मेरठ के शहीद जवान अजय कुमार का जिस जगह पर अंतिम संस्कार किया गया यह वही जगह है जहां वह अपने दोस्तों के साथ बचपन में क्रिकेट खेला करते थे।
मेरठ के जानी क्षेत्र के गांव बसा टीकरी निवासी वीरपाल सिंह के पुत्र सेना के जवान अजय कुमार रविवार रात पुलवामा में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस जगह शहीद का अंतिम संस्कार किया गया वहां कभी दोस्तों के साथ क्रिकेट खेला करते थे।
सोमवार रात उनका पार्थिव शरीर मेरठ के सैनिक अस्पताल में लगाया गया था। यहां से मंगलवार सुबह आठ बजे सेना के जवानों, एसपी ट्रैफिक, आर्मी बैंड के साथ पूरा काफिला बसा टीकरी के लिए रवाना हुआ। लगभग साढे़ 11 बजे यह काफिला उनके घर पहुंचा जहां भारी हुजूम जमा हो चुका था। रास्ते भर शहीद की अर्थी पर फूलों की वर्षा होती रही।
जगह जगह लोगों ने काफिले को रोककर श्रद्धांजलि दी। घर से अजय की अंतिम यात्रा आईटीआई कालेज पतला के लिए रवाना हुई। लगभग डेढ़ किमी की इस दूरी में इस कदर भीड़ उमड़ रही थी कि सेना, पुलिस व ग्रामीणों को व्यवस्था बनाने में एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा।
बसा टीकरी के अलावा मेरठ शहर तथा आसपास के गांवों से जनसमूह यहा एकत्र हुआ। आईटीआई मैदान शवयात्रा के पहुंचने से पहले ही खचाखच भर चुका था। हर तरफ शहीद के शान में नारे लग रहे थे। हर सीने में दर्द था हर आंख नम थी।
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martyr ajay kumar
- फोटो : अमर उजाला
करीब एक बजे जैसे ही अजय के ढाई वर्षीय पुत्र आरव ने उन्हें मुखाग्नि दी, पूरा आसमान ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, अजय तेरा नाम रहेगा’और ‘भारत माता की जय’आदि जयघोषों से गूंज उठा।