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शादियों में मीट का संकट, डीएम से बोले, पशु कटान की अनुमति दें या मीट उपलब्ध कराएं
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 30 Mar 2017 02:24 PM IST
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अवैध बूचड़खानों में कटान बंद होने से मुस्लिमों को शादियों के लिए मीट मिलने में परेशानी खड़ी हो रही है। सोमवार को डीएम कार्यालय पर कई ऐसे लोग पहुंचे, जिन्होंने शादी में आवभगत के लिए पशुवध की अनुमति डीएम से मांगी है। जिला प्रशासन भी समस्या के निराकरण को लेकर पसोपेश में है। शादियों के लिए अलनूर फैक्ट्री से मीट सप्लाई करने की तैयारी चल रही है।
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निकाह में दावत के लिए मीट जुटाना मुश्किल
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डीएम दिनेश कुमार सिंह के सामने सबसे ज्यादा मामलों में शादी में मीट की डिमांड के आए। इस समय मुस्लिमों में शादी का सीजन चल रहा है। निकाह में दावत के लिए मीट चाहिए। बूचड़खानों में अवैध कटान बंद होने के बाद से मीट का संकट चल रहा है। अभाव में मीट की दुकानें भी बंद पड़ी हुई हैं। निकाह में मेहमानों की आवभगत के लिए मीट जुटाना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में सोमवार को डीएम के सामने बड़ी संख्या में मुस्लिम पशु वध की अनुमति देने के लिए प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे।
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खुले में पशु काटने की नहीं मिलेगी अनुमति
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शहर के नफीस, इदरीश, आसिफ, भूरा कुरैशी आदि ने दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि निकाह में दावत के लिए मीट आवश्यक है। उन्हें या तो मीट उपलब्ध कराएं या पशुवध की अनुमति दें। लोगों ने अपनी समस्या भी बताई कि एक साथ दो हजार लोगों के खाने की व्यवस्था करनी है। लोगों में एक-दूसरे के यहां निकाह में जाने की परंपरा है। ऐसे हालात में निकाह की प्रक्रिया पूरी करना उनके लिए चुनौती बन गया है। डीएम डीके सिंह ने जनता की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से बात की। अधिकारियों से मीटिंग के बाद बताया कि समस्या के निदान के लिए अलनूर मीट फैक्ट्री से बात की जा रही है, जिसको जितनी आवश्यकता है, वहीं से मीट उपलब्ध करा दिया जाएगा। इससे लोगों की समस्या का निराकरण भी हो जाएगा। नियमों को पालन भी होगा। किसी को खुले में पशु काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अवैध बूचड़खानों पर प्रशासन का डंडा
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शहर में अवैध बूचड़खाने बंद किए जाने जाने के बाद से मीट कारोबारियों में अफरातफरी का माहौल है। मुस्लिम समाज की शादियों में मीट की किल्लत को लेकर मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। समस्या के समाधान के लिए लोग डीएम दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। भाजपा सरकार के गठन के बाद पुलिस ने अवैध बूचड़खाने बंद करा दिए हैं। खालापार में छापामारी के दौरान चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। जनपद के अफसरों ने जिले की मीट फैक्ट्री अलनूर में छापा मारकर चेकिंग की थी। कार्रवाई के चलते जहां एक ओर मीट कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया, वहीं दूसरी और मुस्लिमों में होने वाली शादियों में मीट को लेकर संकट पैदा हो गया है। समाज के लोग चाहकर भी मीट की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए सैकड़ों लोगों ने डीएम को प्रार्थनापत्र दिए हैं।