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रजनी हत्याकांड : पति समेत छह को उम्रकैद, ये था पूरा मामला

Sun, 07 Jan 2018 05:00 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sun, 07 Jan 2018 05:00 PM IST
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Rajni assassination: life imprisonment for six including husband, this was the whole case
अदालत ने सुनाई सजा

मुजफ्फरनगर में राजपुर कलां के रजनी हत्याकांड में पति समेत छह ससुराल वालों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने साथ ही आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया है। एडीजे (15) राजेश भारद्वाज की कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया। सजा सुनाए जाने पर मृतका रजनी के पति, ससुर, सास, दो ननद और देवर को जेल भेज दिया गया।

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दहेज की मांग पूरी न होने पर दस वर्ष पहले विवाहिता रजनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ककरौली थाना क्षेत्र के गांव टंढेड़ा के ओमपाल सिंह ने 17 फरवरी 2008 को जानसठ कोतवाली पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बेटी रजनी की शादी 27 नवंबर, 2002 को जानसठ कोतवाली के गांव राजपुरकलां निवासी रतन सिंह के बेटे सचिन के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज में नगदी और कार की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न करने लगे थे। इसी के चलते 17 फरवरी 2008 को विवाहिता रजनी के पति सचिन, ससुर रतन सिंह, सास ओमकारी, ननद संगीता, सुनीता ने उसकी पिटाई की। इसी दौरान देवर मोनू उर्फ विपिन ने पेट में गोली मार कर रजनी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करके सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की। यह मुकदमा एडीजे राजेश भारद्वाज की अदालत संख्या-15 में सुना गया। एडीजीसी योगेश कुमार शर्मा और चौधरी कय्यूम अली ने कोर्ट में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए रजनी की हत्या करने का दोषी करार देते हुए मृतका के पति सचिन, ससुर रतन सिंह, सास ओमकारी, देवर मोनू उर्फ विपिन तथा ननद संगीता और सुनीता को धारा 304 बी में आजीवन कारावास, धारा 498ए में तीन-तीन वर्ष के कारावास और एक-एक हजार रुपये जुर्माना तथा 3/4 दहेज उत्पीड़न एक्ट में एक-एक वर्ष का कारावास और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
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