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रफ्तार के सिकंदरों ने हवा से की बात
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 11 Oct 2016 01:59 AM IST
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मेरठ के आरवीसी सेंटर में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लेता घुड़सवार।
- फोटो : अमर उजाला
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आरवीसी के मैदान पर रविवार को घोड़े और घुड़सवार का शानदार तालमेल नजर आया। घोड़ों की रफ्तार से मैदान में ‘रेत का तूफान’ नजर आया। वहीं घुड़सवारों ने अपने कौशल और हुनर के दम पर घोड़ों को नियंत्रित किया। क्रॉस कंट्री में एक से बढ़कर एक मुकाबले देखने को मिले। प्रतिभागियों का जोश देखते ही बन रहा था। आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज में दो अक्तूबर से चल रहा मेरठ हार्स शो का रविवार को समापन हो गया।
सुबह क्रास कंट्री और शाम को शो जंपिंग इवेंट के बाद विजेता तय हुए। ओपन प्रतियोगिता में 31 घोड़ों ने भाग लिया। व्यक्तिगत स्पर्धा में आर्टलरी टीम के लेफ्टिनेंट कर्नल राज संग्राम और उनका घोड़ा रैमसेस चैंपियन बने। प्री नोविस में आरीवीसी कॉलेज के कर्नल दीप अलावत और उनका घोड़े रिमाउंट वीवी का जलवा रहा। विजेताओं को मुख्य अतिथि पश्चिम यूपी सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल के मनमीत सिंह और आरवीसी सेंटर और कॉलेज के कमांडेंट मेजर जनरल देव राज ने पुरस्कार दिए।
ओपन प्रतियोगिता में दूसरे नंबर पर आरवीसी के रिसालदार दिनेश कुमार और उनका घोड़ा जीत और तीसरे नंबर आरवीसी के लांस दफेदार मोहम्मद अबरार रहे। टीम इवेंट में पहले नंबर पर आरवीसी की टीम ए रही। दूसरे नंबर पर पीबीजी और तीसरे नंबर पर आरवीसी की टीम बी रही। टीम ए में एएलडी पी विश्वनाथ उनका घोड़ा गणपत, रिसालदार मलचंद विश्नोई, रिसालदार दिनेश कुमार उनका घोड़ा जीत, नायब रिसालदार गोविंद सिंह और उनका घोड़ा ब्वॉय रहा।
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प्रो नोविस में दूसरे नंबर पर एएससी के कैप्टन वी दहिया और उनका घोड़ा विक्रांत और तीसरे नंबर पर आरवीसी के सवार विजय प्रताप और उनका घोड़ा वैलेंटाइन रहा। टीम इवेंट में आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज की टीम ए रही। दूसरे नंबर पर आरवीसी की टीम बी और तीसरे नंबर पर एएससी की टीम रही।
लेफ्टिनेंट कर्नल राज संग्राम के घोड़े की मौत
क्रॉस कंट्री के दौरान दो हादसे हुए। लेफ्टिनेंट कर्नल राज संग्राम जब क्रॉस कंट्री के दूसरे राउंड के लिए मैदान में पहुंचे तो उनके घोड़े ने अच्छा प्रदर्शन किया। रेस पूरी करने के बाद अचानक घोड़ा गिर गया और उसकी मौत हो गई। वहीं क्रास कंट्री के दौरान कैप्टन कृतिका पाटिल का घोड़ा गिर गया। वह अच्छा प्रदर्शन कर रही थीं। जंपिंग के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ गया। कैप्टन कृतिका भी गिर गईं। उन्हें एंबुलेंस के जरिये मैदान से बाहर लाया गया।
क्रास कंट्री का मैदान है शानदार
आरवीसी का क्रास कंट्री का मैदान शानदार है। जानकारों का कहना है क्रास कंट्री के लिए ऐसा दूसरा मैदान नहीं है। मैदान की खासियत दर्शकों के लिए व्यू है। वह एक जगह से प्रतियोगिता का मजा ले सकते हैं।
जर्मन और इंग्लैंड के घोड़े बढ़ा रहे प्रतियोगिता
