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सरचार्ज माफी से नहीं, बिजली बिल हाफ करने से चलेगा काम

Fri, 27 Aug 2021 02:02 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 02:02 AM IST
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Not with surcharge waiver, half the electricity bill will work
सरचार्ज माफी से नहीं, बिजली बिल हाफ करने से चलेगा काम
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मेरठ। प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की बकाया बिजली बिल में सरचार्ज की छूट और बकाए में कनेक्शन नहीं काटने की घोषणा को किसानों ने नाकाफी करार दिया है। संगठन नेताओं का कहना है कि बिजली बिल सरचार्ज माफी से नहीं आधा (हाफ) करने और गन्ने का दाम 450 रुपये प्रति क्विंटल करने से काम चलेगा। कहा कि पंजाब सरकार की तरह किसानों को निशुल्क बिजली नहीं दे सकते तो हरियाणा सरकार की तरह किसानों को 35 रुपये प्रति हॉर्सपावर के हिसाब से बिजली दी जाए। फसल उत्पादन लागत को कम कर एमएसपी उत्पादन लागत से 50 फीसदी ज्यादा देकर ही किसानों को लाभ दिया जा सकता है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रदेश के किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्या जानी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गन्ने का रेट बढ़ाने, बिजली बकाया बिल पर सरचार्ज में छूट देने और बकाए में कनेक्शन नहीं काटने की घोषणा की है। किसान संगठनों ने सीएम की इन सभी बातों का स्वागत तो किया है लेकिन इसके साथ ही अपनी मांगे भी जोड़ दी है। भाकियू के निवर्तमान जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी का कहना है कि प्रदेश सरकार ने पहले से ही बिजली के रेट 170 रुपये प्रति हॉर्सपावर किए हुए हैं। 10 एचपी के नलकूप के लिए हर महीने किसानों को 1700 रुपये देने पड़ रहे है जो देश में किसी भी राज्य में सर्वाधिक है। भारतीय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप त्यागी का कहना है कि हरियाणा में भी भाजपा की सरकार है और वहां पर किसानों को मीटर के साथ 10 पैसे प्रति यूनिट और फ्लैट में 35 रुपये प्रति हॉर्सपावर के हिसाब से बिजली दी जा रही है। भाकियू तोमर गुट के मंडल अध्यक्ष पद्म सिंह और जय किसान आंदोलन के प्रदेश प्रवक्ता मनीष भारती का कहना है कि देश के पांच राज्यों में किसानों को निशुल्क बिजली दी जा रही है। बिजली दर कम होने पर किसान हर महीने बिल अदा करने लगेंगे। इसके साथ ही किसानों को गन्ना भुगतान 14 दिन के अंदर हो और गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
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किसानों को फ्री बिजली देने वाले राज्य
राज्य रेट किसान उपभोक्ताओं की संख्या
आंध्र प्रदेश शून्य 1740418
कर्नाटक शून्य 2969013
पंजाब शून्य 1378960
तमिलनाडु शून्य 2117440
तेलंगाना शून्य 2305318
आंकड़े सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी जनरल रिव्यू 2020 से लिए गए हैं।
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