मेरठ के सदर सराफा में खेमचंद पवन कुमार सराफ प्राइवेट लिमिटेड के 22 ठिकानों पर गुरुवार को आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने सुबह साढ़े सात बजे एक साथ छापेमारी की।
IncomeTax Raid: मेरठ में सराफा कारोबारी के 22 ठिकानों पर एक साथ सर्च, दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी
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रात 10 बजे तक कारोबारी की दुकान और घर दोनों जगह टीम की कार्रवाई चली। शुक्रवार सुबह तक भी टीम की कार्रवाई जारी रही। बताया गया कि घर पर 70 फीसदी जांच पूरी हो गई है, जबकि दुकान पर जांच में समय लगेगा। इस दौरान व्यापारी से मिलने से रोकने पर बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन और संयुक्त व्यापार संघ पदाधिकारियों की आयकर टीम से नोकझोंक भी हुई।
कार्रवाई में दिल्ली और गाजियाबाद के अधिकारी भी शामिल हैं। देर शाम मेरठ से सहायक निदेशक (सिस्टम) राजीव प्रसाद के नेतृत्व में कुछ और अधिकारी कार्रवाई में शामिल हुए। टीम की 25 गाड़ियों के काफिले में ज्यादातर हरियाणा नंबर की थीं।
वेस्ट एंड रोड निवासी पवन कुमार जैन के पुत्र अजय जैन और राहुल जैन की फर्म का मूल पता 111, आरजी कांप्लेक्स-़1 रोहिणी, दिल्ली है। फर्म 2007 में खेमचंद पवन कुमार सराफ प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रजिस्टर्ड कराई गई थी।
परिवार के मुखिया पवन कुमार जैन पेशे से सराफ और शहर के बड़े बिल्डर हैं।बताया जाता है कि मोदीपुरम टोल प्लाजा, पांडव नगर, मोदीनगर में मोदीकॉन, नमोकार वाटिका सहित दर्जनों साइट्स पर उनका पैसा लगा है। उनकी फर्म गहनों की सप्लाई पश्चिमी उप्र, दिल्ली समेत कई प्रदेशों में करती है।
दुकान पर पूजा में मौजूद था परिवार
जिस समय टीम दुकान पर पहुंची, वहां पूजा चल रही थी। इसमें परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे। टीम ने करीब एक घंटे तक दुकान के बाहर पूजा खत्म होने का इंतजार किया।
पूजा खत्म होते ही टीम ने दुकान में मौजूद सभी लोगों के मोबाइल अपने कब्जे में ले लिए और जांच के दौरान किसी को भी दुकान से निकलने की अनुमति नहीं दी। फर्म के लिए काम कर रहे सीए और अकाउंटेंट के यहां भी जांच की गई। टीम के साथ डॉक्टर भी रहे।
इस बार पूरी तैयारी से पहुंची टीम
कार्रवाई की सूचना पर स्थानीय व्यापार संघ के साथ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन और संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए लेकिन किसी से मिलने नहीं दिया गया।
कुछ वर्ष पूर्व सदर क्षेत्र में टिंबर व्यापारी के यहां आयकर विभाग के सर्वे का व्यापारियों ने एकजुट होकर विरोध किया था। इसके चलते टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा था। इस बार विभाग पूरी तैयारी से पहुंचा। पुलिस फोर्स ज्यादा होने के कारण व्यापारियों को बैकफुट पर जाना पड़ा।