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बैठक से गायब अफसर, सदस्यों का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 23 Feb 2016 02:22 AM IST
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हाउस टैक्स निगरानी समिति की सोमवार को हुई बैठक में सदस्यों ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर हंगामा कर दिया। यह समिति की दूसरी बैठक थी। लेकिन, हाउस टैक्स से जुड़ी समस्याओं पर अधिकारियों ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। यही वजह रही कि न पिछली बैठक की प्रोसीडिंग तैयार की और न ही इसमें पास प्रस्तावों पर काम शुरू किया।
हाउस टैक्स बिलों में गड़बड़ी, जनता से अवैध वसूली और छूटे भवनों पर टैक्स न लगाए जाने की शिकायतों पर मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने पार्षदों की निगरानी समिति गठित थी। इसका काम हर माह हाउस टैक्स के मामलों पर सुनवाई करने, व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार कराने का है।
लेकिन, तीन माह बाद सोमवार को निगम सभागार में समिति चेयरमैन सेंसरपाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव, राजेश कुमार, टैक्स अधीक्षक रमा शर्मा, गजेंद्र कुमार पहुंचे ही नहीं। इस पर समिति के सदस्य विजय आनंद अग्रवाल ने हंगामा खड़ा कर दिया।
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उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जैसे-तैसे बैठक शुरू हुई तो सदस्य दीवानजी शरीफ ने सर्किल रेट के अनुरूप हाउस टैक्स रिवाइज करने का प्रस्ताव रख दिया। इस पर भाजपा पार्षद विरोध में उतर आए।
पंकज कतीरा, नवीन बंसल, विनोद उपाध्याय और विजय आनंद ने कहा कि पहले जनगणना के आधार पर चयनित भवनों की सूची को देखा जाए। इनमें उन सभी भवनों पर टैक्स लगाया जाए, जो छूटे हुए हैं। बैठक में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी असीम रंजन, टैक्स अधीक्षक बिलाल, नरेश सिवालिया, पार्षद आरिफ अंसारी आदि मौजूद रहे।
इन प्रस्तावों पर चर्चा
- शहर में हर मकान के दरवाजे पर लगे टोकन
- ओटीएस के लिए शासन से होगी सिफारिश
- बारात घर और नर्सिंग होम की सूची पार्षदों को दी जाए
- जनगणना में चयनित सभी भवनों पर लगे टैक्स
- हाउस टैक्स नोटिस जारी करने का विवरण रजिस्टर में दर्ज हो
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हाउस टैक्स बिलों में गड़बड़ी, जनता से अवैध वसूली और छूटे भवनों पर टैक्स न लगाए जाने की शिकायतों पर मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने पार्षदों की निगरानी समिति गठित थी। इसका काम हर माह हाउस टैक्स के मामलों पर सुनवाई करने, व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार कराने का है।
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लेकिन, तीन माह बाद सोमवार को निगम सभागार में समिति चेयरमैन सेंसरपाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव, राजेश कुमार, टैक्स अधीक्षक रमा शर्मा, गजेंद्र कुमार पहुंचे ही नहीं। इस पर समिति के सदस्य विजय आनंद अग्रवाल ने हंगामा खड़ा कर दिया।
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उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जैसे-तैसे बैठक शुरू हुई तो सदस्य दीवानजी शरीफ ने सर्किल रेट के अनुरूप हाउस टैक्स रिवाइज करने का प्रस्ताव रख दिया। इस पर भाजपा पार्षद विरोध में उतर आए।
पंकज कतीरा, नवीन बंसल, विनोद उपाध्याय और विजय आनंद ने कहा कि पहले जनगणना के आधार पर चयनित भवनों की सूची को देखा जाए। इनमें उन सभी भवनों पर टैक्स लगाया जाए, जो छूटे हुए हैं। बैठक में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी असीम रंजन, टैक्स अधीक्षक बिलाल, नरेश सिवालिया, पार्षद आरिफ अंसारी आदि मौजूद रहे।
इन प्रस्तावों पर चर्चा
- शहर में हर मकान के दरवाजे पर लगे टोकन
- ओटीएस के लिए शासन से होगी सिफारिश
- बारात घर और नर्सिंग होम की सूची पार्षदों को दी जाए
- जनगणना में चयनित सभी भवनों पर लगे टैक्स
- हाउस टैक्स नोटिस जारी करने का विवरण रजिस्टर में दर्ज हो