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स्मार्ट सिटी की डीपीआर में होगी निगम की अग्नि परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jun 2016 02:43 AM IST
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स्मार्ट सिटी की कंसल्टेट टीम
- फोटो : अमर उजाला
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स्मार्ट सिटी की डीपीआर पर कंसलटेंट की टीम ने सोमवार से काम शुरू कर दिया है। जहां पहले ही दिन नगरायुक्त और चीफ इंजीनियर के साथ बैठक करके स्मार्ट सिटी की प्रजेंटेशन की। वहीं मंगलवार से नगर निगम, एमडीए, विद्युत विभाग, पुलिस विभाग, पीडब्लूडी, जल निगम, पर्यटन विभाग से पिछले तीन साल में किए गए जनहित में कार्यों का लेखाजोखा लिया जाएगा।
कंसलटेंट टीम का दावा है कि 15 दिन के भीतर जनता और प्रशासनिक तंत्र के सहयोग से स्मार्ट सिटी की डीपीआर तैयार की जाएगी। डीपीआर भी ऐसी होगी, जो उप्र के ही नहीं बल्कि देश के अन्य शहरों के लिए मिसाल बनेगी। डीपीआर बनाने के लिए पूरी टीम उतारी जा रही है। कंसलटेंट टीम की माने तो जून माह के बाद स्मार्ट सिटी के फाइनल चयनित होने वाले शहरों में मेरठ का नाम होगा।
स्मार्ट सिटी की डीपीआर बनाने के लिए विदेशी कंपनी सॉफ्टेक इंजीनियर प्रा. लि. और पूना की कंपनी डिजाइन पाइंट प्रा.लि. के अधिकारी कंसलटेंट बीके पटेल के नेतृत्व में टाउन प्लानर जोगेन्द्र सिंह खटटर ने काम शुरू दिया।
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सोमवार को सुबह 10.30 बजे बीके पटेल और जोगेन्द्र सिंह नगर निगम पहुंचे। टीम ने निगम के अधिशासी अभियंता मोइनुददीन को साथ लेकर चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय से स्मार्ट सिटी पर एक घंटे वार्ता की। लेपटॉप के माध्यम से प्रजेंटेशन भी दी। इसके बाद टीम नगरायुक्त के कैँप कार्यालय पर पहुंच गई। नगरायुक्त देवेन्द्र कुमार कुशवाहा सहित निगम के सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करके स्मार्ट सिटी पर चर्चा की गई।
कंसलटेंट टीम के सदस्यों की मांग पर नगरायुक्त ने निगम के सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह टीम के सदस्यों द्वारा मांगी जाने वाली सूचनाएं तत्काल उपलब्ध कराएं। सभी कार्यों से पहले स्मार्ट सिटी है।
सरकारी तंत्र ने लेटलतीफी की तो टूटेगा सपना
मेरठ। स्मार्ट सिटी के लिए बनने वाली डीपीआर में सरकारी मशीनरी का भी बड़ा योगदान रहेगा। अगर विभागीय अधिकारियों ने पिछले तीन साल में किए गए कार्य, यानी सड़क, पेयजल, सीवर, कूड़ा निस्तारण, पथ प्रकाश, स्कूल कालेज, स्वास्थ्य सेवाएं, ग्रीन एरिया, उद्योग, पर्यावरण, सिक्योरिटी आदि पर रिपोर्ट देने में लेट लतीफी की तो स्मार्ट सिटी की डीपीआर समय पर नहीं बन पाएगी। स्मार्ट सिटी के स्वरूप तय करने की जिम्मेदारी शहर की जनता, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक तंत्र के कंधों पर है।
सोशल मीडिया पर ही नहीं ,ऑफ लाइन पर भी वोटिंग
मेरठ। स्मार्ट सिटी के प्रत्येक बिंदु पर शहर की जनता सोशल मीडिया पर ही नहीं बल्कि मैनुअल यानी फार्म भरकर भी अपनी वोटिंग कर सकेगी। शहर के प्रत्येक नागरिक को स्मार्ट सिटी पर अपनी राय देने का अवसर मिलेगा। जनता को दो दिन के भीतर माय गवर्मेंट साइट के साथ साथ नगर निगम की साइट, जी- मेल, वॉटसेप, फेसबुक आदि प्लेटफार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। जनता के बीच टीम पहुंचकर जहां सीधे वार्ता करेगी वहीं फार्म भी भरवाए जाएंगे।
कालेज ही नहीं सामाजिक संस्थाओें की भी होगी भागेदारी
