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रिश्वतखोरी में घिरने के बाद कैंट बोर्ड की नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Tue, 27 Sep 2016 02:46 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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रिश्वतखोरी में घिरने के बाद कैंट बोर्ड की नियुक्ति प्रक्रिया सोमवार को निरस्त कर दी गई। सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने प्रक्रिया निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। वेबसाइट पर आदेश अपलोड कर दिया गया। छह दिन पहले सीबीआई के छापे में कैंट बोर्ड के सेनेटरी इंस्पेक्टर योगेश यादव से 10 लाख रुपये की रिश्वत पकड़ी गई थी।
कैंट बोर्ड ने 14 क्लर्क, छह शिक्षक, दो मोटर पंप अटेंडेंट और एक हिंदी ट्रांसलेटर के पद पर नियुक्ति निकाली थी। इसके लिए लिखित परीक्षा हुई। परीक्षा के दो-तीन दिन बाद ही सीबीआई ने छापा मारकर सेनेटरी इंस्पेक्टर योगेश यादव को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।
यह पैसा मोटर पंप अटेंडेंट के पद पर नियुक्ति कराने के बदले लिया था। योगेश रिमांड के बाद अब न्यायिक हिरासत में है। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। इस बीच बोर्ड सदस्यों ने कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा के नेतृत्व में सीईओ से मुलाकात की। नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की। पत्र बोर्ड अध्यक्ष जीओसी मेजर जनरल के मनमीत सिंह के नाम था। सोमवार को सीईओ की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।
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850 अभ्यर्थियों को झटका
लिखित परीक्षा में करीब 850 अभ्यर्थी बैठे थे। नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त होने से उन्हें झटका लगा है। विवाद खड़ा होने और सीबीआई की जांच चलने की वजह से यह कदम उठाया गया है। सीबीआई का मकसद नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त कराने और रिश्वत लेकर नौकरी का दिलासा दिलाने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाना है। प्रक्रिया निरस्त होने से नियुक्ति तो नहीं होगी, लेकिन सीबीआई की जांच चलेगी।
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कैंट बोर्ड ने 14 क्लर्क, छह शिक्षक, दो मोटर पंप अटेंडेंट और एक हिंदी ट्रांसलेटर के पद पर नियुक्ति निकाली थी। इसके लिए लिखित परीक्षा हुई। परीक्षा के दो-तीन दिन बाद ही सीबीआई ने छापा मारकर सेनेटरी इंस्पेक्टर योगेश यादव को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।
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यह पैसा मोटर पंप अटेंडेंट के पद पर नियुक्ति कराने के बदले लिया था। योगेश रिमांड के बाद अब न्यायिक हिरासत में है। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। इस बीच बोर्ड सदस्यों ने कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा के नेतृत्व में सीईओ से मुलाकात की। नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की। पत्र बोर्ड अध्यक्ष जीओसी मेजर जनरल के मनमीत सिंह के नाम था। सोमवार को सीईओ की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।
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850 अभ्यर्थियों को झटका
लिखित परीक्षा में करीब 850 अभ्यर्थी बैठे थे। नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त होने से उन्हें झटका लगा है। विवाद खड़ा होने और सीबीआई की जांच चलने की वजह से यह कदम उठाया गया है। सीबीआई का मकसद नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त कराने और रिश्वत लेकर नौकरी का दिलासा दिलाने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाना है। प्रक्रिया निरस्त होने से नियुक्ति तो नहीं होगी, लेकिन सीबीआई की जांच चलेगी।