यूपी: पावर सिस्टम का बुरा हाल, एक लाइन पर चल रहे दो बिजलीघर, विभाग की गलती, खामियाजा भुगत रहे उपभोक्ता
बिजनेस प्लान और आईपीडीएस योजना के जरिए करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी शहर का बिजली ढांचा इतना अव्यवस्थित है कि एक बिजलीघर का फाल्ट ठीक करते हैं तो दूसरा ठप हो जाता है। इतना ही नहीं 33 केवी की एक लाइन से दो-दो बिजलीघर उर्जीकृत हैं। अव्यवस्थित बिजली ढांचे का खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं।
शहर की करीब 18 लाख की आबादी को 50 बिजलीघरों के जरिए बिजली आपूर्ति की जा रही है। लगातार बढ़ रहे उपभोक्ताओं और शहरीकरण को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार बिजली ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। केंद्र सरकार की इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम और राज्य सरकार के बिजनेस प्लान के जरिए शहर में पिछले पांच साल के अंदर करीब 400 करोड़ रुपये बिजली ढांचे को सुदृढ़ करने में खर्च हुए है। इसमें नए बिजलीघरों और फीडरों का निर्माण और जर्जर लाइन और पोल बदलना शामिल हैं। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति सिस्टम बेहद खराब है। नवनिर्मित 33 केवी बिजली बंबा बाईपास बिजलीघर की बात करें तो इसकी और शारदा रोड बिजलीघर के लिए शताब्दीनगर ट्रांसमिशन से आ रही 33 केवी की लाइन साझी है। एक ही लाइन से दोनों बिजलीघर चल रहे हैं। किसी एक बिजलीघर क्षेत्र में फाल्ट होने की स्थिति में शटडाउन लेने पर दोनों बिजलीघर एक साथ ठप हो जाते हैं। इससे दोनों बिजलीघरों के करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को फाल्ट ठीक होने तक बिजली नहीं मिल पाती है। नियमानुसार दोनों बिजलीघरों की 33 केवी लाइन सेपरेट होनी चाहिए। ऐसा नहीं होने से दोनों बिजलीघरों के उपभोक्ता बिजली कट के चलते परेशानी झेल रहे हैं।
सिंगल पोल पर डबल सर्किट लाइन बनी मुसीबत
एक लाइन पर दो बिजलीघर चलने के साथ ही सिंगल पोल पर डबल सर्किट लाइन यानी दो बिजलीघरों की लाइन चल रही हैं। इसमें टाउन हॉल और पीएल शर्मा बिजलीघर मुख्य हैं। एक बिजलीघर की लाइन में हुए फाल्ट को ठीक करने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से दूसरे बिजलीघर की लाइन भी बंद करानी पड़ती है कि फाल्ट ठीक करते समय कोई हादसा न हो जाए।
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विभाग की गलती, खामियाजा भुगत रहे उपभोक्ता
विभाग की इन तकनीकी खामियों का नुकसान उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब एक बिजलीघर क्षेत्र में हुए फाल्ट की वजह से दूसरा बिजलीघर बिना किसी कारण के बंद नहीं करना पड़ता हो।
प्रस्ताव के बाद भी नहीं हो रहा समस्या का समाधान
बिजली बंबा बाईपास बिजलीघर प्रबंधन ने इसे शारदा रोड बिजलीघर की लाइन से स्वतंत्र लाइन पर करने का प्रस्ताव मुख्य अभियंता मेरठ जोन को भेज रखा है। लंबे समय बाद भी इसका समाधान नहीं हो सका है। फिलहाल इस बिजलीघर पर 4500 उपभोक्ता है और 200 एम्पियर लोड चल रहा है। बिजलीघर की क्षमता 800 एम्पियर की है और बढ़ते शहरीकरण के चलते कनेक्शन की मांग बढ़ती जा रही है।
दूर की जाएगी परेशानी
मेरठ जोन के मुख्य अभियंता एसबी यादव का कहना है कि दोनों बिजलीघरों की लाइन सेपरेट करने का कोई प्रस्ताव अभी तक नहीं मिला है। अधिकारियों से इस संबंध में मौखिक जानकारी मिली है। जल्द ही साइट का निरीक्षण करके लाइन का सर्वे कराया जाएगा। उपभोक्ताओं की परेशानी दूर की जाएगी।
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