कामयाबी को सलाम: मुश्किलों में भी नहीं मानी हार, पीसीएस में पाई सफलता, पूनम चौधरी बनीं जीआईसी की प्राचार्य
Meerut News: पूनम चौधरी की कामयाबी को आप भी सलाम करेंगे। उन्होंने मुश्किल समय में भी हार नहीं मानी और अब पीसीएस की परीक्षा में सफलता हासिल की। पूनम चौधरी प्राचार्य बनी हैं।
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Meerut News: अगर मन में लगन हो कुछ कर दिखाने की तो कितनी भी मुश्किलें सामने आए लेकिन कामयाबी जरूर मिलती है।
कंकरखेड़ा के श्रद्धापुरी फेस-2 निवासी सिंगल मदर पूनम चौधरी ने तमाम मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए पीसीएस की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। वे जीआईसी में प्राचार्य बनी हैं। पूनम चौधरी वर्तमान में बुलंदशहर के जीआईसी इंटर कॉलेज में शिक्षिका हैं।
मूल रूप से बुलंदशहर के लक्ष्मी नगर की रहने वाली पूनम चौधरी के सामने शादी के बाद से ही हालात ऐसे बने कि उनको अलग रहने का निर्णय लेना पड़ा। इसके बाद उन्होंने ठान लिया कि जो सपने उन्होंने देखे थे, उनको पढ़ाई के दम पर पूरा करेंगी। बेटी छोटी थी लेकिन उन्होंने उसकी परवरिश के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी। 2012 में वह सरधना के महादेव राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षिका बन गई।
वहीं 2019 से 2021 तक मेरठ के जीआईसी इंटर कॉलेज में शिक्षिका रहीं। बेटी की पढ़ाई के साथ कोचिंग करके खुद की पढ़ाई करना बेहद मुश्किल भरा रहा। बीमार हो गईं, जिसके बाद दो साल उनको कोचिंग छोड़नी पड़ी।
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पूनम चौधरी बताती हैं कि उनकी सफलता के पीछे पिता बुद्धि सिंह, माता मनोरमा, बेटी रुशाली चौधरी और उनके भाई एवं भाभियों का बड़ा सहयोग है। जिस उम्र में बेटी रुशाली को मां के प्यार की जरूरत थी तब वह उनको पढ़ाई करने के लिए कहती थी। रुशाली अब दसवीं कक्षा में है।
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पूनम अपनी सफलता का श्रेय सिविल एकेडमी के अभिषेक शर्मा को भी देती हैं। उन्होंने यहीं से कोचिंग ली। यूपी-पीसीएस अपर सबोर्डिनेट 2021 के पद पर चयनित होने के बाद उनको जीआईसी के प्राचार्य पद पर तैनाती मिली है।