वेस्ट यूपी की जेलों में बदमाशों की लग रही पंचायत, मिले हाथ
वेस्ट यूपी की अधिकांश जेलों में बदमाशों की पंचायत लग रही है। कई बदमाशों ने खूनी रंजिश भूलकर समझौता कर लिया है। कई शातिर बदमाशों ने एक-दूसरे के दुश्मनों को निपटाने के लिए हाथ मिलाए हैं। मुकदमे खत्म कराने के लिए आजमाए जा रहे बदमाशों के इस हथकंडे की भनक लगने पर कई बदमाशों को दूरदराज की जेलों में शिफ्ट कराने का प्लान बनाया है। पुलिस अफसरों द्वारा रोजाना हर जिले से बदमाशों की रिपोर्ट लेकर मॉनिटरिंग कराई जा रही है।
इनके मिले हाथ, समझौते पर मुहर
31 अक्टूबर 2011 को प्रमोद भदौड़ा की हत्या, 2012 में मोनू, 2013 में प्रमोद के बेटे चुन्नू और 2014 में डॉ. सुभाष भदौड़ा की हत्या हुई थी। जिसमें एक पक्ष से योगेश भदौड़ा व दूसरे पक्ष से सुशील फौजी, अनुज, उधम सिंह था। सभी आरोपी जेल में बंद थे। पुलिस के मुताबिक अब दोनों पक्षों में इन हत्याओं में समझौता हो गया है। इसके चलते सुशील फौजी जमानत पर बाहर आ गया। हालांकि अभी बाकी कई मामलों में अदालत में विचाराधीन है। जिन पर पुलिस की नजर है।
इनकी लगती थी पंचायत
कोतवाली में कुख्यात सलमान और सारिक पक्ष में गैंगवार चल रही है। गैंगवार के चलते पार्षद आरिफ, भूरा, सलीम, अनीस और रहीसुद्दीन समेत आठ हत्या हो चुकी। इसके अलावा कोतवाली का कासिफ उर्फ चीता, साईन समेत पांच बदमाश अलग अलग हत्या, लूट व रंगदारी के मामले में जेल गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सलमान गैंग खत्म कराने के लिए जेल में सारिक ने कासिफ, साईन समेत अन्य बदमाशों से हाथ मिला लिया। वहीं, सलमान ने डासना जेल में सारिक गैंग को निपटाने के लिए कुख्यात सुमित जाट से दोस्ती कर ली।
पढ़ें : यूपी: अब कुख्यात बदमाश नहीं कर सकेंगे दूसरे राज्यों में सरेंडर, बना ये नियम
सुमित जाट की बैरक में सलमान भी
गाजियाबाद की डासना जेल में सुमित जाट बंद है। पुलिस का कहना कि सुमित जाट की बैरक में कुख्यात सलमान भी है। दोनों में दोस्ती हुई तो गवाहों पर मौत का संकट मंडराया। पुलिस सूत्रों की मानें तो सरधना में 12 फरवरी को बबलू की हत्या में तीसरा बदमाश सलमान ने ही भेजा था, जोकि शूटर है। अभी तक पुलिस उसकी पहचान नहीं कर पाई। 16 लोग नामजद कर एक बदमाश सुजीत जाट मुठभेड़ में मार डाला।
तीसरे हत्यारे का सुराग नहीं
24 जनवरी को सोहरका गांव में चश्मदीद गवाह भोलू और निछत्तर कौर की हत्या हुई। तीन बदमाश गोलियां चलाते सीसीटीवी कैमरे में कैद है। मुख्य आरोपी मांगे उर्फ विनय जेल चला गया, दूसरा आरोपी विकास जाट मुजफ्फरनगर एनकाउंटर में मारा गया। तीसरा आरोपी कौन है, इसका अभी तक सुराग नहीं लगा। पुलिस कहती है कि तीसरे शूटर को जेल में बंद मांगे के भाई मालू उर्फ शौबिर ने भेजा या फिर सुशील मूंछ द्वारा उसको भेजा गया है। यहीं वजह है कि पुलिस उस शूटर का नाम पता तक नहीं लगा सकी।
बदमाशों पर शिकंजा
आईजी मेरठ रामकुमार का कहना है कि योगी सरकार में बदमाशों पर कड़ा शिकंजा है। जेल में बंद कुख्यातों की पेशी की रिपोर्ट रोजाना हर जनपद से ली जाती है। जिसकी वह खुद मॉनिटरिंग करते है। जेल में कुख्यातों की दूर दराज जेलों में शिफ्ट भी कराते है। मेरठ जेल से सारिक और फाईक को शिकायतों के चलते ही शिफ्ट कराया है। शातिर बदमाशों पर पुलिस की निगरानी है। अब मेरठ जोन में बदमाशों में दहशत है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/