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Exclusive: मेरठ में एनओसी का अभाव में डेढ़ लाख वाहन बेकार, एनजीटी के आदेश पर दस से 15 साल पुराने वाहन एनसीआर में हैं प्रतिबंधित 

Thu, 30 Sep 2021 06:17 PM IST
Dimple Sirohi राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 30 Sep 2021 06:17 PM IST
सार

मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन को एनओसी बगैर फिटनेस नहीं दी जा सकती है। मेरठ आरटीओ से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक संभाग में पंजीकृत कुल 9.21 लाख वाहनों में से 1.46 लाख वाहन कूड़ा हो चुके हैं, यानी इनकी उम्र 10 और 15 साल से अधिक हो चुकी है।

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more than one lakh vehicles are dead in Meerut city, ten to fifteen years old vehicles are banned in NCR on the orders of NGT
मेरठ में ट्रैफिक - फोटो : Amar Ujala Meerut

विस्तार

दिल्ली और एनसीआर को हरा-भरा रखने के लिए प्रतिबंधित किए गए वाहन ही अब शहर की आबोहवा के दुश्मन बनते जा रहे हैं। एनओसी के अभाव में जनपद के करीब डेढ़ लाख वाहन बेकार हो चुके हैं। उम्र सीमा निकलने के बाद इनकी फिटनेस बंद हो चुकी है। ऐसे में वाहन स्वामियों के सामने वाहन कटवाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। आरटीओ से ऐसे वाहनों के पंजीकरण स्वत: ही निरस्त कर दिए जाने चाहिए थे, लेकिन टैक्स वसूली के चलते निरस्त नहीं किए हैं। इन वाहनों पर हर साल करोड़ों रुपये टैक्स का मीटर लगातार चल रहा है। 

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एनजीटी ने पांच साल पहले दिल्ली और एनसीआर की वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल व सीएनजी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया था। आदेश के बाद से मेरठ में ऐसे वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

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आरटीओ से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक संभाग में पंजीकृत कुल 9.21 लाख वाहनों में से 1.46 लाख वाहन कूड़ा हो चुके हैं, यानी इनकी उम्र 10 और 15 साल से अधिक हो चुकी है। इनमें डीजल वाहनों की संख्या 23019, पेट्रोल वाहनों की 120972 और सीएनजी वाहनों की संख्या 2214 तक पहुंच गई है। 

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बिना फिटनेस नहीं मिल सकती एनओसी
मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन को एनओसी बगैर फिटनेस नहीं दी जा सकती है। प्रतिबंधित वाहनों को भी 10 और 15 साल पूरे होने से पहले ही फिटनेस सर्टिफिकेट लेने के बाद ही एनओसी जारी की जा सकती है। जिन वाहनों की उम्र पूरी हो गई है, परिवहन विभाग के वाहन सॉफ्टवेयर ने ऐसे वाहनों की फिटनेस लॉक कर दी है। 

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टैक्स का घूम रहा मीटर 

नियमानुसार उम्र सीमा पार कर चुके वाहनों का पंजीकरण आरटीओ को स्वत: निरस्त कर देना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। पंजीकरण निरस्त नहीं होने के चलते इन वाहनों पर टैक्स का मीटर लगातार चल रहा है। हर साल करोड़ों रुपये का टैक्स इन वाहनों पर लग रहा है। 

17 महीने में केवल 2615 वाहनों को एनओसी, 655 पंजीकरण निरस्त 
मेरठ संभाग के अंतर्गत आने वाले मेरठ और बागपत जनपद में पिछले 17 महीने में 2615 वाहनों को एनओसी दी जा सकी है और 655 वाहनों के पंजीकरण निरस्त किए गए हैं, जबकि पिछले पांच साल में प्रतिबंधित वाहनों संख्या औसतन 30 हजार प्रतिवर्ष की दर से बढ़ रही है। 

मेरठ के आंकड़े 
वाहन                पंजीकृत                 प्रतिबंधित 

डीजल               83689                  23019
पेट्रोल               811621                120972
सीएनजी             26103                   2214
कुल                921413                 146205

मुख्यालय से ले रहे परामर्श 
वाहन स्वामियों को समय रहते वाहनों की एनओसी लेने के लिए कहा जा रहा है। जिन वाहनों की उम्र निकल चुकी है, अब उनकी फिटनेस नहीं हो सकती है। लोगों की समस्या को देखते हुए मुख्यालय से परामर्श लिया जा रहा है। वहां से जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी। - हिमेश तिवारी, आरटीओ मेरठ

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