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प्राचीन शिव मंदिर की भूमि बेचने का विरोध, हंगामा
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प्राचीन शिव मंदिर की भूमि बेचने के विरोध में हंगामा
मेरठ। शास्त्री नगर के व्यापारियों और हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने गढ़ रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर की भूमि को बेचने का विरोध किया। उन्हाेंने नारेबाजी कर कुछ देर के लिए हंगामा किया। बाद में जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और प्रशासनिक स्तर पर प्रकरण की जांच कराने की मांग की।
शास्त्री नगर जागृति विहार संयुक्त व्यापार संघ के संरक्षक सतीश चंद्र गर्ग और वीरेंद्र शर्मा बिल्लू ने बताया कि मंदिर की भूमि का विक्रय रजिस्ट्री के माध्यम से किया गया। इसके बाद मंदिर की छत के लिंटर को तोड़कर मंदिर में लगी कुछ मूर्तियों को खंडित कर दिया गया। इस बारे में नौचंदी थाने में केस दर्ज कराया गया। उन्होंने बताया कि एक मिष्ठान विक्रेता का मंदिर में कब्जे में मुख्य योगदान रहा। मिष्ठान विक्रेता के कर्मचारियों ने तेज आवाज में रात्रि में म्यूजिक बजाया। ऐसे में आसपास के लोगों को लिंटर ध्वस्त होेने की जानकारी सुबह को हुई। आरोप लगाया कि घटनाक्रम में पुलिस और अन्य विभागों से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध हैं। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में नीरज त्यागी, करुणेश नंदन गर्ग, घनश्याम सैनी, सुधीर पुंडीर, नवीन शर्मा आदि मौजूद रहे।
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मेरठ। शास्त्री नगर के व्यापारियों और हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने गढ़ रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर की भूमि को बेचने का विरोध किया। उन्हाेंने नारेबाजी कर कुछ देर के लिए हंगामा किया। बाद में जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और प्रशासनिक स्तर पर प्रकरण की जांच कराने की मांग की।
शास्त्री नगर जागृति विहार संयुक्त व्यापार संघ के संरक्षक सतीश चंद्र गर्ग और वीरेंद्र शर्मा बिल्लू ने बताया कि मंदिर की भूमि का विक्रय रजिस्ट्री के माध्यम से किया गया। इसके बाद मंदिर की छत के लिंटर को तोड़कर मंदिर में लगी कुछ मूर्तियों को खंडित कर दिया गया। इस बारे में नौचंदी थाने में केस दर्ज कराया गया। उन्होंने बताया कि एक मिष्ठान विक्रेता का मंदिर में कब्जे में मुख्य योगदान रहा। मिष्ठान विक्रेता के कर्मचारियों ने तेज आवाज में रात्रि में म्यूजिक बजाया। ऐसे में आसपास के लोगों को लिंटर ध्वस्त होेने की जानकारी सुबह को हुई। आरोप लगाया कि घटनाक्रम में पुलिस और अन्य विभागों से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध हैं। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में नीरज त्यागी, करुणेश नंदन गर्ग, घनश्याम सैनी, सुधीर पुंडीर, नवीन शर्मा आदि मौजूद रहे।
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