{"_id":"b028c7abbb1277b8174f342c1358069a","slug":"meerut-news-hindi-news-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाई वोल्टेज ड्रामे पर डैमेज कंट्रोल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाई वोल्टेज ड्रामे पर डैमेज कंट्रोल
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Mon, 04 Jan 2016 01:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर शनिवार को समाजवादी पार्टी में हुए हाई वोल्टेज ड्रामे की गूंज शासन तक पहुंच गई है। इसके चलते पार्टी नेता रविवार को डैमेज कंट्रोल में जुट गए।
मेरठ पहुंचे चुनाव प्रभारी रामसकल गुर्जर और सुरेंद्र नागर ने सर्किट हाउस के कमरा नंबर एक में तीन घंटे तक बैठक की। इसमें स्थानीय नेताओं के अलावा कुछ जिला पंचायत सदस्य भी मौजूद रहे। हालांकि, इस बैठक से कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर और उनके पुत्र नवाजिश का दूर रहना चर्चा का विषय बना रहा।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा ने अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान को प्रत्याशी बनाया है। सीमा को जिताने के लिए पार्टी पूरा जोर लगा रही है। लेकिन, सपाइयों की आपसी गुटबाजी की चर्चाएं भी आम हो रही हैं।
विज्ञापन
शनिवार को तो इसका एक रूप सामने भी आ गया। जब किसी ने अतुल प्रधान को सूचना दी कि कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर साकेत में पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा के आवास पर विरोधियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इस पर जहां अतुल प्रधान जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह के साथ पूर्व विधायक के आवास पर पहुंच गए थे
वहीं उनके समर्थक बताए गए कुछ युवकों ने वहां डेरा डाल दिया था। हालांकि, वहां किसी ने भी शाहिद मंजूर को नहीं देखा। इस दौरान सपा में जो हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ, उससे सपाइयों के बीच का अविश्वास भी सामने आ गया। इस घटनाक्रम के बाद अतुल ही नहीं, बल्कि शाहिद मंजूर, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा भी सफाई देते नजर आए।
नेताओं ने समझा पूरा घटनाक्रम
मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंची तो रविवार सुबह ही घटनाक्रम की जानकारी लेने के लिए सपा के चुनाव प्रभारी रामसकल गुर्जर और पूर्व सांसद सुरेंद्र नागर सर्किट हाउस पहुंच गए।
सपा एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल, रफीक अंसारी, मोहम्मद अब्बास, चौ. राजपाल सिंह, विधायक गुलाम मोहम्मद, प्रभुदयाल वाल्मीकि, अयूब अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, आदिल चौधरी, अतुल प्रधान आदि सपा नेता सर्किट हाउस पहुंच गए।
रामसकल और सुरेंद्र नागर ने सबसे पहले सभी सपा नेता और विधायकों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ ही फोन पर कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर से भी बात की। दोनों चुनाव प्रभारी सर्किट हाउस में लगभग तीन घंटे तक रुके। लेकिन, शाहिद मंजूर नहीं पहुंचे।
इस दौरान चुनाव प्रभारियों ने कुछ जिला पंचायत सदस्यों से भी बंद कमरे में बात की। हालांकि, जिला पंचायत सदस्यों को मीडिया से दूर रखा गया। इसके बाद सुरेंद्र नागर और रामसकल गुर्जर मंत्री शाहिद मंजूर के आवास पर पहुंचे और उनसे बातचीत की।
विरोधी कर रहे दुष्प्रचार : रामसकल
दोनों चुनाव प्रभारियों ने मीडिया से वार्ता में जहां जीत का दावा किया तो पूर्व विधायक के आवास पर हुए ड्रामे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि उस ड्रामे से सपा का कोई लेना-देना नहीं है।
