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भाजपाइयों का हंगामा, निरस्त पर्चे हुए वैध
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 05 Oct 2015 12:52 AM IST
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पंचायत चुनाव में दूसरे चरण के लिए होने वाले चुनाव में नामांकन प्रक्रिया से ही हंगामा शुरू हो गया है। रविवार को पर्चों की जांच के दौरान वार्ड 28 से भाजपा प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने पर जमकर हंगामा हुआ। इसमें बसपा समर्थित बाबर चौहान ने भी अपना पर्चा निरस्त होने पर हंगामा शुरू कर दिया। करीब पांच घंटे तक चले हाईप्रोफाइल ड्रामे के बाद निर्वाचन अधिकारी ने दोनों के पर्चे वैध घोषित कर दिए।
दूसरे चरण के लिए जिला पंचायत के वार्ड 22 से 31 तक का चुनाव होना है। जिसके लिए कुल 185 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। रविवार को पर्चों की जांच का दिन था। जिसमें कुल नौ पर्चे निरस्त कर दिए गए। इनमें एक पर्चा वार्ड 28 से भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य विश्वराज विशू का और वार्ड 26 से बसपा नेता बाबर चौहान का था।
विश्वराज ने समर्थकों के साथ निर्वाचन अधिकारी के समक्ष विरोध जताया।
निर्वाचन अधिकारी और एडीएम गौरव वर्मा ने बताया कि उन्होंने नामांकन पत्र में अपना जो वोटर क्रमांक लिखा है और वोटर लिस्ट लगायी है, वह निर्वाचन अधिकारी के पास मौजूद वोटर लिस्ट से भिन्न है। विश्वराज ने नामांकन पत्र में अपना वोटर क्रमांक 2600 दर्ज किया था और जो सूची लगायी थी उसमें भी यही दर्ज था। लेकिन निर्वाचन अधिकारी की वोटर लिस्ट में मतदाता क्रमांक 751 दर्ज था।
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इस बात को लेकर विश्वराज और निर्वाचन अधिकारी के बीच तीखी बहस हो गयी। सूचना पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल, दक्षिण विधायक रविंद्र भड़ाना, प्रदेश मंत्री अश्वनी त्यागी, जिलाध्यक्ष अशोक त्यागी और जिला पंचायत प्रभारी प्रताप गुर्जर आदि तमाम नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंच गए। तीखी नोंक झोंक और आरोप प्रत्यारोप के बीच जमकर हंगामा हुआ। इस बीच वार्ड 26 से प्रत्याशी बाबर चौहान भी अपना पर्चा निरस्त होने पर समर्थकों सहित पहुंच गए और हंगामा तेज हो गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत और सरकारी अधिवक्ता से सलाह लेने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने विश्वराज और बाबर चौहान के पर्चे वैध घोषित कर दिए।
नवाजिश को ही घोषित कर दो चेयरमैन
मेरठ। भाजपा प्रत्याशी विश्वराज का पर्चा निरस्त होने पर भाजपाई गुस्से में भर गए। निर्वाचन अधिकारी गौरव वर्मा पर कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के दबाव में काम करने का खुला आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। भाजपाइयों के तेवर देख प्रशासन बैकफुट पर नजर आया।
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दूसरे चरण के लिए जिला पंचायत के वार्ड 22 से 31 तक का चुनाव होना है। जिसके लिए कुल 185 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। रविवार को पर्चों की जांच का दिन था। जिसमें कुल नौ पर्चे निरस्त कर दिए गए। इनमें एक पर्चा वार्ड 28 से भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य विश्वराज विशू का और वार्ड 26 से बसपा नेता बाबर चौहान का था।
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विश्वराज ने समर्थकों के साथ निर्वाचन अधिकारी के समक्ष विरोध जताया।
निर्वाचन अधिकारी और एडीएम गौरव वर्मा ने बताया कि उन्होंने नामांकन पत्र में अपना जो वोटर क्रमांक लिखा है और वोटर लिस्ट लगायी है, वह निर्वाचन अधिकारी के पास मौजूद वोटर लिस्ट से भिन्न है। विश्वराज ने नामांकन पत्र में अपना वोटर क्रमांक 2600 दर्ज किया था और जो सूची लगायी थी उसमें भी यही दर्ज था। लेकिन निर्वाचन अधिकारी की वोटर लिस्ट में मतदाता क्रमांक 751 दर्ज था।
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इस बात को लेकर विश्वराज और निर्वाचन अधिकारी के बीच तीखी बहस हो गयी। सूचना पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल, दक्षिण विधायक रविंद्र भड़ाना, प्रदेश मंत्री अश्वनी त्यागी, जिलाध्यक्ष अशोक त्यागी और जिला पंचायत प्रभारी प्रताप गुर्जर आदि तमाम नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंच गए। तीखी नोंक झोंक और आरोप प्रत्यारोप के बीच जमकर हंगामा हुआ। इस बीच वार्ड 26 से प्रत्याशी बाबर चौहान भी अपना पर्चा निरस्त होने पर समर्थकों सहित पहुंच गए और हंगामा तेज हो गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत और सरकारी अधिवक्ता से सलाह लेने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने विश्वराज और बाबर चौहान के पर्चे वैध घोषित कर दिए।
नवाजिश को ही घोषित कर दो चेयरमैन
मेरठ। भाजपा प्रत्याशी विश्वराज का पर्चा निरस्त होने पर भाजपाई गुस्से में भर गए। निर्वाचन अधिकारी गौरव वर्मा पर कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के दबाव में काम करने का खुला आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। भाजपाइयों के तेवर देख प्रशासन बैकफुट पर नजर आया।