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वांछित सुमन भदौड़ा को गुपचुप जारी प्रमाणपत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 06 Jan 2016 01:20 AM IST
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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पुलिस-प्रशासन के दबाव का बड़ा नमूना मंगलवार शाम नजर आया। जब नितिन गंजा हत्याकांड में वांछित कुख्यात योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन भदौड़ा सपा नेताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंची और अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र लेकर चली गयी। इस गुपचुप कार्रवाई से पुलिस-प्रशासन एक बार फिर कटघरे में खड़ा हो गया है।
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सुमन भदौड़ा वार्ड 16 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीती हैं। लेकिन अभी तक उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था। सुमन भदौड़ा कचहरी में दिनदहाड़े हुए नितिन गंजा हत्याकांड में आपराधिक षड्यंत्र रचने (धारा 120 बी आईपीसी) की आरोपी हैं और अभी तक फरार चल रही हैं।
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निर्वाचित होने के बाद उनके प्रतिनिधि ने निर्वाचन प्रमाण पत्र लेने का प्रयास किया था, लेकिन अपर जिलाधिकारी (एफ एंड आर) गौरव वर्मा ने देने से इंकार करते हुए कहा था कि निर्वाचन प्रमाण पत्र सिर्फ निर्वाचित सदस्य को ही दिया जा सकता है।
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चूंकि सुमन भदौड़ा नितिन गंजा हत्याकांड में वांछित है, इसलिए गिरफ्तारी के डर से वह अब तक प्रमाण पत्र लेने नहीं आयी थी। इस दौरान जब जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ समर्थन जुटाने की मुहिम चली तो सपा ने सुमन भदौड़ा की वोट अपने खाते में जोड़कर बताना शुरू कर दिया। लेकिन इस बात पर संशय था कि सुमन भदौड़ा ने जब अपना प्रमाण पत्र ही नहीं लिया तो वोट कैसे डालेंगी। लेकिन मंगलवार को यह संशय भी दूर हो गया।
मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे सुमन भदौड़ा अपने पति योगेश भदौड़ा से जुड़े लोगों के साथ कलक्ट्रेट पहुंची। इससे पहले वहां सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी सीमा प्रधान के पति अतुल प्रधान भी दर्जनों समर्थकों के साथ मौजूद थे।
बहुत गोपनीय रहा सुमन का आना
सुमन भदौड़ा का कलक्ट्रेट आना पूरी तरह गोपनीय रखा गया। आलम ये था कि अतुल प्रधान के साथ आधा दर्जन गाड़ियों का काफिला पहले एडीएम (प्रशासन) के ऑफिस के पीछे वाले रास्ते पर रुका और उनके समर्थक वहीं मौजूद रहे। लेकिन गोपनीयता के चलते सभी गाड़ियों को वहां से हटा दिया गया और पूरा रास्ता ऐसा कर दिया गया कि मानों वहां कुछ हो ही ना। जबकि इस दौरान योगेश भदौड़ा से जुड़े लोग और सपा समर्थक लगातार चारों तरफ घूमते रहे। करीब छह बजे एडीएम (एफ एंड आर) ने सुमन भदौड़ा को प्रमाण पत्र जारी कर दिया और वो गुपचुप निकल गयी।
सीसीटीवी फुटेज में होगा सारा नजारा
पुलिस प्रशासन ने भले ही अपनी तरफ से सब गोपनीय रखा हो, लेकिन कलक्ट्रेट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे के जरिये यह सब एडीएम प्रशासन के यहां स्थित कंट्रोल बॉक्स में रिकॉर्ड हो चुका है। सपा नेताओं के साथ सुमन भदौड़ा की मौजूदगी कलक्ट्रेट के सीसीटीवी कैमरे में शाम पांच बजे से छह बजे की बीच कैद हो चुकी हैं।