रामसकल गुर्जर ने कहा कि शनिवार को साकेत में कांग्रेस के पूर्व विधायक के आवास पर जो भी हुआ हो, उससे सपा का कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी के नेताओं में कोई मतभेद या फूट नहीं है। विरोधी दुष्प्रचार कर रहे हैं।
‘पथराव करने वालों से मेरा संबंध नहीं’
मीडियाकर्मियों ने जब अतुल प्रधान से शनिवार को पूर्व विधायक के घर पहुंचने और अपशब्दों का इस्तेमाल करने के संबंध में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि मुझे किसी ने सूचना दी थी कि वहां हमारे विरोधी षड्यंत्र रच रहे हैं। इसमें कैबिनेट मंत्री के भी शामिल होने की सूचना थी।
मैं जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह को साथ लेकर पहुंचा था, लेकिन वहां कैबिनेट मंत्री नहीं थे। हमने किसी के साथ अभद्रता नहीं की। साथ ही गाड़ियों पर पथराव करने वालों से संबंध को भी उन्होंने नकार दिया।
‘बाहरी थीं सपा का झंडा लगी गाड़ियां’
अतुल की इस सफाई पर सुरेंद्र नागर ने कहा कि प्रत्याशी को जागरूक होना ही पड़ता है। यह अतुल की जागरूकता का ही परिचय है, जो सूचना मिलते ही अपने साथ जिलाध्यक्ष को लेकर मौके पर पहुंचे। सपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जीत रही है।
विरोधी बौखला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व विधायक के आवास पर कैबिनेट मंत्री मौजूद ही नहीं थे। इस दौरान वहां सपा का झंडा लगाकर पहुंचीं गाड़ियां उन्होंने बाहरी लोगों की बता दीं। साथ ही कहा कि इसके लिए न तो अतुल जिम्मेदार हैं और न ही कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर।
कैबिनेट मंत्री से नहीं है कोई मतभेद
कैबिनेट मंत्री के सर्किट न पहुंचने के सवाल पर सुरेंद्र नागर ने कहा कि वह बाहर हैं। हमारी उनसे बात हो चुकी है। कोई मतभेद नहीं है। इस दौरान संगीता राहुल, आरती जिंदल, चैतन्य देव स्वामी, डॉ. राजेश कुमार, हिफजुर्रहमान, रामदत्त शर्मा, मो. चांद, कपिल राज शर्मा, नरेश डाबका, अफजाल सैफी मौजूद रहे।
विज्ञापन
मेरठ पहुंचे चुनाव प्रभारी रामसकल गुर्जर और सुरेंद्र नागर ने सर्किट हाउस के कमरा नंबर एक में तीन घंटे तक बैठक की। इसमें स्थानीय नेताओं के अलावा कुछ जिला पंचायत सदस्य भी मौजूद रहे। हालांकि, इस बैठक से कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर और उनके पुत्र नवाजिश का दूर रहना चर्चा का विषय बना रहा।
विज्ञापन
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा ने अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान को प्रत्याशी बनाया है। सीमा को जिताने के लिए पार्टी पूरा जोर लगा रही है। लेकिन, सपाइयों की आपसी गुटबाजी की चर्चाएं भी आम हो रही हैं।
विज्ञापन
शनिवार को तो इसका एक रूप सामने भी आ गया। जब किसी ने अतुल प्रधान को सूचना दी कि कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर साकेत में पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा के आवास पर विरोधियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इस पर जहां अतुल प्रधान जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह के साथ पूर्व विधायक के आवास पर पहुंच गए थे
वहीं उनके समर्थक बताए गए कुछ युवकों ने वहां डेरा डाल दिया था। हालांकि, वहां किसी ने भी शाहिद मंजूर को नहीं देखा। इस दौरान सपा में जो हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ, उससे सपाइयों के बीच का अविश्वास भी सामने आ गया। इस घटनाक्रम के बाद अतुल ही नहीं, बल्कि शाहिद मंजूर, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा भी सफाई देते नजर आए।
