{"_id":"5844743c4f1c1bdf21a86920","slug":"notebandi-se-pareshaan","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी से परेशान कारीगर ने फांसी लगाई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबंदी से परेशान कारीगर ने फांसी लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Dec 2016 02:07 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लिसाड़ी गेट क्षेत्र के हुमायूं नगर में फर्नीचर कारीगर ने रविवार शाम फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि कारीगर नोटबंदी के चलते आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
हुमायूं नगर गली-6 में फर्नीचर कारीगर शादाब (30) पुत्र कय्यूम परिवार के साथ जमीलुद्दीन प्रधान के घर किराए पर रहता था। रविवार दोपहर शादाब परिवार के साथ लिसाड़ीगेट में एक शादी में गया था। परिवार को वहीं छोड़कर शाम को वह घर चला गया और फांसी लगाकर जान दे दी। देर शाम पत्नी घर लौटी तो शादाब को फांसी पर लटका देख उसकी चीख निकल गई। सूचना पर यूपी 100 और लिसाड़ी गेट पुलिस मौके पर पहुंची।
मौके से मिला सुसाइड नोट
पुलिस के अनुसार मौके से अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट बरामद किया गया। जिसमें टूटी फूटी भाषा में लिखा था कि मेरा नाम शादाब है। नोटबंदी के चलते खुले पैसे न होने पर मैं परेशान था। वहीं, परिजनों ने आरोप लगाया कि शादाब का बैंक में खाता नहीं था। शादाब के पास पांच सौ के 15 हजार के नोट थे। जिनके न बदलने पर उसे एक-एक पैसे की परेशानी हो रही थी। जिसको लेकर शादाब तनाव में था। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। वहीं, इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट चंद्रभान यादव ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। सुसाइड नोट की जांच के बाद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हुमायूं नगर गली-6 में फर्नीचर कारीगर शादाब (30) पुत्र कय्यूम परिवार के साथ जमीलुद्दीन प्रधान के घर किराए पर रहता था। रविवार दोपहर शादाब परिवार के साथ लिसाड़ीगेट में एक शादी में गया था। परिवार को वहीं छोड़कर शाम को वह घर चला गया और फांसी लगाकर जान दे दी। देर शाम पत्नी घर लौटी तो शादाब को फांसी पर लटका देख उसकी चीख निकल गई। सूचना पर यूपी 100 और लिसाड़ी गेट पुलिस मौके पर पहुंची।
विज्ञापन
मौके से मिला सुसाइड नोट
पुलिस के अनुसार मौके से अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट बरामद किया गया। जिसमें टूटी फूटी भाषा में लिखा था कि मेरा नाम शादाब है। नोटबंदी के चलते खुले पैसे न होने पर मैं परेशान था। वहीं, परिजनों ने आरोप लगाया कि शादाब का बैंक में खाता नहीं था। शादाब के पास पांच सौ के 15 हजार के नोट थे। जिनके न बदलने पर उसे एक-एक पैसे की परेशानी हो रही थी। जिसको लेकर शादाब तनाव में था। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। वहीं, इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट चंद्रभान यादव ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। सुसाइड नोट की जांच के बाद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन