फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Ravana said outside the court, rasuka does not feel afraid

'रावण' ने पेशी के बाद कहा, रासुका से नहीं लगता डर

Tue, 07 Nov 2017 11:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Tue, 07 Nov 2017 11:18 AM IST
विज्ञापन
Ravana said outside the court, rasuka does not feel afraid
भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण - फोटो : अमर उजाला

सहारनपुर हिंसा के आरोपी व भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया। इस दौरान चंद्रशेखर ने कहा कि हम रासुका से डरने वाले नहीं हैं। प्रशासन चाहे हमारा कितना भी उत्पीड़न कर ले। न्यायालय ने चंद्रशेखर के मामले में 20 नवंबर की तारीख लगाई है। 

विज्ञापन


सहारनपुर हिंसा का आरोपी व भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर रावण और भीम आर्मी के कमल वालिया को सोमवार को जिला कारागार से कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने एसीजेएम प्रथम की न्यायालय में पेश किया। पुलिस गुपचुप तरीके से चंद्रशेखर को लेकर कोर्ट पहुंची। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि प्रशासन चाहे उसका कितना भी उत्पीड़न कर ले, लेकिन हम रासुका से डरने वाले नहीं हैं। चंद्रशेखर काला चश्मा लगाकर और गले में नीला पटका डालकर कोर्ट पहुंचा। 
विज्ञापन


सहारनपुर में नौ मई को हुई हिंसा के मामले में चंद्रशेखर के खिलाफ 19 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 14 मामलों को मर्ज किया गया था। एक मामले में चंद्रशेखर को स्थानीय अदालत से जमानत मिल गई थी। बाकी चार मामलों में तीन दिन पूर्व चंद्रशेखर को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। इसके बाद प्रशासन ने चंद्रशेखर रावण पर रासुका की कार्रवाई की है। रासुका लगाने से खफा भीम आर्मी के पदाधिकारी प्रशासन को लगातार चेतावनी दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें : भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण को हाईकोर्ट से मिली जमानत

रावण पर रासुका में कार्रवाई होने से दलित समाज में रोष

Ravana said outside the court, rasuka does not feel afraid
रावण पर रासुका में कार्रवाई होने से दलित समाज में रोष - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर रासुका में कार्रवाई होने से दलित समाज में रोष है। दलित समाज के लोगों ने एसडीएम रामविलास यादव के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर रासुका हटाने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि शब्बीरपुर गांव में कुछ दबंगों ने दलित समाज के घरों में आग लगा दी थी। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और जानलेना हमला किया था। विरोध करने पर भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद समेत 40-45 युवकों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल भेज दिया गया। चंद्रशेखर आजाद और कमल वालिया की हाईकोर्ट से जमानत मंजूर हो गई। लेकिन शासन-प्रशासन ने मनमानी दिखाते हुए चंद्रशेखर पर रासुका में कार्रवाई कर दी। यह मानवाधिकारों का भी खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन चंद्रशेखर को जेल से बाहर नहीं आने देना चाहता है। चेतावनी दी यदि जब तक चंद्रशेखर आजाद पर लगी रासुका को हटाया नहीं जाएगा, दलित समाज आंदोलन जारी रखेगा। ज्ञापन देने वालों में पिंटू, प्रवीन, राहुल, नवनीत आदि मौजूद रहे।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed