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जेल से कचहरी तक लगी थी बदमाशों की फिल्डिंग
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 04 Nov 2016 02:32 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस कस्टडी से इकराम को छुड़ाने के लिए बदमाशों की जिला जेल से कचहरी तक फिल्डिंग लगी थी। सुबह पहले बदमाश जेल के गेट पर पहुंचे और दोपहर बाद कचहरी में आए। इसका खुलासा पुलिस की जांच में ही हुआ है। पुलिस ने बदमाशों की पुलिसकर्मी और एक अधिवक्ता से सेटिंग होना बताया है।
इकराम शातिर बदमाश है। 2011 में जेल ब्रेक करने भागने पर इकराम को पकड़ना पुलिस के लिए मुसीबत बन गया था। इसके बावजूद भी इकराम की पेशी में लापरवाही बरती। जिला जेल में इकराम से बदमाश मुलाकात करते थे। पुलिसकर्मियों व एक अधिवक्ता से सेटिंग तो इकराम ने खुद ही की। पुलिसकर्मियों ने उसकी हथकड़ी ऐसी कर दी, ताकि वह आसानी से अपने हाथ निकाल सके।
हुआ भी कुछ ऐसा ही। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि मुल्जिम को भगाने में दोनों पुलिसकर्मियों की लापरवाही है। साठगांठ होने का मामला भी सामने आया है। जिसकी जांच चल रही है। बदमाश सुबह से ही इकराम को छुड़ाने के लिए लग गए थे। सीसीटीवी कैमरे में कुछ लोग संदिग्ध आए है। जेल से लेकर कचहरी तक बदमाशों का जाल बिछा था। मुल्जिम को भगाने के लिए उन्हें ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी।
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अधिकारियों से करेंगे शिकायत?
बदमाश अगर कचहरी में गोली चला देते तो क्या होता। यह सवाल पुलिस और अधिवक्ता के जेहन में चुभ रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित ने बताया कि पुलिस घूस लेकर मुल्जिम भगाती है। कचहरी में बड़ी घटना हो सकती है। इस मामले को लेकर पुलिस अफसरों से शिकायत करेंगे। सुरक्षा को लेकर पुलिस गंभीर होनी चाहिए।
अलर्ट के बाद भी गंभीर नहीं
भोपाल जेल ब्रेक के बाद वेस्ट यूपी की जेलों को अलर्ट रहने को कहा गया था। इकराम तो मेरठ जेल ब्रेक करने में पहले भी आरोपी था। इसके बावजूद उसको हाई सिक्योरिटी बैरक से निकालकर सामान्य जेल में शिफ्ट किया गया। पुलिस ने भी घोर लापरवाही की है।
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इकराम शातिर बदमाश है। 2011 में जेल ब्रेक करने भागने पर इकराम को पकड़ना पुलिस के लिए मुसीबत बन गया था। इसके बावजूद भी इकराम की पेशी में लापरवाही बरती। जिला जेल में इकराम से बदमाश मुलाकात करते थे। पुलिसकर्मियों व एक अधिवक्ता से सेटिंग तो इकराम ने खुद ही की। पुलिसकर्मियों ने उसकी हथकड़ी ऐसी कर दी, ताकि वह आसानी से अपने हाथ निकाल सके।
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हुआ भी कुछ ऐसा ही। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि मुल्जिम को भगाने में दोनों पुलिसकर्मियों की लापरवाही है। साठगांठ होने का मामला भी सामने आया है। जिसकी जांच चल रही है। बदमाश सुबह से ही इकराम को छुड़ाने के लिए लग गए थे। सीसीटीवी कैमरे में कुछ लोग संदिग्ध आए है। जेल से लेकर कचहरी तक बदमाशों का जाल बिछा था। मुल्जिम को भगाने के लिए उन्हें ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी।
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अधिकारियों से करेंगे शिकायत?
बदमाश अगर कचहरी में गोली चला देते तो क्या होता। यह सवाल पुलिस और अधिवक्ता के जेहन में चुभ रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित ने बताया कि पुलिस घूस लेकर मुल्जिम भगाती है। कचहरी में बड़ी घटना हो सकती है। इस मामले को लेकर पुलिस अफसरों से शिकायत करेंगे। सुरक्षा को लेकर पुलिस गंभीर होनी चाहिए।
अलर्ट के बाद भी गंभीर नहीं
भोपाल जेल ब्रेक के बाद वेस्ट यूपी की जेलों को अलर्ट रहने को कहा गया था। इकराम तो मेरठ जेल ब्रेक करने में पहले भी आरोपी था। इसके बावजूद उसको हाई सिक्योरिटी बैरक से निकालकर सामान्य जेल में शिफ्ट किया गया। पुलिस ने भी घोर लापरवाही की है।