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सत्य प्रकाश अग्रवाल ने दर्ज की सबसे बड़ी जीत, चौथी बार बने विधायक
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Sun, 12 Mar 2017 02:37 PM IST
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भाजपा विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने कैंट विधानसभा से सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। साथ ही उन्हें कैंट से लगातार चौथी वार विधायक बनने का गौरव भी हासिल हुआ है। मतगणना शुरू होने पर पहले राउंड से ही सत्यप्रकाश अग्रवाल आगे रहे और उसके बाद वे बसपा प्रत्याशी सतेंद्र सोलंकी से निर्णायक बढ़त लेते चले गए।
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पहले चरण में सतेंद्र सोलंकी को 2461 वोट मिले, तो वहीं सत्यप्रकाश अग्रवाल ने 4238 वोटों के साथ अपना खाता खोला। इसके बाद हर चरण में मतों का यह अंतर बढ़ता गया। अंतिम चरण की मतगणना में सत्यप्रकाश अग्रवाल दोगुने से ज्यादा वोट ले चुके थे। 29 वें चरण के बाद उन्होंने बसपा प्रत्याशी सतेंद्र सोलंकी को 76619 मतों से हराया। यानी 76 साल की उम्र में उन्होंने 76 हजार से अधिक मतों से अपनी जीत पुख्ता कर ली।
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सत्यप्रकाश अग्रवाल को 132518 मत मिले, जबकि सतेंद्र सोलंकी को 55899 और सपा-कांग्रेस गठबंधन से लड़ रहे रमेश धींगड़ा को 39650 मत मिले। कोई भी राउंड ऐसा नहीं रहा, जिसमें कोई विपक्षी प्रत्याशी अधिक मत ले पाया। इसके विपरीत जैसे-जैसे मतगणना का क्रम बढ़ता गया, सत्यप्रकाश अग्रवाल की जीत का अंतर भी चढ़ता गया। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर वर्ग से बीजेपी प्रत्याशी को वोट मिला, जिसके चलते उन्होंने इतनी बड़ी जीत दर्ज की।
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निर्णायक साबित हुआ अंतर
शुरूआत से ही सत्यप्रकाश अग्रवाल सतेंद्र सोलंकी से दोगुने मतों से आगे चल रहे थे। हालांकि वोटों का अंतर कभी थोड़ा कम हुआ तो कभी ज्यादा। लेकिन 20 वें राउंड के बाद 29 वें राउंड तक जीत का अंतर काफी बढ़ता चला गया। अंतिम 9 राउंडों की गिनती में सत्यप्रकाश अग्रवाल निर्णायक बढ़त लेकर जीत दर्ज कर चुके थे।
20 से 29 वें चरण के बीच का अंतर
चरण बीजेपी बसपा
20 87308 42507
21 92743 42935
22 98836 44948
23 104036 46085
24 108888 46795
25 115150 47528
26 118839 51050
27 123481 52580
28 127647 55088
29 132518 55899
कैंट में किसे मिले कितने वोट
सत्य प्रकाश अग्रवाल (बीजेपी) - 132518
सतेंद्र सोलंकी (बसपा) - 55899
रमेश धींगड़ा (गठबंधन) - 39650
संजीव धामा (रालोद) - 3851
कृष्ण कुमार - 332
जिले सिंह - 254
मौ. फिरोज - 285
लोकश - 102
सतीश चंद्र - 149
वीपी सिंह - 205
संजय वर्मा - 610
डॉ. नरेश चंद्रा - 394
प्रदीप शर्मा - 617
विनोद चौधरी - 950
नोटा - 1110
घमासान में चौथी बार खुद को साबित किया
चुनाव से पहले सत्यप्रकाश अग्रवाल के टिकट को लेकर खतरे के बादल मंडरा रहे थे। एक तरफ कयास लगाए जा रहे थे कि उनकी उम्र पार्टी के उस नियम से मेल नहीं खाती है, जिसमें 70 साल से अधिक की उम्र वाले प्रत्याशियों को टिकट देने से पार्टी ने इंकार किया है। दूसरे कुछ विरोधी भी इस प्रयास में लगे थे कि सत्यप्रकाश अग्रवाल को टिकट न मिले। लेकिन इस घमासान के बीच सत्यप्रकाश अग्रवाल ने न केवल मजबूत दावेदारी की, बल्कि मजबूती से चुनाव लड़कर इतने बड़े अंतर से जीत दर्ज कर खुद को साबित कर दिया। हालांकि उनकी इतने बड़े अंतर से जीत की उम्मीद न तो उनके विरोधियों को थी और न ही शुभचिंतकों को। लेकिन ऐतिहासिक जीत के बाद उन्होंने विरोधियों को खामोश कर दिया।
हर वर्ग ने किया बीजेपी को वोट
कैंट विधानसभा क्षेत्र में कुल मतों में से 236001 वोटरों ने अपने मताधिकारों का प्रयोग किया। जिसमें से 56.15 प्रतिशत अकेले बीजेपी प्रत्याशी को मिले हैं। जबकि बसपा और गठबंधन के दोनों प्रत्याशियों को मिलाकर महज 40.48 वोट मिले है। जिसमें बसपा के हिस्से में 23.68 और सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी को 16.80 प्रतिशत ही मत मिले हैं। वहीं, रालोद प्रत्याशी संजीव धामा को महज 1.63 प्रतिशत मत मिल पाए।