मेजर ने फांसी लगाकर दे दी जान, सबसे पहले परेड में पहुंचते थे मेजर
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सहारनपुर में रिमाउंट डिपो में तैनात मेजर ने अपने क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह लोगों ने फांसी के फंदे पर झूलते हुए देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया गया कि मेजर ने बुधवार की रात को फांसी लगाई थी।
जम्मू कश्मीर निवासी मेजर जीएस बाली सहारनपुर में रिमाउंट डिपो में लगभग सात माह से तैनात थे। रिमाउंट डिपो के अधिकारियों के अनुसार वह काफी समय से डिप्रेशन में चल रहे थे। उनका मेरठ के एक अस्पताल में उपचार चल रहा था। बुधवार की रात को वह ड्यूटी समाप्त कर अपने सरकारी क्वार्टर पर गए थे। बृहस्पतिवार सुबह देर तक उनके क्वार्टर का दरवाजा नहीं खुला। लोगों को जब संदेह हुआ तो उन्होंने क्वार्टर में जाकर देखा तो वह फंदे पर लटकते नजर आए। तुरंत ही लोगों ने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रिमाउंट डिपो के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मेजर के शव को फंदे से नीचे उतारा और मामले की जांच की। अधिकारियों ने मेजर के परिजनों को जम्मू सूचना दी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मानसिक बीमारी के चलते ही आत्महत्या मानकर चल रही है। फिलहाल परिजनों का इंतजार किया जा रहा है। इस मामले में अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है।
मौके पर पहुंची पुलिस
रिमाउंट डिपो में तैनात मेजर जीएस बाली सुबह 6 बजे होने वाली पीटी और परेड में सबसे पहले पहुंच जाते थे। बृहस्पतिवार को परेड खत्म होने तक भी नहीं पहुंचे तो साथी अधिकारियों को संदेह हुआ। उन्होंने मेजर के सरकारी आवास पर जाकर तलाश किया तब मेजर के आत्महत्या किए जाने का खुलासा हुआ।
जम्मू-कश्मीर के बड़गांव जिले के तहसील बाऊ स्थित रमकी पुरा निवासी मेजर जीएस बाली (42 वर्ष) पुत्र लोक सिंह बाली नवंबर में ही सहारनपुर के रिमाउंट डिपो में तैनात हुए थे। पुलिस के अनुसार वह मानसिक रूप से बीमार थे और मेरठ के एक अस्पताल में उनका काफी समय से उपचार चल रहा था। समय-समय पर मेरठ जाकर वह दवा लेकर आते थे।
पुलिस के अनुसार मेजर के साथी अधिकारियों ने बताया कि मेजर नियमित रूप से सबसे पहले पीटी और परेड के लिए मैदान में पहुंच जाते थे और पूरा समय देते थे, लेकिन बृहस्पतिवार को पीटी समाप्त होने तक भी वह मैदान में नहीं पहुंचे। उन्हें बुलवाने के लिए भेजा गया। काफी देर तक उनके क्वार्टर का दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला तो संदेह हुआ।
साथी अधिकारियों ने किसी प्रकार आवास में झांक कर देखा तो उनके होश उड़ गए। मेजर रस्सी के फंदे पर लोहे के एंगल से लटक रहे थे। यह देखते ही हड़कंप मच गया। तुरंत ही उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। लोगों ने उनके आवास का दरवाजा तोड़ दिया और रस्सी के फंदे पर लटक रहे मेजर को उतारा गया। पुलिस के अनुसार पूरे कमरे की जांच की, जहां उनकी दवाइयां और कुछ कागज मिले। रिमाउंट डिपो के अधिकारियों ने बताया कि मेजर जीएस बाली मानसिक रोगी थे और काफी समय से मानसिक तनाव में चल रहे थे। बताया जा रहा है कि जीएस बाली के परिवार में जनवरी में बेटी ने जन्म लिया है।
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