RSS ने 2019 के लिए झोंकी ताकत! जोशी बोले- हिंदुत्व से बदलेगा समाज
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश सदाशिव राव जोशी उर्फ भैयाजी जोशी ने कहा कि संघ सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन चला रहा है। जाति, क्षेत्र, भाषा की आवाज उठाने से समाज नहीं बदलेगा, बल्कि हिंदुत्व से समाज बदलेगा। प्रदूषण, कन्या भ्रूण हत्या, छुआछूत आदि सामाजिक बुराईयों पर करारा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि समाज परिवर्तन के लिए लोगों को अपनी मानसिकता में बदलाव लाना होगा।
25 फरवरी को मेरठ में होने वाले राष्ट्रोदय स्वयंसेवक समागम के लिए रविवार को जागृति विहार एक्सटेंशन के खाली मैदान में भूमि पूजन और 20 हजार स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में पूर्वाभ्यास किया। इस मौके पर संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने कहा कि दुर्जनों की शक्ति अपने आप इकट्ठा होती है, जबकि सज्जनों को एकत्र करना पड़ता है। संघ सज्जनों को एकत्र करके समाज को संगठित करने का कार्य कर रहा है। सामाजिक परिवर्तन किसी सत्ता या सरकार से नहीं, बल्कि समाज के दोष व बुराईयां दूर करने से होगा।
कहा कि समाज में परिवर्तन, संत, महात्मा, मठ, मंदिर, समाज सुधारकों ने किया। समाज जाति, धर्म, क्षेत्र की संकुचितता में बंटा है। जब सभी लोग ‘गर्व से कहो हम हिंदू हैं’ कहना सीख जाएंगे तो समाज में परिवर्तन हो जाएगा। इसके लिए मानसिकता में बदलाव लाना होगा। हमें श्रेष्ठ और अन्य कनिष्ठ की भावना दूर करके हिंदू पहचान व स्वाभिमान का भाव जगाना होगा। कानून से जाति बंधन नहीं टूट सकता। खुद को स्वयंसेवक मानने वाला संकुचितता से ऊपर उठ जाता है। इससे समाज की दुर्बलता और संकुचितता दूर होगी।
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आज का समाज डरा हुआ
भैयाजी जोशी ने कहा कि आज का समाज संकुचित और डरा हुआ है। हिंदू संगठित न होने के कारण विभिन्न धर्मावलंबियों के आक्रमण का खतरा बना हुआ है। भयग्रस्त समाज को निर्भय करने के लिए उसे संगठित करना होगा। हिंदुओं के जाति, प्रांत, भाषा के तौर पर बंटने का लाभ अहिंदू शक्तियां उठाती हैं। हमें सशक्त हिंदू बनना होगा। कांवड़ यात्रा, सत्संग जैसी भीड़ में शक्ति का दर्शन नहीं होता। मन से खड़ा होकर ही संगठित समाज बन सकता है।
कुरीतियों, प्रदूषण, स्वच्छता पर चेताया
सरकार्यवाह ने स्वयंसेवकों को समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए तैयार रहने को कहा। इसके अलावा प्रदूषण और कन्या भ्रूण हत्या जैसी समसामयिक समस्याओं को दूर करने के लिए आगे आने को कहा। कहा कि आज समाज में कई बुराईयां मौजूद हैं। हिंदू बनकर ही हम इन समस्याओं को दूर कर सकते हैं। दलित, सवर्ण, अस्पृश्यता, पर्यावरण प्रदूषण, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा जैसी बीमारियां समाज का पतन करने में लगी है। सरकार के कानून बनाने से समस्याएं दूर नहीं होगी। समाज में शक्ति का रूप महिलाओं को जीवन सुरक्षित नहीं है। कन्या भ्रूण हत्या का पाप किया जा रहा है। इस कुरीति की मूल जड़ दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए समाज को आगे आना होगा। इन दोषों से समाज को मुक्त करके हमें नया समाज खड़ा करना होगा।
