{"_id":"575b214e4f1c1b3b0c9c5b87","slug":"registration-se-aadhar","type":"story","status":"publish","title_hn":"रजिस्ट्रेशन से आधार की अनिवार्यता आउट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रजिस्ट्रेशन से आधार की अनिवार्यता आउट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jun 2016 01:56 AM IST
विज्ञापन
रजिस्ट्रेशन में आधार अनिवार्य
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के मेरठ और सहारनपुर मंडल में मौजूद 65 एडेड और राजकीय कॉलेजों में यूजी एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। 12 जून से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे। विवि ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से आधार नंबर की बाध्यता को हटा दिया है। इससे छात्रों को राहत मिलेगी।
शुक्रवार को कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने एडमिशन के संबंध में प्रेस वार्ता में साफ किया कि आधार कार्ड नंबर या आवेदन नंबर की बाध्यता नहीं रहेगी। छात्रों की सहूलियत का ख्याल रखा जाएगा। विवि ने समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति संबंधी मामले में आधार कार्ड बनवाने और नंबर देने के निर्देश का पालन करते हुए रजिस्ट्रेशन में यह व्यवस्था की थी, लेकिन यह निर्देश छात्रवृत्ति के मामले में दिया गया था। विवि छात्र हित में अभी बाध्यता नहीं करेगा।
रजिस्ट्रेशन में विवि ने इस बार 100 रुपये में तीन की जगह छह कॉलेज चुनने की आजादी दी है। रजिस्ट्रेशन को तीन चरण में बांटा है। पहले चरण में राजकीय, एडेड कॉलेजों के, दूसरे चरण में सेल्फ फाइनेंस कॉलेज और तीसरे चरण में प्रोफेशनल कोर्स के रजिस्ट्रेशन होंगे। राजकीय और एडेड कॉलेजों के रजिस्ट्रेशन 12 जून से 25 जून तक होंगे। इसके बाद दो दिन का वक्त फार्म में अगर कोई गलती हो गई है तो सुधार कर लें। पहली मेरिट 28 जून को जारी की जाएगी।
विज्ञापन
15 जुलाई तक एडमिशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कितनी मेरिट आएंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। विवि ने वक्त तय किया है। कुलपति का कहना है विवि का लक्ष्य समय पर एडमिशन पूरे कर छात्रों को पढ़ाई के लिए ज्यादा से ज्यादा दिन देना चाहता है। ताकि सत्र सुधर सके। प्रेस वार्ता में प्रतिकुलपति प्रो. एचएस सिंह, प्रवेश समन्वयक प्रो. वाई विमला, डॉ. प्रशांत कुमार, नितिन द्विवेदी और मिलिंद सिंह मौजूद रहे।
रजिस्ट्रेशन फार्म में हुए हैं कुछ बदलाव
नए सत्र में रजिस्ट्रेशन फार्म में कुछ बदलाव किए गए हैं। 12वीं का रोल नंबर डालने पर नाम, माता-पिता का नाम और नंबर फार्म पर ट्रांसफर हो जाएंगे। विवि ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से डाटा लिया है। डेट ऑफ बर्थ खुद भरनी होगी। गर्ल्स होने पर फीमेल और इसी तरह धर्म के कॉलम में सुविधा दी गई है। कश्मीरी स्टूडेंट्स के लिए हर कोर्स में एक सीट का कोटा होगा। रजिस्ट्रेशन मोबाइल से भी कर सकते हैं। फार्म मोबाइल साइज के हिसाब से डिजाइन किया गया है। फार्म दो से तीन मिनट में भरा जा सकता है। फार्म दो पेज का है। ऑटोसेव होगा।
रजिस्ट्रेशन हो सकेगा ट्रांसफर
एडेड और राजकीय कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एडमिशन से वंचित रहे गए छात्रों का रजिस्ट्रेशन सेल्फ फाइनेंस कॉलेज में ट्रांसफर हो सकेगा। इसमें कोई चार्ज नहीं लगेगा। पंजीकरण संख्या बदल जाएगी। यह बदलाव छात्र अपनी लॉगिन आईडी से कर सकेंगे।
स्पोर्ट्स कोटे के जल्द होंगे एडमिशन
हर साल स्पोर्ट्स कोटे के एडमिशन लेट होते हैं। इस बार ट्रायल का काम जल्दी होगा। जब कॉलेजों में एडमिशन चल रहे होंगे, इसी बीच ट्रायल पूरे करा लिए जाएंगे, ताकि जल्दी एडमिशन हो सके।
पीजी में भी लागू होगी व्यवस्था
रोल नंबर से छात्र की बाकी डिटेल फार्म पर अपलोड होने की व्यवस्था इस बार पीजी कोर्स के एडमिशन में भी लागू होगी। विवि अपने छात्रों के साथ यह कम से कम करेगा। वेरिफिकेशन के लिए विवि यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट का डाटा लेता है। यह सिस्टम पीजी एडमिशन में भी लागू होगा।
खास बातें
- 100 रुपये में छह कॉलेज चुनने की होगी आजादी।
- रजिस्ट्रेशन के दौरान छात्र की बनेगी लॉगिन आईडी और पासवर्ड।
