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साहबों ने खेला मैच, दफ्तरों में लटके ताले
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sun, 10 Jan 2016 12:07 AM IST
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दिन सात जनवरी को कलक्ट्रेट और विकास भवन की छुट्टी रहने के कारण सेकेंड सेटरडे को इन्हें खोलने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन इस दिन अधिकारी मैच खेलते रहे। कई दफ्तरों में ताले लटके रहे तो कई खुले, लेकिन वहां अधिकारी नहीं पहुंचे।
शनिवार को सभी कार्यालयों में सेकेंड सेटरडे का अवकाश था, पर कलक्ट्रेट और विकास भवन को खोलने के निर्देश दिए गए थे। चूंकि चुनाव के दिन इस क्षेत्र को छावनी सरीखा बना दिया गया था और यहां छुट्टी घोषित कर दी गई थी। ऐसे में डीएम पंकज यादव ने निर्देश दिए कि इसके बदले सेकेंड सेटरडे को दफ्तर खोले जाएंगे।
अमर उजाला की टीम ने इस दिन कलक्ट्रेट और विकास भवन का जायजा लिया तो पाया कि कई दफ्तर तो खुले ही नहीं। कई खुले तो वहां अधिकारी सीट पर नहीं मिले। एडीएम सिटी एसके दूबे का कार्यालय खाली था। एसीएम सिविल लाइन के कार्यालय पर तो कर्मचारी ने ताला ही जड़ दिया। विकास भवन में परियोजना निदेशक रवि किशोर त्रिवेदी अपनी सीट पर नहीं थे। सीडीओ नवनीत सिंह चहल भी गायब थे।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह की सीट खाली पड़ी थी। इसके अलावा कई सीटों पर कर्मचारी तक नहीं थे। पूछा गया तो इनमें से कई के बारे में कर्मचारियों ने बताया कि साहब तो मैच खेलने गए हैं। कई दफ्तरों में लोग अपनी समस्या लेकर आए पर अधिकारी के न मिलने के कारण अपनी फरियाद किए बिना ही वापस लौट गए। हालांकि कई अधिकारियों का कहना है कि लोग कम आए थे। जल्दी काम निपटा दिया था। लोगों के न होने के कारण ही वे मैच खेलने चले गए।
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शनिवार को सभी कार्यालयों में सेकेंड सेटरडे का अवकाश था, पर कलक्ट्रेट और विकास भवन को खोलने के निर्देश दिए गए थे। चूंकि चुनाव के दिन इस क्षेत्र को छावनी सरीखा बना दिया गया था और यहां छुट्टी घोषित कर दी गई थी। ऐसे में डीएम पंकज यादव ने निर्देश दिए कि इसके बदले सेकेंड सेटरडे को दफ्तर खोले जाएंगे।
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अमर उजाला की टीम ने इस दिन कलक्ट्रेट और विकास भवन का जायजा लिया तो पाया कि कई दफ्तर तो खुले ही नहीं। कई खुले तो वहां अधिकारी सीट पर नहीं मिले। एडीएम सिटी एसके दूबे का कार्यालय खाली था। एसीएम सिविल लाइन के कार्यालय पर तो कर्मचारी ने ताला ही जड़ दिया। विकास भवन में परियोजना निदेशक रवि किशोर त्रिवेदी अपनी सीट पर नहीं थे। सीडीओ नवनीत सिंह चहल भी गायब थे।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह की सीट खाली पड़ी थी। इसके अलावा कई सीटों पर कर्मचारी तक नहीं थे। पूछा गया तो इनमें से कई के बारे में कर्मचारियों ने बताया कि साहब तो मैच खेलने गए हैं। कई दफ्तरों में लोग अपनी समस्या लेकर आए पर अधिकारी के न मिलने के कारण अपनी फरियाद किए बिना ही वापस लौट गए। हालांकि कई अधिकारियों का कहना है कि लोग कम आए थे। जल्दी काम निपटा दिया था। लोगों के न होने के कारण ही वे मैच खेलने चले गए।