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Meerut News: गणिनी ज्ञानमती माता का जन्मोत्सव मयाया
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ज्ञानमती माता के जन्मोत्सव पर दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु स्रोत जम्बूदीप
हस्तिनापुर। कस्बे के जंबूद्वीप में मंगलवार को गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता का 93वां जन्मोत्सव मनाया गया। इसी के साथ उनका 75वां संयम दिवस भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इसमें देश भर के जैन श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
जंबूद्वीप के प्रबंधक मंत्री विजय कुमार जैन ने बताया कि यह पर्व प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा पर शुरू होता है। इसका समापन तीसरे दिन किया जाता है। यह पर्व हस्तिनापुर और अयोध्या में धूमधाम से मनाया गया। महोत्सव में भगवान ऋषभदेव का पंचामृत अभिषेक किया गया। परिसर स्थित चौबीसी जिनालय के शिखर पर कलशारोहण और ध्वजारोहण हुआ। विधिविधान से मंदिर के शिखर पर कलश स्थापित किया गया। कार्यक्रम पीठाधीश स्वस्तिश्री रवींद्रकीर्ति स्वामी के सान्निध्य में संपन्न हुए।
गणिनी ज्ञानमती माता ने अपने आशीर्वचन में संयम और त्याग का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि त्याग से ही व्यक्ति महान बनता है और उसके गुणों की पूजा होती है। 74 वर्ष पहले उन्होंने गृहत्याग कर संयम का मार्ग अपनाया था। समारोह में प्रयागराज की आरती प्रकाशचंद जैन को 2.51 लाख रुपये का सर्वोच्च गणिनी ज्ञानमती पुरस्कार मिला। जैन पंचांग के प्रकाशन में योगदान के लिए गजेंद्र जैन को जंबूद्वीप पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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जंबूद्वीप के प्रबंधक मंत्री विजय कुमार जैन ने बताया कि यह पर्व प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा पर शुरू होता है। इसका समापन तीसरे दिन किया जाता है। यह पर्व हस्तिनापुर और अयोध्या में धूमधाम से मनाया गया। महोत्सव में भगवान ऋषभदेव का पंचामृत अभिषेक किया गया। परिसर स्थित चौबीसी जिनालय के शिखर पर कलशारोहण और ध्वजारोहण हुआ। विधिविधान से मंदिर के शिखर पर कलश स्थापित किया गया। कार्यक्रम पीठाधीश स्वस्तिश्री रवींद्रकीर्ति स्वामी के सान्निध्य में संपन्न हुए।
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गणिनी ज्ञानमती माता ने अपने आशीर्वचन में संयम और त्याग का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि त्याग से ही व्यक्ति महान बनता है और उसके गुणों की पूजा होती है। 74 वर्ष पहले उन्होंने गृहत्याग कर संयम का मार्ग अपनाया था। समारोह में प्रयागराज की आरती प्रकाशचंद जैन को 2.51 लाख रुपये का सर्वोच्च गणिनी ज्ञानमती पुरस्कार मिला। जैन पंचांग के प्रकाशन में योगदान के लिए गजेंद्र जैन को जंबूद्वीप पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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