टोल पर 23 घंटे रहा भाकियू का कब्जा, फ्री गुजरे वाहन
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मोदीपुरम (मेरठ)। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) का वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा पर करीब 23 घंटे तक कब्जा रहा। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में शुक्रवार शाम चार बजे से यह धरना चल रहा था। रात भर वाहन फ्री गुजरे। शनिवार मध्याह्न करीब तीन बजे एनएचएआई, टोल कंपनी और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता के बाद धरना खत्म हुआ। टोल अफसरों का दावा है कि इस धरने से उन्हें 25 लाख का नुकसान उठाना पड़ा।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को ऊर्जा भवन मेरठ पर धरना दिया था। जहां से शाम को लौटते समय एक कार्यकर्ता का टैक्स मांगने को लेकर टोल कर्मियों से विवाद हो गया था। जिसके बाद भाकियू ने टोल प्लाजा के बूम तोड़कर टोल फ्री कराते हुए पूरी रात धरना दिया। शनिवार सुबह से ही मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, बुलंदशहर जिलों से भाकियू समर्थक टोल पर आने लगे थे। जिसके चलते टोल पर आरएएफ और पुलिस फोर्स भी बुला ली गई थी।
दोपहर दो बजे एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर (पीडी) डीके चतुर्वेदी, टोल मेंटेनेंस मैनेजर बृजेश सिंह, अपर नगर मजिस्ट्रेट अमिताभ यादव, सीओ दौराला पंकज कुमार सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और राकेश टिकैत से वार्ता की। भाकियू ने वार्ता के दौरान ज्ञापन सौंपा। पीडी ने इस दौरान सरकारी गजट दिखाया, जिसका अनुबंध एनएचएआई से है। करीब एक घंटे वार्ता के बाद राकेश टिकैत ने कहा कि यदि ये मांगें 24 दिसंबर तक पूरी नहीं हुईं तो 25 दिसंबर से फिर टोल फ्री कराकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।
यह थी मुख्य मांगें
टोल प्लाजा पर 24 घंटे का पर्ची सिस्टम लागू हो। यानी यदि कोई वाहन चालक मेरठ से मुजफ्फरनगर के बीच 24 घंटे के अंदर आना-जाना कर रहा है तो उससे एक बार ही टैक्स लिया जाए। यदि यह मांग पूरी नहीं हुई तो भाकियू जनता के लिए हर सप्ताह शुक्रवार शाम चार बजे से सोमवार सुबह 10 बजे तक टोल फ्री कराएगी। एक जनवरी से भाकियू टोल पर अपनी रेट लिस्ट जारी करेगी। पुलिस प्रशासन या टोल प्रशासन, जो भी इस लिस्ट को हटाएगा, उसके खिलाफ धरना दिया जाएगा। टोल से हुई आय से तीन गांवों में विकास कार्य कराए जाएं। हाईवे पर अधूरे कार्य शीघ्र पूरा किए जाएं।
ये रहे वार्ता में
टोल कंपनी के मार्कोलेन के सीनियर मैनेजर दीपक दीक्षित, रूट ऑपरेशन के चेयरमैन बलराम चौधरी, डायरेक्टर पंकज सिंह, सुरक्षाधिकारी मनिंदर विहान, भाकियू से मंडलाध्यक्ष मांगेराम त्यागी, मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, युवा जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत, सभासद संजय दौरालिया, मनोज त्यागी, नेहा त्यागी, अमरीश, महेंद्र सिंह, योगेश शर्मा, दीपक बालियान, गजेंद्र सिंह, रविंद्र दौरालिया, कर्मवीर, हनी बालियान, बृजमोहन।
मंत्रालय से होगा निर्णय
पीडी डीके चतुर्वेदी के अनुसार नेशनल हाईवे और टोल कंपनी के बीच जो समझौता है, उसके तहत टोल वसूली की जा रही है। समझौते में वापसी का कोई प्रावधान नहीं है, इसमें संशोधन के लिए मंत्रालय को कहा जाएगा, वहां से जो निर्णय होगा उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अतिरिक्त कार्य के लिए 200 करोड़ का टेंडर पास हो गया है। शीघ्र ही काम शुरू होगा।
निर्देशों का होगा पालन
टोल प्लाजा के निदेशक रमन त्यागी का कहना है कि समझौते के अनुसार ही टोल टैक्स लिया जा रहा है। कंपनी यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखती है। किसी के साथ कोई अभद्रता नहीं की जाती है। टोल वापसी के संबंध में एनएचएआई से मिले निर्देशों का पालन किया जाएगा। कंपनी को इस धरने से करीब 25 लाख का नुकसान हुआ है।
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