तस्वीरें : शहीद सूबेदार वीरेंद्र कुमार की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, सात साल के बेटे ने दी मुखाग्नि तो हर आंख हुई नम
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19 हज़ार फीट की ऊंचाई पर देश सेवा कर रहे उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी वीरेंद्र कुमार सियाचिन ग्लेशियर पर शहीद हो गए। 14 अप्रैल की सुबह अचानक से सांस लेने में उन्हें दिक्कत होने लगी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया । जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
सेना के आधिकारिक बयान के अनुसार 17 अप्रैल को उनके शहीद होने की जानकारी दी गई। शाम चार बजे उनका पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचा। वहीं शहीद को अंतिम सलामी देने के लिए एकत्र हुए :-
जानकारी के अनुसार रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार फेज द्वितीय निवासी सूबेदार वीरेंद्र कुमार 143 मध्यम तोपखाना में तैनात थे। वह पिछले लगभग सात महीने से सियाचिन में तैनात थे।
मूल रूप से भदौड़ा गांव निवासी वीरेंद्र अभी तक सेना में 23 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके थे। उनके परिवार में पत्नी रीना शर्मा सहित तीन बच्चे है। बड़ी बेटी कशिश 14 वर्ष, मुस्कान 11 वर्ष और एक बेटा विवान सात वर्ष है।
शहीद वीरेंद्र कुमार का छोटा भाई कुलदीप शर्मा भी सेना में है। सेना के अधिकारियों के अनुसार उनका पार्थिव शरीर शनिवार शाम करीब चार बजे तक मेरठ आने की संभावना है।
बेटे की शहादत की खबर सुनकर जहां माता पिता का बुरा हाल है। वहीं शहीद के परिजनों को सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है।