मेरठ। स्मार्ट सिटी का स्वरूप कैसा हो। इमारत, रोजगार के साधन, उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा, सड़कें, पार्क, पेयजल, सीवर, ड्रेनेज, पथ प्रकाश की व्यवस्था कैसी हो। इन सभी पहलुओं पर इंजीनियर एवं सामान्य कालेजों के छात्र-छात्राओं और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों से राय ली जाएगी। बेरोजगार युवक युवतियों के साथ वार्ता को स्कूल कालेजों में सेमिनार होंगी। ताकी स्मार्ट सिटी में युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराए जा सकें।
नगर निगम में आज खुलेगा स्मार्ट सिटी सेल का कार्यालय
मेरठ। नगर निगम की बिल्डिंग में स्मार्ट सिटी सेल का कार्यालय आज खुल जाएगा। इसके लिए नगरायुक्त ने आदेश जारी कर दिए हैं। यहां पर कंसलटेंट टीम ही नहीं बैठेगी बल्कि आईटी विभाग भी खोला जाएगा। जनता इस कार्यालय में भी सीधे फार्मों के माध्यम से अपनी राय दे सकेगी।
आज मेरठ पहुंचेगी फाइनेंस और आईटी विभाग की एक्सपर्ट टीम
मेरठ। कंसलटेंट बीके पटेल ने बताया कि आज मंगलवार को फाइनेंसियल और आईटी विभाग के एक्सपर्ट मेरठ पहुंच जाएंगे। जो राजस्व विभाग से बात करेंगे वहीं आईटी एक्सपर्ट शहर की आईटी व्यवस्था पर संज्ञान लेंगे।
ये भी हैं स्मार्ट सिटी में शामिल
- 500 एकड़ एरिया का विकास पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में होगा। जिसमें शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सीवर, कूड़ा निस्तारण, सौंदर्यीकरण आदि सभी काम किया जाएगा।
- 50 एकड़ क्षेत्र को पुनर्विकसित करने का काम होगा। जिसमें मलिन बस्ती और पुराना शहर भी हो सकता है। लेकिन पुनर्विकसित करने का निर्णय जनता की मांग पर ही लिया जाएगा।
- 250 एकड़ भूमि पर होगी ग्रीनरी। यानी ऐसी टाउन शिप विकसित की जाएगी। जो एक पर्यटन स्थल के रूप में रहे। जो टूरिस्ट के लिए भी आकर्षण का केन्द्र बने। इसमें प्राइवेट पार्टनर शिप का भी सहारा लिया जाएगा।
जनता तय करेगी स्मार्ट सिटी का स्वरूप
मेरठ। जिसका शहर की जनता को इंतजार था वह समय अब आ गया है। स्मार्ट सिटी के लिए अब जनता को जागरूक होने की जरूरत है। 15 दिन के भीतर जनता को स्मार्ट सिटी के प्रत्येक बिंदु पर अपनी राय सोशल मीडिया और मैनुअल देनी होगी। अगर जनता जागरूक होने की बजाय एक दूसरे की तरफ देखती रही तो स्मार्ट सिटी का मौका एक बार फिर हाथों से निकल जाएगा। जनता द्वारा की गई वोटिंग ऑनलाइन दिखाई देगी। जिसको नजर अंदाज नहीं किया जा सकेगा। जनता की वोटिंग ही स्मार्ट सिटी का स्वरूप तय करेगी। कंसलटेंट टीम के टाउन प्लानर योगेन्द्र कुमार की माने तो सभी मूलभूत सुविधाओं को लेकर जनता अपनी राय देगी। जिस बिंदु पर जनता अधिक वोटिंग करेगी। उसकी डीपीआर भी पहले नंबर पर तैयार की जाएगी।
ये हैं स्मार्ट सिटी के महत्वपूर्ण बिंदु
- सिक्योरिटी पर क्या चाहती है शहर की जनता,
- फिलहाल पेयजल व्यवस्था से कितने संतुष्ठ हैं और आगे भविष्य में कैसा चाहते हैँ।
- रेल यातायात से शहर की जनता कितना संतुष्ठ है। आगे रेल यातायात में क्या अलग चाहते हैँ,
- शहर की सड़कों से कितने संतुष्ट हैं और सड़कों में क्या बदलाव की जरूरत है।
- मेरठ को देश की राजधानी या अन्य प्रदेशों के लिए चलने वाली सरकारी या गैर सरकारी बसों की सुविधा,
- फिलहाल शहर में यातायात की सुविधा जैसे सिटी बस, थ्री-व्हीलर, ट्रांसपोर्ट अन्य साधनों की स्थिति, बदलाव क्या हो।
- शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर कंट्रोल की स्थित और बेहतर किए जाने पर राय,
- शहर से जल निकासी के क्या हैं साधन और स्मार्ट सिटी में कैसी होनी चाहिए जल निकासी,
- शहरके पार्कोँ का सौंदर्यीकरण कैसा हो,
- शहर में ग्रीन एरिया को लेकर जनता के विचार,
