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नईम गाजी की हत्या के बाद शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस का सख्त पहरा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Dec 2016 01:02 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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अपहृत नईम गाजी का शव हत्यारोपी की निशानदेही पर बरामद होते ही सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए संवेदनशील भगत सिंह मार्केट और हापुड़ अड्डा चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। दिन निकलने से पहले ही भारी पुलिस फोर्स ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली।
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मंगलवार तड़के 4.15 बजे नईम गाजी का शव सड़ी हुई हालत में पुलिस ने बरामद किया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी जे. रविंदर गौड़ तड़के 4:30 बजे ही एक्टिव हो गए थे। उन्होंने लखनऊ समेत अपने उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। जिसके बाद तीन कंपनी आरएएफ, दो कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरआरएफ के अलावा हापुड़ और गाजियाबाद से पुलिस फोर्स करीब एक घंटे के अंदर ही हापुड़ अड्डा पर पहुंच गई। इस दौरान नौचंदी और कोतवाली में हाल में तैनात रहे थानेदारों को भी माहौल को काबू में रखने के लिए विशेष तौर पर बुलाया गया।
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आधी रात को ही बन गया था प्लान
हत्यारोपी हैप्पी और रमाशंकर से सोमवार आधी रात को गहन पूछताछ के बाद ही साफ हो गया था कि नईम गाजी की हत्या कर दी गई है। जिसके बाद पुलिस टीमों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। मंगलवार को बवाल के अंदेशे के चलते हापुड़ रोड और गढ़ रोड के ट्रैफिक को भी तड़के से ही डायवर्ट कर दिया गया था। जिसके चलते हापुड़ अड्डे पर केवल पुलिस की गाड़ियां ही दिखाई दे रही थीं। वैसे भी नईम का शव बरामद होने की खबर शहर में फैलने के बाद अधिकांश लोगों ने हापुड़ अड्डे की तरफ जाने से परहेज किया।
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जमकर नारेबाजी, हंगामा
नईम का शव मिलने की सूचना पर हापुड़ अड्डा, सोहराब गेट, भगत सिंह मार्केट में सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए। एसपी क्राइम, एसपी सिटी, एसपी देहात, एसपी ट्रैफिक, जिले के सभी सीओ और थानेदार इस दौरान फोर्स के साथ पूरे इलाके को कवर किए रहे। भीड़ ने कई बार नारेबाजी करते हुए खूब हंगामा किया। हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग की। कई बार पुलिस अफसरों ने तो शहर काजी ने लोगों से संयम बरतने की अपील की। शाम तक इलाके में फोर्स तैनात रही।
आधा शहर रहा जाम के हवाले
बवाल के अंदेशे पर हापुड़ रोड और गढ़ रोड पर रूट डायवर्जन से शहर के बाकी इलाकों में दिन भी जाम की स्थिति रही। एसपी ट्रैफिक किरण यादव के अनुसार हापुड़ अड्डा चौराहे को जोड़ने वाले सभी चौराहों पर मंगलवार तड़के से ही बैरियर लगाकर रूट डायवर्ट कर दिया गया था। जो शाम पांच बजे तक लागू रहा। इस दौरान लोगों ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया तो अन्य रास्तों पर बुरी तरह जाम लग गया। बेगमपुल, ईव्ज चौराहा, गांधी आश्रम चौराहा, दिल्ली रोड, भूमिया पुल के अलावा शहर के पुराने बाजारों में जाम लगा रहा।
दोनों पत्नियों और बच्चों का हाल बेहाल
दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम के बाद नईम का शव घर पर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। नईम की दो पत्नियां हैं। जिनमें एक रुखसाना के पांच बच्चे अरमान (10), फराज, फईम, आंचल और उल्फत (2) है। जबकि शास्त्रीनगर में रह रही दूसरी पत्नी खुशबू के तीन बच्चे पिंजा, तमील और गुड्डू है। खुशबू ने धर्म परिवर्तन कर नईम से शादी की थी। दोनों पत्नियों और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था।