भ्रष्टाचार करने विदेश से नहीं आए
सरकार्यवाह ने कहा कि समाज में लोग धन कमाने में जुटे हैं। इससे समाज में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। भ्रष्टाचार करने वाले लोग विदेश से नहीं आए हैं, बल्कि सब यही के निवासी है। संस्कारों के द्वारा इन दोषों को दूर करने का स्वयंसेवकों का दायित्व है।
पर्यावरण को बचाना होगा
हरित माने जाने वाली मेरठ की धरती से पर्यावरण प्रदूषण पर प्रहार करते हुए भैयाजी जोशी ने कहा कि प्रदूषण दूर करके पर्यावरण की रक्षा भी हमें ही करनी होगी। नए वातावरण का निर्माण करना पड़ेगा। पौधे लगाने होंगे। नदियों व तालाबों को बचाना होगा। किसानों को रसायनिक खाद नहीं डालने के लिए समझाना पड़ेगा। गलत नीति त्यागनी पड़ेगी। नहीं तो एक दिन ऐसा आएगा कि धरती रेगिस्तान बन जाएगी। हमें जैविक संसाधनों को अपनाना होगा।
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मुस्लिमों व ईसाईयों के खिलाफ नहीं गौरक्षा आंदोलन
सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने कहा कि गौरक्षा को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। गौरक्षा आंदोलन मुस्लिमों और ईसाईयों के खिलाफ नहीं है। गौरक्षा देश की अस्मिता, गौरव और आस्था से साथ जुड़ा है। इसे बेवजह सांप्रदायिक मुद्दा बनाया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ समाज को जागरूक करना होगा। हमें शक्ति बनकर काम करना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान पर कहा कि देश को स्वच्छ करने का काम स्वच्छता के विज्ञापनों से, पत्रक बांटने से नहीं होगा। बल्कि हमें खुद को बदलकर सरकार की देश को स्वच्छ करने की मंशा को साकार करना होगा। इसके लिए अपनी मानसिकता सभी को बदलनी होगी।
चीनी मंशा के प्रति सावधान किया
सरकार्यवाह ने किसी देश का नाम न लेते हुए कहा कि दुनिया के देश भारत को अपना बाजार समझ रहे हैं। ऐसी विकट घड़ी में देश के लोगों को अपनी देशभक्ति को आचरण में लाना होगा। स्वदेशी अपना कर हम विदेशी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दे सकते हैं। लोगों को समझाने, प्रेरणा देने में 25 फरवरी को होने वाला राष्ट्रोदय सहायक बनेगा। इससे लोग सुप्तावस्था से जाग जाएंगे।
स्वामी विवेकानंद ने की अध्यक्षता
भूमि पूजन और पूर्वाभ्यास कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने की। कार्यक्रम में संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख सुरेश चंद्र, सह सेवा प्रमुख राजकुमार, क्षेत्र प्रचारक आलोक कुमार, क्षेत्र कार्यवाह मनवीर सिंह, क्षेत्र सेवा प्रमुख गंगाराम, क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य किशन चंद्र, राजेश्वर, अनिल, जगदीश, मनिराम, पद्म सिंह, कृपा शंकर, ईश्वर दयाल, अजय मित्तल, दर्शनलाल अरोड़ा, सूर्यप्रकाश टोंक, फूल सिंह, विपिन त्यागी, सुदर्शन चक्र महाराज, संजय त्यागी, चरण सिंह त्यागी, डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, कृष्ण कुमार, डॉ. प्रशांत जिंदल, डॉ. नीरज सिंघल, गजेंद्र शर्मा, आलोक सिसौदिया, इंद्रपाल बजरंगी, राहुल ठाकुर, राहुल गोयल, रविंद्र मलिक, शुभांकर गुप्ता, मुकेश सिंघल, विशाल बिंदल, संदीप रेवड़ी, विवेक वाजपेयी आदि मौजूद थे।