- क्रिमिनल रिकॉर्ड की घोषणा करनी होगी।
- बीए में उपलब्ध विषय का कॉम्बिनेशन दिखेगा।
- गोपनीय नंबर छात्र को मोबाइल और ईमेल पर मिलेगा।
- री कंसीडर का मौका नहीं मिलेगा।
- यूपी वालों को मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं देना होगा, दूसरे बोर्ड के लिए अनिवार्य।
- वैलिड बोर्ड की लिस्टिंग की गई है।
- मेरिट ऑनलाइन देखी जा सकेगी।
विज्ञापन
शुक्रवार को कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने एडमिशन के संबंध में प्रेस वार्ता में साफ किया कि आधार कार्ड नंबर या आवेदन नंबर की बाध्यता नहीं रहेगी। छात्रों की सहूलियत का ख्याल रखा जाएगा। विवि ने समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति संबंधी मामले में आधार कार्ड बनवाने और नंबर देने के निर्देश का पालन करते हुए रजिस्ट्रेशन में यह व्यवस्था की थी, लेकिन यह निर्देश छात्रवृत्ति के मामले में दिया गया था। विवि छात्र हित में अभी बाध्यता नहीं करेगा।
विज्ञापन
रजिस्ट्रेशन में विवि ने इस बार 100 रुपये में तीन की जगह छह कॉलेज चुनने की आजादी दी है। रजिस्ट्रेशन को तीन चरण में बांटा है। पहले चरण में राजकीय, एडेड कॉलेजों के, दूसरे चरण में सेल्फ फाइनेंस कॉलेज और तीसरे चरण में प्रोफेशनल कोर्स के रजिस्ट्रेशन होंगे। राजकीय और एडेड कॉलेजों के रजिस्ट्रेशन 12 जून से 25 जून तक होंगे। इसके बाद दो दिन का वक्त फार्म में अगर कोई गलती हो गई है तो सुधार कर लें। पहली मेरिट 28 जून को जारी की जाएगी।
विज्ञापन
15 जुलाई तक एडमिशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कितनी मेरिट आएंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। विवि ने वक्त तय किया है। कुलपति का कहना है विवि का लक्ष्य समय पर एडमिशन पूरे कर छात्रों को पढ़ाई के लिए ज्यादा से ज्यादा दिन देना चाहता है। ताकि सत्र सुधर सके। प्रेस वार्ता में प्रतिकुलपति प्रो. एचएस सिंह, प्रवेश समन्वयक प्रो. वाई विमला, डॉ. प्रशांत कुमार, नितिन द्विवेदी और मिलिंद सिंह मौजूद रहे।
रजिस्ट्रेशन फार्म में हुए हैं कुछ बदलाव
नए सत्र में रजिस्ट्रेशन फार्म में कुछ बदलाव किए गए हैं। 12वीं का रोल नंबर डालने पर नाम, माता-पिता का नाम और नंबर फार्म पर ट्रांसफर हो जाएंगे। विवि ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से डाटा लिया है। डेट ऑफ बर्थ खुद भरनी होगी। गर्ल्स होने पर फीमेल और इसी तरह धर्म के कॉलम में सुविधा दी गई है। कश्मीरी स्टूडेंट्स के लिए हर कोर्स में एक सीट का कोटा होगा। रजिस्ट्रेशन मोबाइल से भी कर सकते हैं। फार्म मोबाइल साइज के हिसाब से डिजाइन किया गया है। फार्म दो से तीन मिनट में भरा जा सकता है। फार्म दो पेज का है। ऑटोसेव होगा।
रजिस्ट्रेशन हो सकेगा ट्रांसफर
एडेड और राजकीय कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एडमिशन से वंचित रहे गए छात्रों का रजिस्ट्रेशन सेल्फ फाइनेंस कॉलेज में ट्रांसफर हो सकेगा। इसमें कोई चार्ज नहीं लगेगा। पंजीकरण संख्या बदल जाएगी। यह बदलाव छात्र अपनी लॉगिन आईडी से कर सकेंगे।
स्पोर्ट्स कोटे के जल्द होंगे एडमिशन
हर साल स्पोर्ट्स कोटे के एडमिशन लेट होते हैं। इस बार ट्रायल का काम जल्दी होगा। जब कॉलेजों में एडमिशन चल रहे होंगे, इसी बीच ट्रायल पूरे करा लिए जाएंगे, ताकि जल्दी एडमिशन हो सके।
पीजी में भी लागू होगी व्यवस्था
रोल नंबर से छात्र की बाकी डिटेल फार्म पर अपलोड होने की व्यवस्था इस बार पीजी कोर्स के एडमिशन में भी लागू होगी। विवि अपने छात्रों के साथ यह कम से कम करेगा। वेरिफिकेशन के लिए विवि यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट का डाटा लेता है। यह सिस्टम पीजी एडमिशन में भी लागू होगा।
खास बातें
- 100 रुपये में छह कॉलेज चुनने की होगी आजादी।
- रजिस्ट्रेशन के दौरान छात्र की बनेगी लॉगिन आईडी और पासवर्ड।
- क्रिमिनल रिकॉर्ड की घोषणा करनी होगी।
- बीए में उपलब्ध विषय का कॉम्बिनेशन दिखेगा।
- गोपनीय नंबर छात्र को मोबाइल और ईमेल पर मिलेगा।
- री कंसीडर का मौका नहीं मिलेगा।
- यूपी वालों को मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं देना होगा, दूसरे बोर्ड के लिए अनिवार्य।
- वैलिड बोर्ड की लिस्टिंग की गई है।
- मेरिट ऑनलाइन देखी जा सकेगी।