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मेडिकल कालेज में ‘बंदूक’ की राजनीति
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 May 2016 02:35 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में हंगामा करते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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चिकित्सा सेवा छोड़ मेडिकल कॉलेज में बंदूक की राजनीति शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को मेडिकल में हंगामे और शक्ति प्रदर्शन का दौर चलता रहा है। चीफ फार्मेसिस्ट योगेंद्र पाल सिंह और कर्मचारी नेता विपिन त्यागी के बीच पहले कहासुनी हुई और उसके बाद मामला बंदूक के दम पर शक्ति प्रदर्शन तक जा पहुंचा।
सीएमएस दफ्तर के बाहर दोनों पक्षों की तरफ से हथियारबंद युवकों को बुला लिया गया। सीएमएस की सूचना पर पुलिस पहुंची तो मामला शांत हो गया। दोनों पक्षों ने तहरीर दी है।
मेडिकल कॉलेज कर्मचारी एसोसिएशन की बृहस्पतिवार को संपन्न बैठक में शामिल होने को लेकर शुरू हुआ विवाद हथियारों के शक्ति प्रदर्शन तक जा पहुंचा। चीफ फार्मेसिस्ट योगेंद्र पाल सिंह का आरोप है कि विपिन त्यागी ने बुधवार को उनके दफ्तर में आकर बैठक में शामिल होने की धमकी दी थी।
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यह भी कहा था कि अगर कोई बैठक में शामिल नहीं होता है या किसी को बैठक में आने से रोका जाता है तो उसका अंजाम ठीक नहीं होगा। आरोप है कि बृहस्पतिवार को बैठक शुरू होने से पहले विपिन त्यागी ने दोबारा हथियारबंद साथियों के साथ आकर बैठक में चलने की धमकी दी।
जिस पर हम सभी ने कह दिया कि हम लोग तुम्हारी धमकी से डरने वाले नहीं हैं। बाकी कर्मचारी विपिन त्यागी के खिलाफ खड़े हो गए लेकिन उन्हें जैसे-तैसे रोक लिया गया। योगेंद्र पाल का आरोप है कि विपिन त्यागी ने धमकी दी कि अगर किसी ने मुझे पैसा नहीं दिया तो भी उसे देख लूंगा।
मेरे सीने पर चलाई गोली
वहीं, विपिन त्यागी ने योगेंद्र पाल के सारे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक को लेकर बीते कई दिनों से प्रचार कर रहा था। जब बृहस्पतिवार सुबह कर्मचारियों को बुलाने के लिए हम योगेंद्र पाल सिंह के कक्ष में पहुंचे तो योगेंद्र पाल सिंह ने बाहरी लोगों के साथ तमंचे और बंदूक से हमला बोल दिया।
एक गोली मेरे सीने पर चलायी गई, जो मिस हो गई। मेरे साथियों पर चाकू से हमला किया गया। मैं भी किसी तरह बचा। गनीमत रही है कि मेरे साथ गए लोगों ने संयम से काम लिया।
डीएम तक पहुंचे कर्मचारी
सारी घटना के बाद चीफ फार्मेसिस्ट व पीआरओ दिनेश राणा व अन्य कर्मचारी ने प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता से मिलकर विपिन त्यागी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कहा कि मेडिकल कॉलेज में कोई कर्मचारी यूनियन नहीं है लेकिन विपिन त्यागी अपने आपको कर्मचारी एसोसिएशन का नेता दिखाता है।
इस बीच सीएमएस डॉ. विभु साहनी ने कर्मचारियों द्वारा थाने के नाम लिखी गई तहरीर पर हस्ताक्षर कर दिए। उधर, कर्मचारी यूनियन के चुनाव कराने की मांग को लेकर डीएम पंकज यादव से मिले। इसी बीच कोर्ट का वो आदेश भी कर्मचारियों ने रखा, जिसके हिसाब से मेडिकल कालेज में कोई कर्मचारी यूनियन ही नहीं है।