नेताओं ने समझा पूरा घटनाक्रम
मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंची तो रविवार सुबह ही घटनाक्रम की जानकारी लेने के लिए सपा के चुनाव प्रभारी रामसकल गुर्जर और पूर्व सांसद सुरेंद्र नागर सर्किट हाउस पहुंच गए।
सपा एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल, रफीक अंसारी, मोहम्मद अब्बास, चौ. राजपाल सिंह, विधायक गुलाम मोहम्मद, प्रभुदयाल वाल्मीकि, अयूब अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, आदिल चौधरी, अतुल प्रधान आदि सपा नेता सर्किट हाउस पहुंच गए।
रामसकल और सुरेंद्र नागर ने सबसे पहले सभी सपा नेता और विधायकों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ ही फोन पर कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर से भी बात की। दोनों चुनाव प्रभारी सर्किट हाउस में लगभग तीन घंटे तक रुके। लेकिन, शाहिद मंजूर नहीं पहुंचे।
इस दौरान चुनाव प्रभारियों ने कुछ जिला पंचायत सदस्यों से भी बंद कमरे में बात की। हालांकि, जिला पंचायत सदस्यों को मीडिया से दूर रखा गया। इसके बाद सुरेंद्र नागर और रामसकल गुर्जर मंत्री शाहिद मंजूर के आवास पर पहुंचे और उनसे बातचीत की।
विरोधी कर रहे दुष्प्रचार : रामसकल
दोनों चुनाव प्रभारियों ने मीडिया से वार्ता में जहां जीत का दावा किया तो पूर्व विधायक के आवास पर हुए ड्रामे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि उस ड्रामे से सपा का कोई लेना-देना नहीं है।
रामसकल गुर्जर ने कहा कि शनिवार को साकेत में कांग्रेस के पूर्व विधायक के आवास पर जो भी हुआ हो, उससे सपा का कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी के नेताओं में कोई मतभेद या फूट नहीं है। विरोधी दुष्प्रचार कर रहे हैं।
‘पथराव करने वालों से मेरा संबंध नहीं’
मीडियाकर्मियों ने जब अतुल प्रधान से शनिवार को पूर्व विधायक के घर पहुंचने और अपशब्दों का इस्तेमाल करने के संबंध में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि मुझे किसी ने सूचना दी थी कि वहां हमारे विरोधी षड्यंत्र रच रहे हैं। इसमें कैबिनेट मंत्री के भी शामिल होने की सूचना थी।
मैं जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह को साथ लेकर पहुंचा था, लेकिन वहां कैबिनेट मंत्री नहीं थे। हमने किसी के साथ अभद्रता नहीं की। साथ ही गाड़ियों पर पथराव करने वालों से संबंध को भी उन्होंने नकार दिया।
‘बाहरी थीं सपा का झंडा लगी गाड़ियां’
अतुल की इस सफाई पर सुरेंद्र नागर ने कहा कि प्रत्याशी को जागरूक होना ही पड़ता है। यह अतुल की जागरूकता का ही परिचय है, जो सूचना मिलते ही अपने साथ जिलाध्यक्ष को लेकर मौके पर पहुंचे। सपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जीत रही है।
विरोधी बौखला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व विधायक के आवास पर कैबिनेट मंत्री मौजूद ही नहीं थे। इस दौरान वहां सपा का झंडा लगाकर पहुंचीं गाड़ियां उन्होंने बाहरी लोगों की बता दीं। साथ ही कहा कि इसके लिए न तो अतुल जिम्मेदार हैं और न ही कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर।
कैबिनेट मंत्री से नहीं है कोई मतभेद
कैबिनेट मंत्री के सर्किट न पहुंचने के सवाल पर सुरेंद्र नागर ने कहा कि वह बाहर हैं। हमारी उनसे बात हो चुकी है। कोई मतभेद नहीं है। इस दौरान संगीता राहुल, आरती जिंदल, चैतन्य देव स्वामी, डॉ. राजेश कुमार, हिफजुर्रहमान, रामदत्त शर्मा, मो. चांद, कपिल राज शर्मा, नरेश डाबका, अफजाल सैफी मौजूद रहे।