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प्रदेश और जिलाध्यक्षों को लेकर भाजपा में खींचतान
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 29 Jan 2016 02:15 AM IST
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भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष भले ही आम सहमति से शांतिपूर्वक नियुक्त हो गए हों, लेकिन जिलाध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष को लेकर खींचतान जारी है। अभी तक न तो सभी जनपदों के जिलाध्यक्ष घोषित हुए हैं, और न ही प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय हुआ है।
भाजपा जिलाध्यक्षों का नाम 11 जनवरी तक तय होना था। लेकिन नेताओं की आपसी खींचतान और विधायकों व सांसदों की अपने चहेतों को अध्यक्ष बनाने की कोशिशों में विवाद इस कदर बढ़ा कि अभी तक मात्र 56 जिलों के अध्यक्ष तीन किश्तों में जारी हो पाये हैं।
मेरठ महानगर की बात करें तो यहां राजनीति गहरा रही है। चार दावेदार करुणेश नंदन गर्ग, सतीश गर्ग, सुरेश जैन रितुराज और कमलदत्त शर्मा के नाम हाईकमान के पास विचाराधीन हैं। इन चारों को लेकर आपस में शहर के तीनों विधायक और सांसद जूझ रहे हैं, तो संघ परिवार भी मैदान में डटा है।
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प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी यही स्थिति है। अब तक आधा दर्जन नाम केंद्रीय नेतृत्व के सामने आ चुके हैं, लेकिन संगठन पर मजबूती के साथ पकड़ रखते हुए 2017 के विधानसभा चुनाव को पार लगाने वाली कुव्वत किसी मेें नजर नहीं आ रही है। ऐसे में एक बार फिर वर्तमान अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और महामंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के बीच मुकाबला फंसता नजर आ रहा है। लेकिन यूपी अध्यक्ष को लेकर राष्ट्रीय नेता एकमत नजर नहीं आ रहे हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष और एक फरवरी को बाकी जिलाध्यक्ष घोषित किये जाएंगे।
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भाजपा जिलाध्यक्षों का नाम 11 जनवरी तक तय होना था। लेकिन नेताओं की आपसी खींचतान और विधायकों व सांसदों की अपने चहेतों को अध्यक्ष बनाने की कोशिशों में विवाद इस कदर बढ़ा कि अभी तक मात्र 56 जिलों के अध्यक्ष तीन किश्तों में जारी हो पाये हैं।
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मेरठ महानगर की बात करें तो यहां राजनीति गहरा रही है। चार दावेदार करुणेश नंदन गर्ग, सतीश गर्ग, सुरेश जैन रितुराज और कमलदत्त शर्मा के नाम हाईकमान के पास विचाराधीन हैं। इन चारों को लेकर आपस में शहर के तीनों विधायक और सांसद जूझ रहे हैं, तो संघ परिवार भी मैदान में डटा है।
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प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी यही स्थिति है। अब तक आधा दर्जन नाम केंद्रीय नेतृत्व के सामने आ चुके हैं, लेकिन संगठन पर मजबूती के साथ पकड़ रखते हुए 2017 के विधानसभा चुनाव को पार लगाने वाली कुव्वत किसी मेें नजर नहीं आ रही है। ऐसे में एक बार फिर वर्तमान अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और महामंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के बीच मुकाबला फंसता नजर आ रहा है। लेकिन यूपी अध्यक्ष को लेकर राष्ट्रीय नेता एकमत नजर नहीं आ रहे हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष और एक फरवरी को बाकी जिलाध्यक्ष घोषित किये जाएंगे।