दोनों पक्षों ने दी तहरीर
चीफ फार्मेसिस्ट ने मेडिकल थाने पर विपिन त्यागी, महिपाल सिंह, रवि शंकर शर्मा, वरुण कुमार, रामनिवास आदि के खिलाफ तहरीर दी है। कार्रवाई न होने पर हड़ताल की धमकी दी। उधर, विपिन त्यागी ने योगेंद्र पाल, पीआरओ दिनेश राणा, सुशील कुमार आदि के खिलाफ तहरीर दी है।
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सीएमएस दफ्तर के बाहर दोनों पक्षों की तरफ से हथियारबंद युवकों को बुला लिया गया। सीएमएस की सूचना पर पुलिस पहुंची तो मामला शांत हो गया। दोनों पक्षों ने तहरीर दी है।
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मेडिकल कॉलेज कर्मचारी एसोसिएशन की बृहस्पतिवार को संपन्न बैठक में शामिल होने को लेकर शुरू हुआ विवाद हथियारों के शक्ति प्रदर्शन तक जा पहुंचा। चीफ फार्मेसिस्ट योगेंद्र पाल सिंह का आरोप है कि विपिन त्यागी ने बुधवार को उनके दफ्तर में आकर बैठक में शामिल होने की धमकी दी थी।
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यह भी कहा था कि अगर कोई बैठक में शामिल नहीं होता है या किसी को बैठक में आने से रोका जाता है तो उसका अंजाम ठीक नहीं होगा। आरोप है कि बृहस्पतिवार को बैठक शुरू होने से पहले विपिन त्यागी ने दोबारा हथियारबंद साथियों के साथ आकर बैठक में चलने की धमकी दी।
जिस पर हम सभी ने कह दिया कि हम लोग तुम्हारी धमकी से डरने वाले नहीं हैं। बाकी कर्मचारी विपिन त्यागी के खिलाफ खड़े हो गए लेकिन उन्हें जैसे-तैसे रोक लिया गया। योगेंद्र पाल का आरोप है कि विपिन त्यागी ने धमकी दी कि अगर किसी ने मुझे पैसा नहीं दिया तो भी उसे देख लूंगा।
मेरे सीने पर चलाई गोली
वहीं, विपिन त्यागी ने योगेंद्र पाल के सारे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक को लेकर बीते कई दिनों से प्रचार कर रहा था। जब बृहस्पतिवार सुबह कर्मचारियों को बुलाने के लिए हम योगेंद्र पाल सिंह के कक्ष में पहुंचे तो योगेंद्र पाल सिंह ने बाहरी लोगों के साथ तमंचे और बंदूक से हमला बोल दिया।
एक गोली मेरे सीने पर चलायी गई, जो मिस हो गई। मेरे साथियों पर चाकू से हमला किया गया। मैं भी किसी तरह बचा। गनीमत रही है कि मेरे साथ गए लोगों ने संयम से काम लिया।
डीएम तक पहुंचे कर्मचारी
सारी घटना के बाद चीफ फार्मेसिस्ट व पीआरओ दिनेश राणा व अन्य कर्मचारी ने प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता से मिलकर विपिन त्यागी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कहा कि मेडिकल कॉलेज में कोई कर्मचारी यूनियन नहीं है लेकिन विपिन त्यागी अपने आपको कर्मचारी एसोसिएशन का नेता दिखाता है।
इस बीच सीएमएस डॉ. विभु साहनी ने कर्मचारियों द्वारा थाने के नाम लिखी गई तहरीर पर हस्ताक्षर कर दिए। उधर, कर्मचारी यूनियन के चुनाव कराने की मांग को लेकर डीएम पंकज यादव से मिले। इसी बीच कोर्ट का वो आदेश भी कर्मचारियों ने रखा, जिसके हिसाब से मेडिकल कालेज में कोई कर्मचारी यूनियन ही नहीं है।
दोनों पक्षों ने दी तहरीर
चीफ फार्मेसिस्ट ने मेडिकल थाने पर विपिन त्यागी, महिपाल सिंह, रवि शंकर शर्मा, वरुण कुमार, रामनिवास आदि के खिलाफ तहरीर दी है। कार्रवाई न होने पर हड़ताल की धमकी दी। उधर, विपिन त्यागी ने योगेंद्र पाल, पीआरओ दिनेश राणा, सुशील कुमार आदि के खिलाफ तहरीर दी है।