Meerut: मकान बचाने लखनऊ पहुंचीं महिलाएं, सीएम से न हुई मुलाकात, मिला भरोसा, बोलीं- घर उजड़े तो कहां जाएंगे?
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट और सेक्टर-2 की महिलाएं मकान बचाने की मांग को लेकर लखनऊ पहुंचीं। मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी, जबकि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने समाधान का भरोसा दिया।
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मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट, सेक्टर-2 और स्कीम-7 की महिलाएं अपने मकानों को बचाने की मांग को लेकर मंगलवार को लखनऊ पहुंचीं। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात का प्रयास किया। मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन महिलाओं ने उप मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि आवास विकास परिषद की कार्रवाई से परिवार पहले ही परेशान हैं और अब मकान तोड़ने के नोटिस मिलने से उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
डिप्टी सीएम से बोलीं- मकान उजड़े तो परिवार बर्बाद हो जाएंगे
महिलाओं ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से कहा कि आवास विकास परिषद की कार्रवाई के कारण शास्त्रीनगर के कई परिवारों का रोजगार प्रभावित हुआ है। अब मकानों को तोड़ने के नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से छोटे और वर्षों पुराने मकानों को बचाने की मांग की। महिलाओं का कहना था कि इन मकानों में परिवार लंबे समय से रह रहे हैं और इन्हें खोने के बाद उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के सामने रखी पूरी समस्या
प्रतिनिधिमंडल में अर्पित मोगा, हरि पूजानी, शालिनी, राधा गुप्ता, रुपाली शर्मा, शीतल पूजानी और जगरोशनी समेत अन्य लोग शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के आवास आयुक्त अनिल ढींगरा से मुलाकात की। शास्त्रीनगर सेक्टर-2 के निवासियों ने अपने मकानों और उनसे जुड़े मामलों की जानकारी अधिकारियों को दी तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समाधान की मांग की।
महिलाओं ने कहा- ये घर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं, जीवनभर की कमाई हैं
राधा गुप्ता, जगरोशनी, रुपाली शर्मा और शालू शर्मा ने कहा कि ये मकान उनके लिए सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं हैं। इनमें परिवार की वर्षों की मेहनत, यादें और जीवनभर की जमा पूंजी जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि अचानक मकान टूटने की स्थिति में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा।
नई आवास नीति से राहत की उम्मीद
महिलाओं ने कहा कि अब उन्हें सरकार के आश्वासन पर ही भरोसा है। उनका कहना है कि उन्हें जानकारी मिली है कि छोटे मकानों के लिए नई आवास नीति बनाने की दिशा में काम चल रहा है। आवास विकास परिषद के कुछ अधिकारियों को मेरठ भेजा गया है, जो प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रहे हैं। महिलाओं के अनुसार सर्वे की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और उसके आधार पर नई नीति का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्रिपरिषद के सामने रखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सुनी बात, डिप्टी सीएम ने दिया भरोसा
महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी सीधे मुलाकात भले ही नहीं हो सकी, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने उनकी बात गंभीरता से सुनी। उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रही है। महिलाओं के अनुसार छोटे मकानों को सेटबैक संबंधी नियमों से राहत दिलाने का प्रयास भी चल रहा है। आवास विकास परिषद के आवास आयुक्त अनिल ढींगरा ने भी न्यायसंगत समाधान का आश्वासन दिया है।