2014 में इंचियोन एशियाड में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके घुड़सवार लेफ्टिनेंट कर्नल राज संग्राम का कहना है दुनिया में घुड़सवारी में प्रतिस्पर्धा कड़ी हो रही है। भारत के लिए चुनौती यह है कि विदेशी घोड़ों की ब्रीड काफी अच्छी आ रही है। यह अंतर प्रतियोगिता में फर्क डाल रहा है। इंग्लैंड और जर्मन के घोड़ों की ब्रीड ज्यादा पावर और स्किल वाली आ रही है। अगला एशियाड 2018 में इंडोनेशिया में होगा। लेफ्टिनेंट कर्नल राज संग्राम अभी से इसकी तैयारी में जुटे हैं। पिछले एशियाड में भारत के चार सवार पहुंचे थे।
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सुबह क्रास कंट्री और शाम को शो जंपिंग इवेंट के बाद विजेता तय हुए। ओपन प्रतियोगिता में 31 घोड़ों ने भाग लिया। व्यक्तिगत स्पर्धा में आर्टलरी टीम के लेफ्टिनेंट कर्नल राज संग्राम और उनका घोड़ा रैमसेस चैंपियन बने। प्री नोविस में आरीवीसी कॉलेज के कर्नल दीप अलावत और उनका घोड़े रिमाउंट वीवी का जलवा रहा। विजेताओं को मुख्य अतिथि पश्चिम यूपी सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल के मनमीत सिंह और आरवीसी सेंटर और कॉलेज के कमांडेंट मेजर जनरल देव राज ने पुरस्कार दिए।
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ओपन प्रतियोगिता में दूसरे नंबर पर आरवीसी के रिसालदार दिनेश कुमार और उनका घोड़ा जीत और तीसरे नंबर आरवीसी के लांस दफेदार मोहम्मद अबरार रहे। टीम इवेंट में पहले नंबर पर आरवीसी की टीम ए रही। दूसरे नंबर पर पीबीजी और तीसरे नंबर पर आरवीसी की टीम बी रही। टीम ए में एएलडी पी विश्वनाथ उनका घोड़ा गणपत, रिसालदार मलचंद विश्नोई, रिसालदार दिनेश कुमार उनका घोड़ा जीत, नायब रिसालदार गोविंद सिंह और उनका घोड़ा ब्वॉय रहा।
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प्रो नोविस में दूसरे नंबर पर एएससी के कैप्टन वी दहिया और उनका घोड़ा विक्रांत और तीसरे नंबर पर आरवीसी के सवार विजय प्रताप और उनका घोड़ा वैलेंटाइन रहा। टीम इवेंट में आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज की टीम ए रही। दूसरे नंबर पर आरवीसी की टीम बी और तीसरे नंबर पर एएससी की टीम रही।
लेफ्टिनेंट कर्नल राज संग्राम के घोड़े की मौत
क्रॉस कंट्री के दौरान दो हादसे हुए। लेफ्टिनेंट कर्नल राज संग्राम जब क्रॉस कंट्री के दूसरे राउंड के लिए मैदान में पहुंचे तो उनके घोड़े ने अच्छा प्रदर्शन किया। रेस पूरी करने के बाद अचानक घोड़ा गिर गया और उसकी मौत हो गई। वहीं क्रास कंट्री के दौरान कैप्टन कृतिका पाटिल का घोड़ा गिर गया। वह अच्छा प्रदर्शन कर रही थीं। जंपिंग के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ गया। कैप्टन कृतिका भी गिर गईं। उन्हें एंबुलेंस के जरिये मैदान से बाहर लाया गया।
क्रास कंट्री का मैदान है शानदार
आरवीसी का क्रास कंट्री का मैदान शानदार है। जानकारों का कहना है क्रास कंट्री के लिए ऐसा दूसरा मैदान नहीं है। मैदान की खासियत दर्शकों के लिए व्यू है। वह एक जगह से प्रतियोगिता का मजा ले सकते हैं।
जर्मन और इंग्लैंड के घोड़े बढ़ा रहे प्रतियोगिता
2014 में इंचियोन एशियाड में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके घुड़सवार लेफ्टिनेंट कर्नल राज संग्राम का कहना है दुनिया में घुड़सवारी में प्रतिस्पर्धा कड़ी हो रही है। भारत के लिए चुनौती यह है कि विदेशी घोड़ों की ब्रीड काफी अच्छी आ रही है। यह अंतर प्रतियोगिता में फर्क डाल रहा है। इंग्लैंड और जर्मन के घोड़ों की ब्रीड ज्यादा पावर और स्किल वाली आ रही है। अगला एशियाड 2018 में इंडोनेशिया में होगा। लेफ्टिनेंट कर्नल राज संग्राम अभी से इसकी तैयारी में जुटे हैं। पिछले एशियाड में भारत के चार सवार पहुंचे थे।