विभिन्न स्थानों से आया सामान
राष्ट्रोदय स्वयंसेवक समागम के भूमि पूजन के लिए मेरठ प्रांत के विभिन्न स्थानों से अलग-अलग वस्तुएं मंगाई गई। इसमें जल, मिट्टी, शस्त्र, ईंट, ध्वज आदि शामिल है। रामपुर का चाकू, बागपत के लाक्षागृह, बेहट सहारनपुर से ऊंचा ध्वज आदि सामान मंगवाया गया।
सामाजिक ताना बाना के बीच हिंदुत्व होगा मुख्य एजेंडा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश जहां सांप्रदायिक के बीच जातीय बंटवारा भी अहम बना है। वहां इस दिशा में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने सधी हुई सोच के साथ कदम बढ़ा दिए हैं। 25 फरवरी को होने वाले ‘राष्ट्रोदय’ के जरिए पश्चिम के ढाई लाख स्वयंसेवकों को संघ परिवार जातीय खाई को पाटते हुए पूरी तरह हिंदुत्व के मुद्दे पर काम करेगा। यह संदेश रविवार को भूमि पूजन में आए संघ के दूसरे नंबर के नेता सर कार्यवाह सुरेश भैया जोशी के संबोधन से साफ हो गया।
सुरेश भैया जोशी ने अपना संबोधन ही हिंदुत्व के आह्वान से शुरू किया। कहा कि हम हिंदू है और इस पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने हिंदू समाज के जातियों में बंटने का विरोध करते हुए कहा कि हम बंटे हुए हैं तभी डरे हुए हैं। बड़ी जाति, छोटी जाति इससे बाहर आना होगा और हिंदू बनकर काम करना होगा। मतलब साफ है कि संघ अब पूरी तरह हिंदुत्व के एजेंडे पर काम करने के लिए अपना मन बना चुका है। सुरेश भैया जोशी ने गौरक्षा पर भी संघ के एजेंडे को स्पष्ट कर दिया कि गौरक्षा पर यदि काई दूसरा धर्म आपत्ति करता है, तो उसकी अब परवाह नहीं की जाएगी। हिंदुत्व के साथ गौरक्षा जैसा संवेदनशील मुद्दा भी अब खुलकर सामने होगा।
संघ के सरकार्यवाह ने सत्ता को सिर्फ सुविधाएं देने और परिवर्तन न करने की बात कहकर स्पष्ट कर दिया कि परिवर्तन समाज को खुद करना है। कन्या भ्रूण हत्या, नशा मुक्ति, पर्यावरण, स्वच्छता आदि बिंदु ऐसे हैं जहां किसी कानून के बनाने या सत्ता के द्वारा परिवर्तन नहीं हो सकता है। बल्कि समाज को खुद बदलना होगा।
अब लगेंगी शाखाएं और ढाई लाख स्वयंसेवक देंगे संदेश
संघ परिवार की सोच के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन मंडलों मुरादाबाद, सहारनपुर और मेरठ की आबादी करीब चार करोड़ है। जिसमें करीब 60 प्रतिशत हिंदू निवास करता है। 25 फरवरी को होने वाले राष्ट्रोदय कार्यक्रम में इन्हीं मंडलों से ढाई लाख कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और सर संघ चालक मोहनराव भागवत का संदेश लेकर आगामी योजना को लेकर मैदान में उतरेंगे।
2019 है अप्रत्यक्ष टारगेट
भले ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अराजनीतिक संगठन हो। लेकिन उसकी मुख्य शाखा में भारतीय जनता पार्टी भी आती है। संघ से निकले हुए नेता ही भाजपा में मुख्य रूप से कमान संभाल रहे हैं और भाजपा की भूमि को मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में साफ है कि 2014 के बाद भले ही 2017 में भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा फतह की हो। लेकिन हालात इस बार बदले हुए हैं। ऐसे में अप्रत्यक्ष रुप से इस राष्ट्रोदय के माध्यम से 2019 के लक्ष्य को भी देखा जा रहा है।
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