटी की वोटिंग
मेरठ। स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग का आंकड़ा बुधवार शाम चार बजे तक छह लाख पहुंच गया। शहर की जनता ने उम्मीद से अधिक वोट करके इतिहास रच दिया। जनता की जागरूकता के कारण ही राज्य सरकार ने मेरठ स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव को सीधे केन्द्र सरकार के सामने रखने के निर्देश जारी किए हैं। लगातार 20 दिन से स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग चल रही थी। बुधवार शाम चार बजे तक वोटिंग की काउंटिंग की गई। शहर को स्मार्ट सिटी बनवाने के लिए शहर के हर तबके ने वोट किया। मिस्ड कॉल, ऑनलाइन, फेसबुक पर जनता ने वोट किया। अंतिम एक सप्ताह में जमकर वोटिंग हुई।
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मेरठ की जनता का स्मार्ट सिटी का सपना लगभग पूरा होने वाला है।
जहां स्मार्ट सिटी की सूची से रायबरेली पूरी तरह बाहर हो गया, वहीं अब उप्र के मेरठ सहित 13 शहर स्मार्ट सिटी बनने की राह पर हैं। बुधवार को राज्य सरकार की तरफ से निगम प्रशासन को पत्र भेजा गया। अधिकारियों ने मेरठ के प्रपोजल को अन्य शहरों से अच्छा बताया। साथ ही राज्य सरकार ने निगम प्रशासन को सीधे ही केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में प्रपोजल पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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पूरे दिन नगर निगम प्रशासन, कंसल्टेंट प्रपोजल को अपडेट करने में जुटे रहे। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने प्रपोजल का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा और कंसल्टेंट बीके पटेल दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में प्रपोजल पेश करेंगे। बीके पटेल का कहना है कि प्रपोजल 500 पेज का तैयार किया गया है, जो बेहद मजबूत है। उप्र सरकार ने प्रपोजल की सराहना की है। मेरठ का स्मार्ट सिटी बनना तय है।
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चार बिंदुओं पर हुआ प्रपोजल
स्मार्ट सिटी का प्रपोजल चार बिंदुओं पर तैयार किया गया है। मेरठ की समृद्धि, गौरव, पारदर्शिता, और वाइब्रेंट को शामिल गया है, जिसके आधार पर पूरा प्रपोजल तैयार है। स्मार्ट सिटी प्रपोजल के अनुरूप 1536 करोड़ का बजट प्रस्ताव तैयार किया है।
इतिहास से स्मार्ट सिटी मेरठ
प्रपोजल में 1857 की क्रांति और अन्य ऐतिहासिक पहलुओं को शामिल किया गया है। अंग्रेजी और मुगलकालीन इमारतों का भी जिक्र किया गया है। कैंची, बैंडबाजे, ज्वैलरी, फल और सब्जियों का निर्यात, हवाई पट्टी, फ्रंट कारिडोर, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट, मेरठ की खादी और हस्तिनापुर कौरव पांडवों का इतिहास और सरधना चर्च का इतिहास भी शामिल किया गया है।
छह लाख पहुंची स्मार्ट सिटी की वोटिंग
मेरठ। स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग का आंकड़ा बुधवार शाम चार बजे तक छह लाख पहुंच गया। शहर की जनता ने उम्मीद से अधिक वोट करके इतिहास रच दिया। जनता की जागरूकता के कारण ही राज्य सरकार ने मेरठ स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव को सीधे केन्द्र सरकार के सामने रखने के निर्देश जारी किए हैं। लगातार 20 दिन से स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग चल रही थी। बुधवार शाम चार बजे तक वोटिंग की काउंटिंग की गई। शहर को स्मार्ट सिटी बनवाने के लिए शहर के हर तबके ने वोट किया। मिस्ड कॉल, ऑनलाइन, फेसबुक पर जनता ने वोट किया। अंतिम एक सप्ताह में जमकर वोटिंग हुई।