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सर्वर ठप, रोकनी पड़ी काउंसिलिंग
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 08 Sep 2016 02:20 AM IST
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मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
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मेडिकल कॉलेज में चल रही एमबीबीएस काउंसिलिंग में अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 10 बजे से लाइन में लगकर दोपहर दो से तीन बजे तक डाक्यूमेंट का वेरीफिकेशन हो पा रहा है। वहीं बुधवार को सर्वर ठप होने की वजह से काउंसिलिंग को रोकना पड़ा।
बुधवार को 10 हजार से ऊपर की रैंक वाले अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया, लेकिन सर्वर में खराबी होने के कारण विभिन्न काउंसिलिंग सेंटरों पर 4 हजार तक रैंक (स्टेट रैंक) वाले अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग हो पाई है। मंगलवार को भी रात दो बजे तक काउंसिलिंग चली थी। बुधवार को भी सर्वर का कुछ यही हाल रहा, जिसके चलते काउंसिलिंग के दोनों काउंटरों पर खासी भीड़ देखने को मिली। प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता ने बताया है कि सर्वर ठप होने की वजह से जिन लोगों की काउंसिलिंग नहीं हो पाई है या फिर भी सीट लॉक नहीं हुई है। उन सभी की काउंसिलिंग बृहस्पतिवार को दो 12 बजे के बाद होगी। इसको लेकर लखनऊ से ही आदेश आया है।
निजी कॉलेज सरकारी फीस पर नहीं ले रहे दाखिला
निजी कॉलेज सरकारी सीट पर एमबीबीएस में दाखिला नहीं ले रहे हैं। गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर से लेकर प्रदेश के तमाम शहरों से ऐसी खबरें आ रही है। प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता ने बताया है कि सरकार ने सख्त आदेश दिया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों को 50 फीसदी सीटों पर सालाना 36 हजार रुपये की सरकारी फीस पर ही दाखिला लेना होगा, लेकिन उस पर अधिकांश निजी मेडिकल कॉलेज अमल नहीं कर रहे हैं।
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काउंसिलिंग सेंटर तक अधिकांश सेंटरों से शिकायत आ रही है कि बच्चे सीट अलाटमेंट लेटर लेकर कालेजों में जा रहे हैं, लेकिन उनका एडमिशन नहीं किया जा रहा है। उधर, दाखिला ना लेने के मामले में कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी है।
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बुधवार को 10 हजार से ऊपर की रैंक वाले अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया, लेकिन सर्वर में खराबी होने के कारण विभिन्न काउंसिलिंग सेंटरों पर 4 हजार तक रैंक (स्टेट रैंक) वाले अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग हो पाई है। मंगलवार को भी रात दो बजे तक काउंसिलिंग चली थी। बुधवार को भी सर्वर का कुछ यही हाल रहा, जिसके चलते काउंसिलिंग के दोनों काउंटरों पर खासी भीड़ देखने को मिली। प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता ने बताया है कि सर्वर ठप होने की वजह से जिन लोगों की काउंसिलिंग नहीं हो पाई है या फिर भी सीट लॉक नहीं हुई है। उन सभी की काउंसिलिंग बृहस्पतिवार को दो 12 बजे के बाद होगी। इसको लेकर लखनऊ से ही आदेश आया है।
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निजी कॉलेज सरकारी फीस पर नहीं ले रहे दाखिला
निजी कॉलेज सरकारी सीट पर एमबीबीएस में दाखिला नहीं ले रहे हैं। गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर से लेकर प्रदेश के तमाम शहरों से ऐसी खबरें आ रही है। प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता ने बताया है कि सरकार ने सख्त आदेश दिया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों को 50 फीसदी सीटों पर सालाना 36 हजार रुपये की सरकारी फीस पर ही दाखिला लेना होगा, लेकिन उस पर अधिकांश निजी मेडिकल कॉलेज अमल नहीं कर रहे हैं।
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काउंसिलिंग सेंटर तक अधिकांश सेंटरों से शिकायत आ रही है कि बच्चे सीट अलाटमेंट लेटर लेकर कालेजों में जा रहे हैं, लेकिन उनका एडमिशन नहीं किया जा रहा है। उधर, दाखिला ना लेने के मामले में कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी है।