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मायावती एक्शन में, राज्यसभा सांसद को दी चेतावनी, बेटों को पार्टी से निकाला

Fri, 08 Dec 2017 07:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Fri, 08 Dec 2017 07:17 PM IST
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Mayawati in action, MP sons removed from party, warning to Father
मायावती और सांसद का बेटा

किठौर में दुकान को लेकर हुए खूनी संघर्ष की गाज राज्यसभा सदस्य मुनकाद अली के बेटों पर गिरी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुनकाद अली के बेटों सलमान व फरमान को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि सांसद को यदि पुत्रों के खिलाफ की कार्रवाई बुरी लगती है तो वे पार्टी में रहने या छोड़कर जाने के लिए आजाद हैं। 

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बुधवार को किठौर कस्बे में एक दुकान पर कब्जे के विवाद को लेकर नव निर्वाचित चेयरपर्सन और पूर्व चेयरपर्सन पक्ष के लोगों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। यहां मुनकाद के बेटे सलमान की पत्नी निदा परवीन चेयरपर्सन चुनी गई हैं। पूर्व चेयरमैन मतलूब गौड तथा हाल चेयरमैन के पक्ष के लोग आमने सामने आ गए। जमकर संघर्ष हुआ और गोलियां चलीं। दरअसल एक दुकान को लेकर दोनों पक्ष अपना अपना दावा ठोंक रहे थे। हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह से स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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दोनों पुत्रों को किया बाहर
मायावती ने लखनऊ में दिए बयान और बाद मे विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मुनकाद अली के बेटे की पत्नी हाल ही में मेरठ जिले की किठौर नगर पंचायत से पार्टी के टिकट पर अध्यक्ष चुनी गई हैं। पता चला है कि सांसद के बेटे सलमान वहां अपने कुछ समर्थकों के साथ एक दुकान के मामले में जबरन कब्जा करने व एक दलित की दुकान में तोड़ फोड़ करने में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसे अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और कानून को हाथ में लेने की वजह से मुनकाद अली के बेटों को बसपा से निकाल दिया गया है।
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सोशल मीडिया पर छाया मुद्दा

Mayawati in action, MP sons removed from party, warning to Father
मुनकाद अली और उनका बेटा - फोटो : अमर उजाला

पूर्व चेयरमैन मतलूब गौड समर्थक डा. वीर सिंह दलित हैं, उनकी तरफ से मुनकाद के पुत्रों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। दरअसल सोशल मीडिया पर दलित उत्पीड़न खूब छाया रहा। कहा गया कि सांसद के पुत्र दलितों पर जुल्म ढा रहे हैं, उनके उत्पीड़न से तंग दलित किठौर से पलायन कर रहे हैं। जिस पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने संज्ञान ले लिया।

चाहे तो मुनकाद भी छोड़ सकते हैं पार्टी
मायावती ने कहा कि यदि सांसद मुनकाद को पुत्रों के खिलाफ कार्रवाई बुरी लगती है तो वह भी पार्टी में रहने या ना रहने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि वह पुत्र मोह से अलग हटकर पार्टी हित में इस फैसले का स्वागत करते हैं तो पार्टी इन्हें पूर्व व वर्तमान की तरह आगे भी पूरा आदर-सम्मान देती रहेगी। मायावती ने पार्टी के शहरी निकाय के चुनाव में जीते लोगों को निर्देशित किया है कि वे कानून के दायरे में लोगों की सेवा करें। दूसरी पार्टियों की तरह कानून हाथों में ना लें। 

मैं बसपा में हूं और रहूंगा: मुनकाद अली
सांसद मुनकाद अली का कहना है कि वीर सिंह नाम के व्यक्ति ने साजिश की है। वह कभी बसपा में नहीं रहा। सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया गया। साजिश के तहत माहौल बिगाड़कर मुझे दलित विरोधी करार देने की कोशिश की गई। माहौल को शांत करने के लिए बहनजी ने यह कार्रवाई की है। मैं उनके फैसले का स्वागत करता हूं। मायावती मेरी नेता हैं और उनके हर आदेश का पालन होगा। बसपा में हूं और आगे भी रहूंगा।

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