- शहर की तरक्की और बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए फिलहाल उद्योगों की स्थिति और स्मार्ट सिटी में उद्योगों को कैसा चाहते हैं,
- पुराने शहर को रिनोवेशन कराने पर कितने सहमत,
- सीवर की मौजूदा स्थिति और आगे क्या चाहते हैं,
- कूड़ा निस्तारण पर शहर की जनता की राय,
- शौचालय और सफाई की स्थिति पर भी देनी होगी राय,
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कंसलटेंट टीम का दावा है कि 15 दिन के भीतर जनता और प्रशासनिक तंत्र के सहयोग से स्मार्ट सिटी की डीपीआर तैयार की जाएगी। डीपीआर भी ऐसी होगी, जो उप्र के ही नहीं बल्कि देश के अन्य शहरों के लिए मिसाल बनेगी। डीपीआर बनाने के लिए पूरी टीम उतारी जा रही है। कंसलटेंट टीम की माने तो जून माह के बाद स्मार्ट सिटी के फाइनल चयनित होने वाले शहरों में मेरठ का नाम होगा।
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स्मार्ट सिटी की डीपीआर बनाने के लिए विदेशी कंपनी सॉफ्टेक इंजीनियर प्रा. लि. और पूना की कंपनी डिजाइन पाइंट प्रा.लि. के अधिकारी कंसलटेंट बीके पटेल के नेतृत्व में टाउन प्लानर जोगेन्द्र सिंह खटटर ने काम शुरू दिया।
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सोमवार को सुबह 10.30 बजे बीके पटेल और जोगेन्द्र सिंह नगर निगम पहुंचे। टीम ने निगम के अधिशासी अभियंता मोइनुददीन को साथ लेकर चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय से स्मार्ट सिटी पर एक घंटे वार्ता की। लेपटॉप के माध्यम से प्रजेंटेशन भी दी। इसके बाद टीम नगरायुक्त के कैँप कार्यालय पर पहुंच गई। नगरायुक्त देवेन्द्र कुमार कुशवाहा सहित निगम के सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करके स्मार्ट सिटी पर चर्चा की गई।
कंसलटेंट टीम के सदस्यों की मांग पर नगरायुक्त ने निगम के सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह टीम के सदस्यों द्वारा मांगी जाने वाली सूचनाएं तत्काल उपलब्ध कराएं। सभी कार्यों से पहले स्मार्ट सिटी है।
सरकारी तंत्र ने लेटलतीफी की तो टूटेगा सपना
मेरठ। स्मार्ट सिटी के लिए बनने वाली डीपीआर में सरकारी मशीनरी का भी बड़ा योगदान रहेगा। अगर विभागीय अधिकारियों ने पिछले तीन साल में किए गए कार्य, यानी सड़क, पेयजल, सीवर, कूड़ा निस्तारण, पथ प्रकाश, स्कूल कालेज, स्वास्थ्य सेवाएं, ग्रीन एरिया, उद्योग, पर्यावरण, सिक्योरिटी आदि पर रिपोर्ट देने में लेट लतीफी की तो स्मार्ट सिटी की डीपीआर समय पर नहीं बन पाएगी। स्मार्ट सिटी के स्वरूप तय करने की जिम्मेदारी शहर की जनता, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक तंत्र के कंधों पर है।
सोशल मीडिया पर ही नहीं ,ऑफ लाइन पर भी वोटिंग
मेरठ। स्मार्ट सिटी के प्रत्येक बिंदु पर शहर की जनता सोशल मीडिया पर ही नहीं बल्कि मैनुअल यानी फार्म भरकर भी अपनी वोटिंग कर सकेगी। शहर के प्रत्येक नागरिक को स्मार्ट सिटी पर अपनी राय देने का अवसर मिलेगा। जनता को दो दिन के भीतर माय गवर्मेंट साइट के साथ साथ नगर निगम की साइट, जी- मेल, वॉटसेप, फेसबुक आदि प्लेटफार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। जनता के बीच टीम पहुंचकर जहां सीधे वार्ता करेगी वहीं फार्म भी भरवाए जाएंगे।
कालेज ही नहीं सामाजिक संस्थाओें की भी होगी भागेदारी
मेरठ। स्मार्ट सिटी का स्वरूप कैसा हो। इमारत, रोजगार के साधन, उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा, सड़कें, पार्क, पेयजल, सीवर, ड्रेनेज, पथ प्रकाश की व्यवस्था कैसी हो। इन सभी पहलुओं पर इंजीनियर एवं सामान्य कालेजों के छात्र-छात्राओं और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों से राय ली जाएगी। बेरोजगार युवक युवतियों के साथ वार्ता को स्कूल कालेजों में सेमिनार होंगी। ताकी स्मार्ट सिटी में युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराए जा सकें।
