मिशन 2019: बदले समीकरणों में दांव पर होगी विधायकों की भी साख
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही अब हर किसी की चर्चा चुनाव पर है। कौन जीतेगा और कौन हारेगा, इस पर टिकट से पहले ही माथापच्ची शुरू हो गई है। कुल मतदाताओं में पुरुषों की संख्या नौ लाख 12 हजार 745 है।
पांचों विधानसभा क्षेत्र में इस समय भाजपा के ही विधायक हैं। इनमें मुजफ्फरनगर से कपिलदेव अग्रवाल, चरथावल से विजय कश्यप, खतौली से विक्रम सैनी, बुढ़ाना से उमेश मलिक, सरधना से संगीत सोम हैं। बीजेपी विधायकों पर भी पार्टी प्रत्याशी को अपने क्षेत्र से जिताने का दबाव रहेगा। दूसरी तरफ रालोद प्रमुख अजित सिंह के चुनाव मैदान में आने से चुनाव यहां दिलचस्प होने के आसार हैं।
जिले की छह विधानसभा सीटों में से चार मुजफ्फरनगर और दो बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में लगती है। बिजनौर में लगने वाली मीरापुर विधानसभा सीट पर 302769 मतदाता है और पुरकाजी में 322418 वोटर हैं।
मुजफ्फरनगर
विधानसभा क्षेत्र कुल वोट
बुढ़ाना 369492
चरथावल 323783
मुजफ्फरनगर 344847
खतौली 305475
सरधना 341997
2014 में भाजपा को मिले थे रिकार्ड मत
जिले में वर्ष 2013 में दंगे के बाद ध्रुवीकरण और मोदी लहर में भाजपा ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में यह सीट चार लाख एक हजार एक सौ पचास मतों से जीती थी। संसदीय चुनाव में जीत के रिकॉर्ड के हिसाब से देश में सांसद बने डॉ संजीव बालियान ने तीसरे स्थान पर थे।
भाजपा प्रत्याशी बालियान को छह लाख 53 हजार 391 वोट मिले थे। बसपा के कादिर राना को दो लाख 52 हजार 241, सपा के विरेंद्र सिंह एक लाख 60810 तथा कांग्रेस के पंकज अग्रवाल को 12937 वोट मिले थे। आप प्रत्याशी यामीन को 1933 मत ही मिल पाए थे। नोटा में 4739 मत गए।