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प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 'आयुष्मान' के आशीर्वाद से गर्भवती महिलाएं वंचित, नहीं मिल पा रहा लाभ

Tue, 20 Aug 2019 04:13 AM IST
Gaurav sharma अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ
अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Tue, 20 Aug 2019 04:13 AM IST
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Pregnant deprived of Ayushman's 'blessings'
गर्भवती - फोटो : SELF
आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है। पिछले 10 माह में महिला जिला अस्पताल में करीब चार हजार प्रसव हुए हैं, इनमें से सिर्फ नौ महिलाओं की ही आयुष्मान के तहत डिलीवरी हुई है, जो महज 2.3 प्रतिशत है। मैरिज सर्टिफिकेट और जागरूकता का अभाव होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।
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गर्भवती महिलाओं के लिए यह योजना नियमों के फेर में उलझी है। इस योजना के तहत उन्हीं महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनका नाम साल 2011 की आर्थिक जनगणना के अनुसार इसमें शामिल किया गया था।
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वर्ष 2011 के बाद जिन महिलाओं की शादी हुई है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिला पा रहा है। जब वह डिलीवरी के लिए महिला जिला अस्पताल आती हैं तो उन्हें आयुष्मान के लाभार्थियों में खोजा जाता, लेकिन सूची में उनका नाम नहीं होता है।
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मेरठ में आयुष्मान योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। आयुष्मान के तहत मेरठ जिले में दो लाख पांच हजार 70 परिवार चिह्नित किए गए हैं। इनमें 83 हजार 70 परिवार देहात और 1.22 लाख परिवार शहरी क्षेत्र के हैं। 2011 की आर्थिक गणना की सूची के आधार पर इसे तैयार किया है।

मैरिज सर्टिफिकेट नहीं ला पाती हैं

आयुष्मान योजना के तहत जिन महिलाओं का नाम नहीं हैं, उन्हें शामिल होने के लिए उनसे मैरिज सर्टिफिकेट मांगा जाता है, लेकिन वह डिलीवरी की परेशानी में इसे बनवा नहीं पाते हैं और आयुष्मान योजना का लाभ लेने से महरूम रह जाते हैं। यही वजह है कि अभी तक सिर्फ नौ ही महिलाओं का इसका लाभ मिला है। - डॉ. मनीषा वर्मा, प्रमुख अधीक्षक, महिला जिला अस्पताल

महिलाओं का भ्रम किया जाएगा दूर

आयुष्मान योजना के तहत भी अगर महिलाएं डिलीवरी कराती हैं तो भी उन्हें जननी सुरक्षा योजना का लाभ मिलता रहेगा। महिलाओं में अगर यह भ्रम है कि आयुष्मान में डिलीवरी कराई तो जननी सुरक्षा योजना के पैसे नहीं मिलेंगे तो इस भ्रम को दूर करने की कोशिश की जाएगी। - डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी               

कुछ महिलाएं भ्रम की वजह से महरूम

इस योजना का लाभ न मिलने की एक वजह यह भी है कि महिलाओं में भ्रम की स्थिति है। जननी सुरक्षा योजना के तहत देहात से आई महिला को डिलीवरी कराने पर 1400 रुपये और शहर की महिला को एक हजार रुपये मिलते हैं, जबकि आयुष्मान के तहत उन्हें यह लाभ मिलेगा या नहीं, इसे लेकर भ्रम की स्थिति है। लिहाजा वह आयुष्मान के तहत डिलीवरी कराने से मना कर देती हैं।

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