नगर निगम में आज खुलेगा स्मार्ट सिटी सेल का कार्यालय
मेरठ। नगर निगम की बिल्डिंग में स्मार्ट सिटी सेल का कार्यालय आज खुल जाएगा। इसके लिए नगरायुक्त ने आदेश जारी कर दिए हैं। यहां पर कंसलटेंट टीम ही नहीं बैठेगी बल्कि आईटी विभाग भी खोला जाएगा। जनता इस कार्यालय में भी सीधे फार्मों के माध्यम से अपनी राय दे सकेगी।
आज मेरठ पहुंचेगी फाइनेंस और आईटी विभाग की एक्सपर्ट टीम
मेरठ। कंसलटेंट बीके पटेल ने बताया कि आज मंगलवार को फाइनेंसियल और आईटी विभाग के एक्सपर्ट मेरठ पहुंच जाएंगे। जो राजस्व विभाग से बात करेंगे वहीं आईटी एक्सपर्ट शहर की आईटी व्यवस्था पर संज्ञान लेंगे।
ये भी हैं स्मार्ट सिटी में शामिल
- 500 एकड़ एरिया का विकास पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में होगा। जिसमें शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सीवर, कूड़ा निस्तारण, सौंदर्यीकरण आदि सभी काम किया जाएगा।
- 50 एकड़ क्षेत्र को पुनर्विकसित करने का काम होगा। जिसमें मलिन बस्ती और पुराना शहर भी हो सकता है। लेकिन पुनर्विकसित करने का निर्णय जनता की मांग पर ही लिया जाएगा।
- 250 एकड़ भूमि पर होगी ग्रीनरी। यानी ऐसी टाउन शिप विकसित की जाएगी। जो एक पर्यटन स्थल के रूप में रहे। जो टूरिस्ट के लिए भी आकर्षण का केन्द्र बने। इसमें प्राइवेट पार्टनर शिप का भी सहारा लिया जाएगा।
जनता तय करेगी स्मार्ट सिटी का स्वरूप
मेरठ। जिसका शहर की जनता को इंतजार था वह समय अब आ गया है। स्मार्ट सिटी के लिए अब जनता को जागरूक होने की जरूरत है। 15 दिन के भीतर जनता को स्मार्ट सिटी के प्रत्येक बिंदु पर अपनी राय सोशल मीडिया और मैनुअल देनी होगी। अगर जनता जागरूक होने की बजाय एक दूसरे की तरफ देखती रही तो स्मार्ट सिटी का मौका एक बार फिर हाथों से निकल जाएगा। जनता द्वारा की गई वोटिंग ऑनलाइन दिखाई देगी। जिसको नजर अंदाज नहीं किया जा सकेगा। जनता की वोटिंग ही स्मार्ट सिटी का स्वरूप तय करेगी। कंसलटेंट टीम के टाउन प्लानर योगेन्द्र कुमार की माने तो सभी मूलभूत सुविधाओं को लेकर जनता अपनी राय देगी। जिस बिंदु पर जनता अधिक वोटिंग करेगी। उसकी डीपीआर भी पहले नंबर पर तैयार की जाएगी।
ये हैं स्मार्ट सिटी के महत्वपूर्ण बिंदु
- सिक्योरिटी पर क्या चाहती है शहर की जनता,
- फिलहाल पेयजल व्यवस्था से कितने संतुष्ठ हैं और आगे भविष्य में कैसा चाहते हैँ।
- रेल यातायात से शहर की जनता कितना संतुष्ठ है। आगे रेल यातायात में क्या अलग चाहते हैँ,
- शहर की सड़कों से कितने संतुष्ट हैं और सड़कों में क्या बदलाव की जरूरत है।
- मेरठ को देश की राजधानी या अन्य प्रदेशों के लिए चलने वाली सरकारी या गैर सरकारी बसों की सुविधा,
- फिलहाल शहर में यातायात की सुविधा जैसे सिटी बस, थ्री-व्हीलर, ट्रांसपोर्ट अन्य साधनों की स्थिति, बदलाव क्या हो।
- शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर कंट्रोल की स्थित और बेहतर किए जाने पर राय,
- शहर से जल निकासी के क्या हैं साधन और स्मार्ट सिटी में कैसी होनी चाहिए जल निकासी,
- शहरके पार्कोँ का सौंदर्यीकरण कैसा हो,
- शहर में ग्रीन एरिया को लेकर जनता के विचार,
- शहर की तरक्की और बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए फिलहाल उद्योगों की स्थिति और स्मार्ट सिटी में उद्योगों को कैसा चाहते हैं,
- पुराने शहर को रिनोवेशन कराने पर कितने सहमत,
- सीवर की मौजूदा स्थिति और आगे क्या चाहते हैं,
- कूड़ा निस्तारण पर शहर की जनता की राय,
- शौचालय और सफाई की स्थिति पर भी देनी होगी राय,