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आनंद अस्पताल के एमडी द्वारा खुदकुशी का मामला: गाजियाबाद की फोरेंसिक लैब जाएगा बिसरा
Sun, 05 Jul 2020 01:51 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 05 Jul 2020 01:51 AM IST
सार
- आनंद अस्पताल के मालिक हरिओम आनंद की 27 जून को हुई थी मौत
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विस्तार
मेरठ में आनंद अस्पताल के मालिक हरिओम आनंद की आत्महत्या के प्रकरण को 8 दिन हो गए। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मुंडाली पुलिस गाजियाबाद की निवाड़ी स्थित फॉरेंसिक लैब में बिसरा भेजेगी। एसओ मुंडाली रवि चंद्रवाल ने बताया कि शनिवार को डाक से पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बिसरा मुझे मिला है। सोमवार को बिसरा जांच के लिए गाजियाबाद की फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा
पुलिस के अनुसार 27 जून की दोपहर को हरिओम आनंद ने मुरलीपुर स्थित फार्म हाउस पर सल्फास खा ली थी। उनके ड्राइवर ने उन्हें आंनद अस्पताल में भर्ती कराया। भर्ती होने के करीब दो घन्टे बाद शाम 4 बजकर 12 मिनिट पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रख लिया था। जिससे फोरेंसिक लैब से मौत के कारणों का पता चल सके।
यह भी पढ़ें: आनंद अस्पताल के एमडी द्वारा खुदकुशी का मामला: हाथ जोड़कर बोले आनंद- मानसी का साथ मत छोड़ना
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यह होता है बिसरा:
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार किसी व्यक्ति की मौत के बाद मौत के कारणों को पता लगाने के लिए मृतक के शरीर के कुछ आंतरिक अंगों को सुरक्षित रखा जाता है। इसे बिसरा कहते हैं। बिसरा का रासायनिक परीक्षण करने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो जाती है। बिसरा सैम्पल की जांच फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री में होती है।
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पुलिस के अनुसार 27 जून की दोपहर को हरिओम आनंद ने मुरलीपुर स्थित फार्म हाउस पर सल्फास खा ली थी। उनके ड्राइवर ने उन्हें आंनद अस्पताल में भर्ती कराया। भर्ती होने के करीब दो घन्टे बाद शाम 4 बजकर 12 मिनिट पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रख लिया था। जिससे फोरेंसिक लैब से मौत के कारणों का पता चल सके।
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यह होता है बिसरा:
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार किसी व्यक्ति की मौत के बाद मौत के कारणों को पता लगाने के लिए मृतक के शरीर के कुछ आंतरिक अंगों को सुरक्षित रखा जाता है। इसे बिसरा कहते हैं। बिसरा का रासायनिक परीक्षण करने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो जाती है। बिसरा सैम्पल की जांच फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री में होती है।