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हाइटेक हुए पोस्टमैन, अब समय पर मिलेगी जरूरी डाक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jun 2017 02:43 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्राइवेट कूरियर कंपनी से कंपटीशन के लिए डाक विभाग ने टेकभनालॉजी का सहारा लिया है। रजिस्ट्री, पार्सल और कीमती डाक समय से मिल जाए, इसके लिए डाक विभाग ने शहर के 93 पोस्टमैन को मोबाइल से लैस कर दिया है। इन मोबाइलों में ऐसे साफ्टवेयर मौजूद हैं, जिसमें पोस्टमैन की फील्ड वर्किंग का पूरा डाटा रहेगा। स्पीड पोस्ट, पार्सल की डिलीवरी देने पर प्राप्तकर्ता के साइन भी अब कागजों पर नहीं बल्कि इसी मोबाइल की स्क्रीन पर होंगे।
मेरठ कैंट पोस्ट आफिस के सीनियर पोस्ट मास्टर एके श्रीवास्तव के अनुसार कैंट डाकघर के 58 और सिटी डाकघर के 35 पोस्टमैन को ये मोबाइल दिए गए हैं। इन मोबाइलों में डाक विभाग द्वारा ही सीपीटी (सेंटर और एक्सीलेंज पोस्टल टेक्नॉलोली) मैसूर से हाइटेक साफ्टवेयर डाउन लोड कराए गए हैं। इसका मकसद लापरवाही पर रोक, डाक सेवा में तेजी और आन लाइन सेवा को बढ़ावा देना है। इस व्यवस्था से पूरी तरह वर्किंग में एक महीने का वक्त लगेगा। सिटी डाकघर के सिस्टम मैनेजर विकास धामा के अनुसार मोबाइल में रियल टाइम ट्रेेकिंग आपशन है। साफ्टवेयर के माध्यम से कभी भी ये चैक किया जा सकता कि पोस्टमैन किस वक्त कहां था। ऐसे में लापरवाही की गुंजाइश कम ही रहेगी। मोबाइल में डिलीवरी परफारमेंस नाम से एक ऑपशन भी दिया गया है। इस ऑप्शन पर क्लिक करते ही पोस्टमैन के दिन भर के फील्ड वर्क का चिट्टा सामने आ जाएगा। उसने किस व्यक्ति को कितने बजे डिलीवरी दी।
अब इस तरह होगी वर्किंग
डाकघर से पोस्टमैन को जो भी रजिस्ट्री, पार्सल, स्पीड पोस्ट या मनी आदि डिलीवरी को दी जाएंगी। उनका डेटा डाकघर के कंप्यूटर सिस्टम से इनके मोबाइलों में सेव कर दिया जाएगा। यदि किसी पोस्टमैन ने पार्सल की डिलीवरी दी है तो वह मोबाइल में दर्ज पार्सल वाले आप्शन में क्लिक करेगा। क्लिक करते ही उसे स्क्रीन पर डाकघर से दिए गए सभी पार्सल का रिकार्ड नजर आएगा। उसने जिसकी भी डिलीवरी दी है उसी के रिसीव आपशन पर क्लिक करते ही प्राप्तकर्ता का सिनगेर आप्शन स्क्रीन पर आएगा। प्राप्तकर्ता के साइन मोबाइल की स्क्र ीन पर ले लिए जाएंगे। ये साइन तत्काल ही विभागीय सर्वर पर सेव हो जाएंगे। इन मोबाइल में पर्याप्त इंटरनेट डेटा उपलब्ध रहेगा।
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मेरठ कैंट पोस्ट आफिस के सीनियर पोस्ट मास्टर एके श्रीवास्तव के अनुसार कैंट डाकघर के 58 और सिटी डाकघर के 35 पोस्टमैन को ये मोबाइल दिए गए हैं। इन मोबाइलों में डाक विभाग द्वारा ही सीपीटी (सेंटर और एक्सीलेंज पोस्टल टेक्नॉलोली) मैसूर से हाइटेक साफ्टवेयर डाउन लोड कराए गए हैं। इसका मकसद लापरवाही पर रोक, डाक सेवा में तेजी और आन लाइन सेवा को बढ़ावा देना है। इस व्यवस्था से पूरी तरह वर्किंग में एक महीने का वक्त लगेगा। सिटी डाकघर के सिस्टम मैनेजर विकास धामा के अनुसार मोबाइल में रियल टाइम ट्रेेकिंग आपशन है। साफ्टवेयर के माध्यम से कभी भी ये चैक किया जा सकता कि पोस्टमैन किस वक्त कहां था। ऐसे में लापरवाही की गुंजाइश कम ही रहेगी। मोबाइल में डिलीवरी परफारमेंस नाम से एक ऑपशन भी दिया गया है। इस ऑप्शन पर क्लिक करते ही पोस्टमैन के दिन भर के फील्ड वर्क का चिट्टा सामने आ जाएगा। उसने किस व्यक्ति को कितने बजे डिलीवरी दी।
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अब इस तरह होगी वर्किंग
डाकघर से पोस्टमैन को जो भी रजिस्ट्री, पार्सल, स्पीड पोस्ट या मनी आदि डिलीवरी को दी जाएंगी। उनका डेटा डाकघर के कंप्यूटर सिस्टम से इनके मोबाइलों में सेव कर दिया जाएगा। यदि किसी पोस्टमैन ने पार्सल की डिलीवरी दी है तो वह मोबाइल में दर्ज पार्सल वाले आप्शन में क्लिक करेगा। क्लिक करते ही उसे स्क्रीन पर डाकघर से दिए गए सभी पार्सल का रिकार्ड नजर आएगा। उसने जिसकी भी डिलीवरी दी है उसी के रिसीव आपशन पर क्लिक करते ही प्राप्तकर्ता का सिनगेर आप्शन स्क्रीन पर आएगा। प्राप्तकर्ता के साइन मोबाइल की स्क्र ीन पर ले लिए जाएंगे। ये साइन तत्काल ही विभागीय सर्वर पर सेव हो जाएंगे। इन मोबाइल में पर्याप्त इंटरनेट डेटा उपलब्ध रहेगा।
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